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रायपुर : मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की दी शुभकामनाएं

26/01/2021 posted by Priyanka (Media Desk) Chhattisgarh    

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को देश के 72वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने अपने संदेश में कहा है कि गणतंत्र दिवस लोकतंत्र का महापर्व है। आज ही के दिन देश का संविधान लागू हुआ। हमारे महान नेताओं के त्याग और बलिदान से देश को जो आजादी मिली, हमें जो संविधान मिला और जो लोकतंत्र का वरदान मिला है, वह लगातार मजबूत हो।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि हमारे संविधान की प्रस्तावना के पहले वाक्य ‘हम भारत के लोग‘ ने 26 जनवरी 1950 से लेकर आज तक भारत के जनमन में लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति भरोसे को बनाए रखा है। विविध रंगों से सजे भारत के लिए हमारे पुरखों ने एक ऐसी बुनियाद रखी, जिसमें देश की एकता और अखण्डता, हर एक व्यक्ति की स्वतंत्रता, भाईचारा, समानता और न्याय समाहित है। संविधान की यही मूल भावना है। चुनौतियों से भरे इस समय में संविधान की भावना को बनाए रखने के लिए छत्तीसगढ़ हमेशा प्रतिबद्व है।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोरोना संकट काल में छत्तीसगढ़ में आर्थिक विकास का पहिया लगातार गतिमान रहा। राज्य में कृषि, उद्योग, रियल इस्टेट सहित सभी सेक्टरों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हुई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सुराजी गांव योजना, गोधन न्याय योजना और राजीव गांधी किसान न्याय योजना की शुरूआत हुई। इन योजनाओं के क्रियान्वयन के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ में आर्थिक बदलाव का नया युग प्रारंभ हुआ है। कोरोना संकट के दौरान गरीबों, मजदूरों, मध्यम वर्ग और किसानों को राहत देने के लिए कई नए फैसले लिए गए। कोरोना महामारी से निपटने में कोरोना वॉरियर्स सहित समाज के सभी वर्गाें, सामाजिक संगठनों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। श्री बघेल ने प्रदेशवासियों से पुरखों की परिकल्पना के अनुरूप गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ में सक्रिय भागीदारी का आव्हान किया है।

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Priyanka (Media Desk)
Priyanka (Media Desk)प्रियंका (Media Desk)
"जय जोहार" आशा करती हूँ हमारा प्रयास "गोंडवाना एक्सप्रेस" आदिवासी समाज के विकास और विश्व प्रचार-प्रसार में क्रांति लाएगा, इंटरनेट के माध्यम से अमेरिका, यूरोप आदि देशो के लोग और हमारे भारत की नवनीतम खबरे, हमारे खान-पान, लोक नृत्य-गीत, कला और संस्कृति आदि के बारे में जानेगे और भारत की विभन्न जगहों के साथ साथ आदिवासी अंचलो का भी प्रवास करने अवश्य आएंगे।