दिनांक : 14-Jul-2024 06:43 PM
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Vishesh Lekh

सफलता की कहानी : रंग से रेनोवेशन, अनुपा ठाकुर ने किया आंगनबाड़ी केंद्र का सुंदर बदलाव, बनी चेम्पियन आफ चेंज

सफलता की कहानी : रंग से रेनोवेशन, अनुपा ठाकुर ने किया आंगनबाड़ी केंद्र का सुंदर बदलाव, बनी चेम्पियन आफ चेंज

Chhattisgarh, Mahasamund, Vishesh Lekh
निर्मल आंगनबाड़ी अभियान अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य कर आंगनबाड़ी केंद्र को आदर्श स्वरूप प्रदान करने वाली बागबाहरा विकासखंड के आंगनबाड़ी केंद्र बागबाहरा कला की कार्यकर्ता श्रीमती अनुपा ठाकुर अपने कार्य से अन्य कार्यकताओं के लिए मिसाल बन गई है। चर्चा के दौरान उन्होंने हर्ष के साथ बताया कि पीरामल टीम एवं परियोजना अधिकारी द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की सेक्टर बैठक के दौरान निर्मल आंगनबाड़ी अभियान कार्यक्रम के बारे में जानकारी प्राप्त करके बहुत की अच्छा लगा। कार्यशाला से वापस आकर मैंने इस बारे में विचार किया कि मुझे भी अपने आंगनबाड़ी को बहुत ही सुंदर बनाना है जो कि अंदर से तो सुंदर रहे ही साथ ही बाहर से देखते ही सभी के लिए आकर्षक हो जाए। चूंकि मुझे साज-सज्जा की वस्तुएं बनाना, चित्रकला, पेंटिंग ये सभी चीजे हमेशा से ही पसंद थी इसलिए मैंने सोचा की क्यों न सभी लोग मिलकर आंगनबाड़ी की पुताई करें और आंगनबाड़ी को आ...
ग्राफ्टेड बैगन, टमाटर से कमा रहे कुंवर सिंह लाखों का मुनाफा

ग्राफ्टेड बैगन, टमाटर से कमा रहे कुंवर सिंह लाखों का मुनाफा

Chhattisgarh, Janjgir Champa, Vishesh Lekh
परम्परागत धान की खेती करने वाले कुंवर सिंह मधुकर ने कभी नहीं सोचा था कि वह कभी उन्नतशील किसान की श्रेणी में एक दिन खड़े हो सकेंगे, लेकिन जब से वह उद्यानिकी विभाग की राष्ट्रीय कृषि विकास योजना से जुड़े उनके जीवन में बदलाव आना शुरू हो गया और वह भी दिन आया जब उनके कार्य की प्रशंसा पूरे प्रदेश में होने लगी। उनके कार्यों का फल उन्हें मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ युवा प्रगतिशील किसान के रूप में सम्मानित करते हुए किया। इसके साथ ही उन्हें इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च के माध्यम से लखपति कृषक बनने पर पुरस्कृत किया गया। जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखण्ड की ग्राम पंचायत बारगांव में रहने वाले कुंवर सिंह मधुकर है, जो खेती किसानी करके अपने एवं परिवार का पालन पोषण कर जीवन यापन कर रहे थे। एक दिन उनको उद्यानिकी विभाग की संचालित योजनाओं के बारे में जानकारी मिली। विभागीय योजनाओं...
विशेष लेख : युवाओं को रोजगार से जोड़ना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

विशेष लेख : युवाओं को रोजगार से जोड़ना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

Chhattisgarh, Vishesh Lekh
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देशन में बेरोजगारी भत्ता योजना राज्य के युवाओं के भविष्य के लिए नए रास्ते खोल रही है। योजना के अंतर्गत युवाओं को बेरोजगारी भत्ते के साथ ही प्रशिक्षण भी मिल रहा है ताकि उन्हें  रोजगार भी मिले, उनका भविष्य उज्ज्वल हो और युवाओं के हाथों में काम हो। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने योजना के अंतर्गत बेरोजगार युवाओं के बैंक खातों में अब तक 01 लाख 22 हजार 625 हितग्राहियों को 112 करोड़ 43 लाख 30 हजार रूपए का अंतरण कर उनके चेहरे पर मुस्कान बिखेरने का काम कर रहे हैं। इसके साथ ही ये युवा हमेशा इस योजना के भरोसे न रहें इसके लिए रोजगार मूलक प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि युवा सक्षम बनकर रोजगार प्राप्त कर सकें। प्रदेश के ऐसे युवा जिनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने की वजह से उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी सहित अन्य खर्चे उठाने में परेशानी उठानी पड़ती ...
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर विशेष लेख : जनजातीय लोक संस्कृति को मिली देश-दुनिया में नई पहचान

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर विशेष लेख : जनजातीय लोक संस्कृति को मिली देश-दुनिया में नई पहचान

Chhattisgarh, Raipur, Vishesh Lekh
थाईलैंड के युवा कलाकार एक्कालक नूनगोन थाई ने राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की सराहना करते हुए कहा था कि जनजाति समुदाय की अपनी कला, संस्कृति होती है, इसकी पहचान आवश्यक है। जनजाति समुदाय एक कस्बे या इलाकों में निवास करते हैं, ऐसे में उनकी कला, संस्कृति की पहचान एक सीमित क्षेत्र में सिमट कर रह जाती है। जनजाति समाज की कला और संस्कृति के संरक्षण में ऐसे आयोजनों की बड़ी भूमिका है। बेलारूस की सुश्री एलिसा स्टूकोनोवा ने कहा था कि यह उसका सौभाग्य है कि वह छत्तीसगढ़ आई। उसे छत्तीसगढ़ के कलाकारों की प्रस्तुति देखकर अहसास हुआ कि यहां की संस्कृति, जीवन में कितनी विविधताएं हैं। छत्तीसगढ़ में मेला, उत्सव व महोत्सव लोक परंपरा का एक अंग हैं। वहीं राज्य की लोक संस्कृति एवं आदिवासी एक-दूसरे के पर्याय हैं। यहां के वन और सदियों से निवासरत आदिवासी राज्य की विशेष पहचान रहे हैं। प्...
चिंगारपगार झरने में अचानक आई बाढ़: प्रकृति के साथ खिलवाड़ या किसी बड़े हादसे का इंतजार?

चिंगारपगार झरने में अचानक आई बाढ़: प्रकृति के साथ खिलवाड़ या किसी बड़े हादसे का इंतजार?

Chhattisgarh, Gariabandh, Tourism, Various, Vishesh Lekh
वर्षा ऋतु में छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक छटा अत्यंत मनोहारी होती है और यह सभी सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करती है। सावन का महीना आते ही हरियाली की चादर से जैसे पूरा छत्तीसगढ़ आच्छादित हो जाता है, कहना पड़ेगा इंद्र देव की छत्तीसगढ़ पर विशेष कृपा है।  साथ ही यहाँ अनगिनत झरने बहने लगते है। कुछ चित्रकूट जलप्रपात के जैसे विशाल तो कुछ गजपल्ला जैसे बरसाती झरने। जो भी हो झरने हमेशा पर्यटकों को आकर्षित करते है। केवल गरियाबंद जिले में ही 10 से अधिक झरने बहते है। जिसे देखने के लिए अच्छी खासी भीड़ उमड़ती है। विशेषकर सप्ताहांत में तो पर्यटकों की भीड़ से सड़को पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। यह सब देखने सुनने में अच्छा लगता है लेकिन ठहरिये हम छत्तीसगढ़ की बात कर रहे है। जहाँ पर पर्यटन क्षेत्र और पर्यटक तो है लेकिन मुलभूत सुविधाऐं कुछ नहीं है। अभी हाल ही में बीते रविवार को गरियाबंद के चिंगरापगार झरने में ...
बरसात में आंखों का रखें खास ख्याल : एलर्जिक कन्जक्टिवाइटिस होने पर हो सकती है खुजली, आंखों से पानी आना और सूजन जैसी समस्याएं

बरसात में आंखों का रखें खास ख्याल : एलर्जिक कन्जक्टिवाइटिस होने पर हो सकती है खुजली, आंखों से पानी आना और सूजन जैसी समस्याएं

Chhattisgarh, Vishesh Lekh
बारिश, नमी और दूषित जल से कई तरह के बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं, जिनमें से कुछ आंखों के संक्रमण का कारण बन सकते हैं। बारिश के दिनों में हवा में नमी बढ़ने के कारण वायरस और बैक्टीरिया का खतरा बढ़ जाता है। इससे आंखों में कन्जक्टिवाइटिस, रेडनेस, आई फ्लू आदि की समस्या होने लगती है। कन्जक्टिवाइटिस वायरस और बैक्टीरिया से फैलता है, जिसके चलते यह एक से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैलता है। कन्जक्टिवाइटिस को पिंक आइज की समस्या भी कहा जाता है। ज्यादातर यह समस्या सामान्य इलाज से ही ठीक हो जाती है। इसके गंभीर होने का खतरा कम होता है। चूंकि आंख सबसे ज्यादा संवेदनशील अंग है, इसलिए इनका विशेष ख्याल रखने की जरूरत होती है। एलर्जिक कन्जक्टिवाइटिस होने पर खुजली, आंखों से पानी आना और सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। संचालक, महामारी नियंत्रण डॉ. सुभाष मिश्रा ने बताया कि कन्जक्टिवाइटिस संक्रामक बीमारी है जो सम्पर्क से...
सिरपुर: कभी ‘श्री’पुर था लेकिन अब केवल ‘पुर’ ही बचा है, जहाँ सुविधाएं शून्य है

सिरपुर: कभी ‘श्री’पुर था लेकिन अब केवल ‘पुर’ ही बचा है, जहाँ सुविधाएं शून्य है

Chhattisgarh, Mahasamund, Tourism, Various, Vishesh Lekh
नदियों के किनारे सभ्यता का जन्म हुआ और विकास भी हुआ। महानदी के किनारे जन्मे इस महान और विकसित सभ्यता का क्षेत्र सिरपुर जिसका नाम कभी श्रीपुर हुआ करता था। श्री माने महालक्ष्मी और सच में कभी माता महालक्ष्मी इस क्षेत्र में निवास करती थी और इस बात के साक्षात् प्रमाण है यहाँ की भव्य मंदिर जो अब खंडहरों में परिवर्तित हो चुके है। किन्तु उन भग्नावशेषों को देखकर अब यह अंदाज़ा लगाना बहुत मुश्किल है कि सिरपुर कभी दक्षिण कौशल की न केवल राजधानी बल्कि औद्योगिक क्षेत्र हुआ करती थी। सिरपुर की प्राचीनता का सर्वप्रथम परिचय शरभपुरीय शासक प्रवरराज तथा महासुदेवराज के ताम्रपत्रों से उपलब्ध होता है जिनमें 'श्रीपुर' से भूमिदान दिया गया था । सोमवंशी शासकों के काल में सिरपुर दक्षिण कोसल का महत्वपूर्ण राजनैतिक एवं सांस्कृतिक केंन्द्र के रुप में प्रतिष्ठित हुआ । इस वंश के महाप्रतापी शासक महाशिवगुप्त बालार्जुन के 58...
पुरुषोत्तम श्रावण मास में शिव पूजन एवं रुद्राभिषेक का विशेष महत्व – पं. पदुम शास्त्री

पुरुषोत्तम श्रावण मास में शिव पूजन एवं रुद्राभिषेक का विशेष महत्व – पं. पदुम शास्त्री

Rajim Nawapara, Vishesh Lekh
यह श्रावण मास इस समय बहुत ही श्रेष्ठ है  पंडित पदुम पांडेय काली मंदिर नवापारा वाले बताते हैं की 19 वर्ष बाद ऐसा संयोग बना है जो हर कामना को सिद्धी प्रदान करने वाला है 18से 16जुलाई तक अधिक मास रहेगा,शास्त्र में वर्णित है कि अधिक मास में जो व्यक्ति हरि और हर दोनों (महादेव और भगवान विष्णु) की आराधना करता है, उसे अश्वमेघ यज्ञ के बराबर फल मिलता है। इस काल में अपने सारे शुभ नए कार्य छोड़ कर भगवान की आराधना और दान में लगाना चाहिए। नियमित रूप से शिव पर जर्लापण करें। सोमवारी का व्रत करें। आपने परिवार की रक्षा सुरक्षा हेतू अलग अलग दिन में शिव पूजन का महत्व है बन सके तो आपने घर मे पार्थिव शिव लिंग बना के रुद्राभिषेक कराए मंदिर में भी करा सकते है सोमवार को अभिषेक करने से घर परिवार में शान्ति मिलती है चंद्रमा शुभ फल प्रदान करते हैं । मंगलवार को भूमि से जुड़ी विघ्न बाधा दूर एवम मंगल शान्ति होती...
विशेष लेख : खेती किसानी से जुड़ा प्रदेश का परम्परागत पर्व हरेली

विशेष लेख : खेती किसानी से जुड़ा प्रदेश का परम्परागत पर्व हरेली

Chhattisgarh, Vishesh Lekh
छत्तीसगढ़ में हरेली त्यौहार का विशेष महत्व है। हरेली छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार है । ग्रामीण क्षेत्रों में यह त्यौहार परंपरागत् रूप से उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन किसान खेती-किसानी में उपयोग आने वाले कृषि यंत्रों की पूजा करते हैं गांव में बच्चे और युवा गेड़ी का आनंद लेते हैं। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर लोक महत्व के इस पर्व पर सार्वजनिक अवकाश भी घोषित किया गया है। इससे छत्तीसगढ़ की संस्कृति और लोक पर्वों की महत्ता भी बढ़ गई है। लोक संस्कृति इस पर्व में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की भी शुरूआत की जा रही है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के परंपरागत तीज-त्यौहार, बोली-भाखा, खान-पान, ग्रामीण खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री की पहल पर राज्य शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने लोगों तक गेड़ी की उपलब्धता के लि...
विशेष लेख : जलवायु परिवर्तन, स्वच्छ ऊर्जा और छत्तीसगढ़ की पहल

विशेष लेख : जलवायु परिवर्तन, स्वच्छ ऊर्जा और छत्तीसगढ़ की पहल

Chhattisgarh, Vishesh Lekh
इस साल जुलाई महीने की तीसरी तारीख को दुनिया का औसत तापमान 17.18 डिग्री दर्ज किया गया। यह विश्व का अब तक का सबसे अधिकतम तापमान है। वैज्ञानिक इसका कारण एलनीनो और क्लाइमेट चेंज बता रहे हैं। इसका उपाय भी बताया जा रहा है कि स्वच्छ ऊर्जा की ओर दुनिया रूख करे। अबुधाबी से लेकर फ्रांस तक इसके लिए देशों की शिखर वार्ताएं की जा रही हैं। जलवायु परिवर्तन के इस बड़े खतरे को देखते हुए निश्चित रूप से दुनिया को स्वच्छ ऊर्जा के विकल्पों की ओर ध्यान देना होगा। जो भी देश इस दिशा में आरंभिक पहल करेंगे, वे इस दिशा में अग्रणी रहेंगे। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल हमेशा से परंपरा से संचयित ज्ञान को महत्व देते हैं और हमारे पूर्वजों ने जो कृषि परंपरा की अच्छी बातें सिखाई हैं उसे वर्तमान में पुनः कृषि में पूरे जोर से स्थापित कराने का श्रेय उन्हें जाता है। क्लाइमेट चेंज जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए छत्तीसगढ़ न...