दिनांक : 03-Oct-2023 08:44 PM
Follow us : Youtube | Facebook | Twitter
Shadow

‘पढ़ई तुहंर दुआर‘: बच्चों को पढ़ाई के साथ मिल रहा तकनीकी ज्ञान : कक्षा 5वीं का छात्र विमल भी बना नायक

23/02/2021 posted by Priyanka (Media Desk) Chhattisgarh    

छत्तीसगढ़ में संचालित ‘पढ़ई तुहंर दुआर‘ कार्यक्रम से प्रदेश के सभी बच्चों को लाभ मिल रहा है। इसके साथ ही बच्चें अलग-अलग तरह का तकनीकी ज्ञान भी सीख पा रहे है। पढ़ई तुहंर दुआर कार्यक्रम में शिक्षक-छात्र सहित अधिकारी जो कोविड-19 के दौर में विशेष रूप से शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं, उन्हें स्कूल शिक्षा विभाग के पोर्टल ‘पढ़ई तुंहर दुआर‘ प्लेटफार्म पर मुख्य पृष्ठ में हमारे नायक के रूप में प्रतिदिन बेहतर कार्य करने वाले छात्र और शिक्षक की सफलता के कहानी लिखकर स्थान दिया जाता है।

इसी कड़ी में जिला बिलासपुर विकासखण्ड कोटा के शासकीय प्राथमिक शाला तिलकडीह की पांचवी कक्षा में पढ़ने वाले छात्र विमल सिंह गोंड़ जिसने मोहल्ला क्लास में पढ़ते हुए बहुत सारी कला सीखी है। कहते हैं “मेहनत इतनी खामोशी से करो, कि कामयाबी शोर मचा दे।”

छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने राज्य के छात्र-छात्राओं के पढ़ाई के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए स्कूल शिक्षा विभाग में “पढ़ई तुंहर दुआर” की शुरुआत की। पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखने में कारगर साबित हो रहा है। जिसका लाभ प्रदेश के सभी विद्यार्थियों को मिल रहा है। इससे हर बच्चा ऑनलाईन हो या ऑफलाईन शिक्षा का लाभ पा रहा है।

ऐसे में कोटा विकासखण्ड के रतनपुर तहसील अंतर्गत आने वाले तिलकडीह प्राथमिक शाला के पांचवी में पढ़ने वाला छात्र विमल ने स्टोरी विवर के वेबसाइट में 50 कहानियों का स्थानीय भाषा छत्तीसगढ़ी भाषा में अनुवादित कर एक नई शुरूआत की है, जिसे छात्र द्वारा स्वयं पब्लिश भी किया जा चुका है। छात्र विमल ने स्टोरिविवर सहित ऑग्मेंटेड रियलिटी वीडियो बनाने सहित मोहल्ला क्लास में खिलौना बनाने का भी काम करता है। विकासखण्ड स्तरीय खिलौना प्रदर्शनी-सह स्टोरी विवर प्रतियोगिता में विमल प्रथम स्थान पाकर तिलकडीह स्कूल का नाम रोशन किया है।

Author Profile

Priyanka (Media Desk)
Priyanka (Media Desk)प्रियंका (Media Desk)
"जय जोहार" आशा करती हूँ हमारा प्रयास "गोंडवाना एक्सप्रेस" आदिवासी समाज के विकास और विश्व प्रचार-प्रसार में क्रांति लाएगा, इंटरनेट के माध्यम से अमेरिका, यूरोप आदि देशो के लोग और हमारे भारत की नवनीतम खबरे, हमारे खान-पान, लोक नृत्य-गीत, कला और संस्कृति आदि के बारे में जानेगे और भारत की विभन्न जगहों के साथ साथ आदिवासी अंचलो का भी प्रवास करने अवश्य आएंगे।