दिनांक : 19-Apr-2024 08:30 AM
Follow us : Youtube | Facebook | Twitter
Shadow

जयपुर में मुख्यमंत्री कार्यालय पर शहरी रोजगार गारंटी योजना इंदिरा रसोई योजना को लेकर हुई समीक्षा बैठक

11/10/2022 posted by Bishes Dudani Chhattisgarh    

जयपुर। मुख्यमंत्री  कार्यालय में इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना, इंदिरा रसोई योजना सहित विभिन्न शहरी योजनाओं की समीक्षा बैठक को संबोधित किया। इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना शहरी बेरोजगारों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से शहरों में रह रहे बेरोजगारों के लिए आजीविका के साधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही इंदिरा रसोई योजना के माध्यम से गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को मात्र 8 रूपए में पौष्टिक भोजन सम्मान के साथ परोसा जा रहा है। इस तरह की योजनाओं से प्रदेश में बेरोजगारी एवं महंगाई पर एक साथ प्रहार किया जा रहा है।

800 करोड़ रूपए के बजट से संचालित इंदिरा गांधी शहरी रोजगार योजना में अब तक शहरी क्षेत्र के 3.02 लाख से अधिक परिवारों ने योजना के अन्तर्गत पंजीकरण करवाया है और वर्तमान पखवाड़े में लगभग 66 हजार लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना के अंतर्गत प्रदेशभर में 6905 इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना में स्वच्छता संबंधी कार्यों को प्राथमिकता देने के साथ ही पर्यावरण व जल संरक्षण कार्य, ठोस कचरा प्रबंधन कार्य, अतिक्रमण एवं अवैध बोर्ड/होर्डिंग्स हटाने का कार्य, हैरिटेज संरक्षण आदि कार्य किए जा रहे हैं। योजना में लाभार्थी परिवार को 100 दिन का रोजगार उपलब्ध करवाया जा रहा है।

इंदिरा रसोई योजना में परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता एवं योजना में पारदर्शिता की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। जनप्रतिनिधियों को भी प्रतिमाह रसोईयों में जाकर भोजन करना चाहिए ताकि गुणवत्ता की सुनिश्चितता हो सके। यह योजना आज महंगाई के दौर में बाहर से आने वाले विद्यार्थियों एवं कार्मिकों के लिए एक वरदान साबित हो रही है।

बैठक में बताया गया कि इंदिरा रसोई योजना में अब तक 7.42 करोड़ लोगों को भोजन की थालियां परोसी जा चुकी हैं। प्रदेश में कुल 870 रसोइयां संचालित हैं, जिनकी संख्या 1000 तक किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। जिसके पश्चात 13.81 करोड़ भोजन थाली प्रतिवर्ष वितरण की जा सकेंगी। यह सुखद बात है कि प्रदेश में 500 से अधिक स्थानीय सेवाभावी संस्थाओं के द्वारा ‘ना लाभ ना हानि’ के आधार पर रसोइयों का संचालन किया जा रहा है। इंदिरा रसोई योजना में भामाशाहों द्वारा भी भोजन प्रायोजित किया जा सकता है। अधिकारी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर इंदिरा रसोइयों के संचालन की संभावनाएं भी तलाशें।

इस दौरान जयपुर की चारदीवारी में सीवरेज तंत्र के सुदृढीकरण, जयपुर नाइट बाजार के संचालन, परकोटे के सौन्दर्यीकरण, टाउनहॉल, जलेब चौक, गांधी म्यूजियम, राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर तथा महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज आदि योजनाओं की प्रगति के बारे में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

स्वायत्त शासन मंत्री श्री शांति धारीवाल ने कहा कि इंदिरा रसोई योजना के लिए ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लगातार फीडबैक लिया जा रहा है। प्रायोजित भोजन को प्रोत्साहन देने के लिए प्रायोजनकर्ताओं को प्रशंसा पत्र भी दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की भी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

शासन सचिव स्वायत्त शासन श्री जोगाराम ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से योजनाओं की प्रगति के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना में अब तक 3.02 लाख जॉब कार्ड जारी किए जा चुके हैं। बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती उषा शर्मा, प्रमुख शासन सचिव वित्त श्री अखिल अरोरा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Author Profile

Bishes Dudani
बिशेष दुदानी रायपुर में निवास करते है, इन्होने ने Btech IT की डिग्री की है, वेब डेवलपमेंट और पत्रकारिकता में रूचि है। दैनिक इस्पात टाइम्स रायपुर एवं रायगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार है और गोंडवाना एक्सप्रेस में सह-संपादक/प्रबंधक की भुमिका निभा रहे है।