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राष्ट्रीय खेल दिवस पर विशेष : राज्य के युवा अब कह रहे – खेलबो, जीतबो, गढ़बो नवा छत्तीसगढ़

28/08/2022 posted by Priyanka (Media Desk) Chhattisgarh, India    

छत्तीसगढ़ में साढ़े तीन साल पहले मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में गठित सरकार ने “गढ़बो नवा छत्तीसगढ़” का नारा दिया था और इसे राज्य का ध्येय वाक्य भी बनाया। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में मोड़ने और खेलों को प्रोत्साहित के लिए “खेलबो, जीतबो, गढ़बो नवा छत्तीसगढ़” का नारा भी दिया गया। इसी नारे के अनुरूप छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए माहौल भी बनाने की कवायद भी तेज हो गई और निरंतर खेल व खिलाड़ियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं मुहैया कराने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इस कड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार ने सबसे पहले छत्तीसगढ़ खेल विकास प्राधिकरण का गठन किया गया। वहीं राजधानी रायपुर से लेकर बिलासपुर और बस्तर के नारायणपुर तक में खेल अकादमी को लेकर काम शुरू हो गए।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने सरकार में आते ही यह जाहिर कर दिया था कि वे छत्तीसगढ़ में हर वर्ग के लिए और हर क्षेत्र में काम करेंगे। महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने को पूरा करने की दिशा में काम करते हुए उन्होंने सबसे पहला निर्णय किसानों के हित में लिया। वहीं गोधन न्याय योजना और ग्रामीण आजीविका पार्क जैसे निर्णयों ने ग्रामीणों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का काम किया। मजदूरों के लिए मनरेगा के तहत सर्वाधिक दिवस रोजगार व राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना लागू की गई। माताओं, बच्चों से लेकर बुजुर्गों के लिए भी समय-समय पर विभिन्न योजनाएं लायी गईं। इन सबके बीच युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में केन्द्रीत करने के लिए भी छत्तीसगढ़ सरकार ने कवायद की।

राजीव युवा मितान क्लब का गठन :

छत्तीसगढ़ राज्य की युवा शक्ति को मुख्य धारा से जोड़कर, गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से राजीव युवा मितान क्लब योजना प्रारंभ की गई। इसमें प्रदेश के प्रत्येक ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकायों के वार्डों में कुल 13269 राजीव युवा मितान क्लब गठित किए जाने का लक्ष्य है। अब तक कुल 9917 युवा मितान क्लबों का गठन हो चुका है। प्रति क्लब 25 हजार रुपये प्रति तिमाही दिए जाने का प्रावधान है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में 33.325 करोड़ रुपये जिलों को जारी कर दिए गए हैं। राजीव युवा मितान क्लब से जुड़कर युवा खेल, सांस्कृतिक, सामाजिक गतिविधियों एवं जन-जागरूकता बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ खेल विकास प्राधिकरण :

प्रदेश के सभी खेल अकादमियों के संचालन, खेल अधोसंरचनाओं का विकास एवं समुचित उपयोग तथा खेलों के समग्र विकास हेतु छत्तीसगढ़ खेल विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है। खेलों को बढ़ावा देने समेत संबंधित अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए प्राधिकरण के गवर्निंग बॉडी और एक्जिक्यूटिव बॉडी की बैठकें भी हो चुकी हैं। इसके साथ ही खेल प्रशिक्षकों के 08 पदों पर संविदा भर्ती की कार्यवाही पूर्ण की जा चुकी है। वर्तमान में 15 खेल संघ विभाग से मान्यता प्राप्त हैं। वित्तीय वर्ष 2021-22 में 1.43 करोड़ रुपये अनुदान राशि भी जारी किया गया है। वहीं व्यायाम शाला निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 में 40.17 लाख रुपये की राशि जारी की गई है।

आवासीय खेल अकादमी का संचालन :

छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के पश्चात् पहली बार खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आवासीय खेल अकादमी का संचालन प्रारंभ किया गया है। स्व. बी.आर. यादव राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई बिलासपुर में हॉकी, तीरंदाजी एवं एथलेटिक की आवासीय अकादमी की स्थापना की गई है, जिसे भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा खेलो इंडिया स्टेट सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस की मान्यता दी गई है। एक्सीलेंस सेन्टर के लिए मैनपॉवर के हाई परफॉर्मेंस मैनेजर, हेड कोच हॉकी, स्ट्रैंथ एण्ड कंडिशनिंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, यंग प्रोफेशनल एवं मसाजर (महिला) की नियुक्ति की जा चुकी है तथा शेष की नियुक्ति प्रक्रियाधीन है।

गौरतलब है कि 1 जून 2022 से हॉकी की आवासीय अकादमी संचालित है, जिसमें 36 बालक एवं 24 बालिकाएं इस तरह कुल 60 खिलाड़ी प्रशिक्षणरत् हैं। तीरंदाजी तथा एथलेटिक खेल की अकादमी के लिए खिलाड़ियों के चयन ट्रायल लिए जा चुके हैं। आवासीय बालिका कबड्डी अकादमी में प्रवेश हेतु खिलाड़ियों के चयन ट्रायल लिए जा चुके हैं। इसके साथ ही रायपुर में एनएमडीसी लिमिटेड के सहयोग से आवासीय तीरंदाजी अकादमी की स्थापना की जा रही है।

गैर आवासीय खेल अकादमी की भी स्थापना :

छत्तीसगढ़ में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राज्य के खिलाड़ियों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि राज्य का खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर पदक जीत सकें। राज्य के प्रत्येक जिले में विभिन्न खेलों की गैर आवासीय खेल अकादमियां स्थापित करने का लक्ष्य है। वर्तमान में तीरंदाजी प्रशिक्षण उपकेन्द्र शिवतराई (बिलासपुर), गैर आवासीय हॉकी एवं तीरंदाजी अकादमी, सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम रायपुर, गैर आवासीय बालिका फुटबॉल अकादमी स्वामी विवेकानन्द स्टेडियम कोटा रायपुर, गैर आवासीय बालक एवं बालिका एथलेटिक अकादमी स्वामी विवेकानन्द स्टेडियम कोटा रायपुर का संचालन किया जा रहा है।

खेलों के लिए बनेंगे सात लघु केन्द्र :

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा खेलों को बढ़ावा देने के लिए की जा पहल के बीच छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों से भारत सरकार की खेलो इंडिया योजना अंतर्गत विभिन्न खेलों के लिए सात लघु केन्द्र स्वीकृत किए गए हैं। इसमें जशपुर में हॉकी, बीजापुर में तीरंदाजी, राजनांदगांव में हॉकी, गरियाबंद में व्हॉलीबॉल, नारायणपुर में मलखम्ब, सरगुजा में फुटबॉल एवं बिलासपुर में तीरंदाजी के लिए खेल लघु केन्द्र की स्वीकृति मिली है। प्रत्येक लघु केन्द्र के लिए सात लाख रुपये के मान से कुल राशि 49 लाख रुपये संबंधित जिला कलेक्टरों को जारी किए जा चुके हैं। खेलो इंडिया लघु केन्द्र के माध्यम से स्थानीय सीनियर खिलाड़ी को प्रशिक्षक के रूप में रोजगार भी उपलब्ध कराया जाएगा।

सिंथेटिक टर्फ और ट्रैक का निर्माण :

जब से छत्तीसगढ़ में खेल को लेकर राज्य सरकार ने प्रयास तेज किए हैं, केन्द्र की ओर से भी इसमें स्वीकृति दी जा रही है। भारत सरकार की खेलो इंडिया योजना अंतर्गत जशपुर में सिंथेटिक टर्फ युक्त हॉकी मैदान के लिए 5.44 करोड़ रुपये, अम्बिकापुर में मल्टीपरपज इंडोर हॉल के लिए 4.50 करोड़ रुपये, जगदलपुर बस्तर में सिंथेटिक फुटबॉल ग्राउण्ड विथ रनिंग ट्रैक के लिए 05 करोड़ रुपये, महासमुंद में सिंथेटिक सतह युक्त एथलेटिक ट्रैक निर्माण के लिए 6.60 करोड़ की स्वीकृति प्राप्त हुई है। वहीं जगदलपुर बस्तर में निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। उल्लेखनीय है कि खेलो इंडिया यूथ गेम्स में छत्तीसगढ़ राज्य के खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन कर 2 स्वर्ण, 3 रजत और 6 कांस्य पदक, इस प्रकार कुल 11 पदक हासिल किये हैं।

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Priyanka (Media Desk)
Priyanka (Media Desk)प्रियंका (Media Desk)
"जय जोहार" आशा करती हूँ हमारा प्रयास "गोंडवाना एक्सप्रेस" आदिवासी समाज के विकास और विश्व प्रचार-प्रसार में क्रांति लाएगा, इंटरनेट के माध्यम से अमेरिका, यूरोप आदि देशो के लोग और हमारे भारत की नवनीतम खबरे, हमारे खान-पान, लोक नृत्य-गीत, कला और संस्कृति आदि के बारे में जानेगे और भारत की विभन्न जगहों के साथ साथ आदिवासी अंचलो का भी प्रवास करने अवश्य आएंगे।