दिनांक : 14-Apr-2024 08:42 PM
Follow us : Youtube | Facebook | Twitter
Shadow

रायपुर : शीघ्रलेखन परीक्षा 31 मार्च को : मुद्रलेखन परीक्षा 7 अप्रैल से

27/03/2024 posted by Priyanka (Media Desk) Chhattisgarh    

शीघ्रलेखन एवं मुद्रलेखन कम्प्यूटर कौशल परिषद्, लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ द्वारा हिन्दी एवं अंग्रेजी शीघ्रलेखन की परीक्षा 31 मार्च को होगी। हिन्दी एवं अंग्रेजी मुद्रलेखन की विभिन्न गतियों (5000, 8000, 10,000) की परीक्षाएं 7 अप्रैल से प्रारंभ की जा रही है। परीक्षा कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी परिषद की वेबसाईटhttps://shiksha.cg.nic.in/ctspपर उपलब्ध है।

शीघ्रलेखन एवं मुद्रलेखन कम्प्यूटर कौशल परिषद्, लोक शिक्षण संचालनालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार परीक्षार्थियों को चयनित परीक्षा के एक सप्ताह पूर्व क्रमवार प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे। 31 मार्च 2024 को आयोजित होने वाली हिन्दी और अंग्रेजी शीघ्रलेखन परीक्षा प्रवेश पत्र जारी किए जा चुके हैं। एडमिट कार्ड पर चयनित परीक्षाओं की तिथियों, परीक्षा केन्द्र, बैच एवं समय की जानकारी अंकित है। परीक्षार्थियों से अपेक्षा की गई है कि सभी परिषद की वेबसाईट से अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर लें एवं उसमें अंकित जानकारियों एवं निर्देशों का भलि-भांति से अवलोकन कर लें। परीक्षार्थियों को क्रमवार एस.एम.एस. के माध्यम से सूचना उपलब्ध करायी जा रही है।

उल्लेखनीय है कि शीघ्रलेखन एवं मुद्रलेखन कम्प्यूटर कौशल परिषद्, लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ द्वारा प्रथम सत्र अप्रैल, मई, जून 2024 के लिए कम्प्यूटर साफ्टवेयर के माध्यम से परिषद द्वारा निर्धारित परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षाएं आयोजित किए जाने हेतु ऑनलाईन आवेदन पत्र मंगाये गए थे। आवेदन पत्रों की जांच के पश्चात् 31 मार्च 2024 को हिन्दी एवं अंग्रेजी शीघ्रलेखन एवं 7 अप्रैल 2024 से हिन्दी एवं अंग्रेजी मुद्रलेखन की विभिन्न गतियों (5000, 8000, 10,000) की परीक्षाएं आरंभ की जा रही है।

Author Profile

Priyanka (Media Desk)
Priyanka (Media Desk)प्रियंका (Media Desk)
"जय जोहार" आशा करती हूँ हमारा प्रयास "गोंडवाना एक्सप्रेस" आदिवासी समाज के विकास और विश्व प्रचार-प्रसार में क्रांति लाएगा, इंटरनेट के माध्यम से अमेरिका, यूरोप आदि देशो के लोग और हमारे भारत की नवनीतम खबरे, हमारे खान-पान, लोक नृत्य-गीत, कला और संस्कृति आदि के बारे में जानेगे और भारत की विभन्न जगहों के साथ साथ आदिवासी अंचलो का भी प्रवास करने अवश्य आएंगे।