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सशक्त और समृद्ध छत्तीसगढ़ बनाना, हमारा मुख्य ध्येय: मुख्यमंत्री बघेल

30/09/2023 posted by Priyanka (Media Desk) Chhattisgarh, Raipur    

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है, इसे देखते हुए हमने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का काम किया। हमने सबसे पहले किसानों की कर्ज माफी और उनके सिंचाई कर की बकाया राशि माफ की। छत्तीसगढ़ देश मेें किसानों को उनकी उपज का सर्वाधिक मूल्य देने आज अग्रणी राज्य है। बीते पांच साल में राज्य सरकार ने सभी तबके के उत्थान के लिए काम किया है। हमने अपनी योजनाओं में किसानों, आदिवासियों के साथ ही श्रमिकों, बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए फोकस रखा। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज राजधानी रायपुर में दैनिक भास्कर द्वारा आयोजित ’नेताजी न्यूजरूम में’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री विनोद वर्मा और श्री रूचिर गर्ग, सहित जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि जब हमारी सरकार बनी तो छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी समस्या जो मेरे सामने थी वो 40 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे थे, 41 प्रतिशत बच्चे कुपोषण के शिकार थे और 47 प्रतिशत 15 से 59 वर्ष की महिलाएं एनीमिया से ग्रसित थे। सबसे पहले चुनौती इन समस्याओं से निपटने की थी, राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से आज 40 लाख लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के माध्यम से दो लाख से अधिक बच्चे कुपोषण से बाहर आए है और डेढ़ लाख से अधिक महिलाएं एनीमिया से मुक्त हुए हैं। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत 25 लाख रूपए तक इलाज कर रहे हैं। लोगों को धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर योजना के तहत 72 प्रतिशत छूट पर सस्ती दवाई उपलब्ध कराई जा रही है।
बस्तर अंचल की समस्या और चुनौती को हमने स्वीकार करते हुए वहां विकास, विश्वास और सुरक्षा की नीति अपनाई। हमारी सरकार ने वनांचल के लोगों की आमदनी बढ़ाने के लिए मछली पालन, लाख पालन, मधुमक्खी पालन को कृषि का दर्जा दिया है। लघु वनोपजों के साथ ही कोदो, कुटकी और रागी का समर्थन मूल्य पर खरीदी करने के साथ ही मिलेट प्रोसेसिंग की भी शुरूआत की गई। कांकेर में एशिया का सबसे बड़ा मिलेट प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि आज नक्सलियों का दायरा सिमट गया है। बस्तर अंचल में बंद सैकड़ो स्कूलों को खोलने की बड़ी पहल हमने की है, जिससे भावी पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवा की पहुंच दूरस्थ अंचलों तक बढ़ाने के लिए हाट बाजार क्लीनिक योजना की शुरूआत की, क्योंकि हमें पता था लोग क्लीनिक जाए या न जाए लेकिन बाजार जरूर जाते है, तो हमने क्लीनिक को ही बाजार में ले गए। पहले तो इसके लिए सरपंचों द्वारा जगह उपलब्ध भी नहीं कराया जा रहा था, लेकिन धीरे-धीरे लोगों को इसके बारे में जानकारी मिली। इससे होने वाले फायदे के बारे में पता चला। बस्तर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में पहले लोगों को बीपी, शुगर की बीमारी क्या होती है, इससे वे अनजान थे, परंतु हाट बाजार क्लीनिक के माध्यम से न सिर्फ वहां के लोगों में व्याप्त बीमारी का पता चला जबकि उन बीमारियों का इलाज भी संभव हो सका। इसी का परिणाम है कि आज एक करोड़ 86 लाख से अधिक प्रदेशवासियों द्वारा इस योजना का लाभ मिला है। बस्तर में मलेरिया का प्रकोप फैला हुआ था, जिसे मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान के द्वारा दूर किए हैं।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को लेकर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि पीएससी की परीक्षा देने वाले किसी भी एक अभ्यर्थी ने अब तक शिकायत नहीं की है। यदि किसी तरह की कोई भी शिकायत आती है या किसी अभ्यर्थी द्वारा एक भी शिकायत की जाती है तो हम हर शिकायत की गंभीरता से जांच कराएंगे। जब आप योग्य हैं, आप परीक्षा दे रहे हैं, आप पात्रता रखते हैं तो उसका लाभ आपको निश्चित रूप से मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मैं छत्तीसगढ़ के अपने बच्चों के साथ हूं। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि युवा किसी भी तरह के बहकावे में ना आए, अपनी तैयारी मेहनत और लगन से करते रहे, यदि कोई गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच करेंगे और यदि कोई दोषी है तो उस पर जरूर कार्रवाई होगी।

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Priyanka (Media Desk)
Priyanka (Media Desk)प्रियंका (Media Desk)
"जय जोहार" आशा करती हूँ हमारा प्रयास "गोंडवाना एक्सप्रेस" आदिवासी समाज के विकास और विश्व प्रचार-प्रसार में क्रांति लाएगा, इंटरनेट के माध्यम से अमेरिका, यूरोप आदि देशो के लोग और हमारे भारत की नवनीतम खबरे, हमारे खान-पान, लोक नृत्य-गीत, कला और संस्कृति आदि के बारे में जानेगे और भारत की विभन्न जगहों के साथ साथ आदिवासी अंचलो का भी प्रवास करने अवश्य आएंगे।