दिनांक : 26-Nov-2022 08:02 AM   रायपुर, छत्तीसगढ़ से प्रकाशन   संस्थापक : पूज्य श्री स्व. भरत दुदानी जी
Follow us : Youtube | Facebook | Twitter English English Hindi Hindi
Shadow

विद्यार्थी जीवन व्यक्ति के जीवन का है सबसे सुखद, महत्वपूर्ण एवं स्वर्णिम कालखण्ड – डा. प्रेमसाय सिंह टेकाम

08/07/2022 posted by Priyanka (Media Desk) Chhattisgarh, India    

प्रदेश के स्कूल शिक्षा एवं आदिम जाति कल्याण मंत्री डा. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि विद्यार्थी जीवन व्यक्ति के जीवन का सबसे सुखद, महत्वपूर्ण एवं स्वर्णिम कालखण्ड है। जिसकी स्मृतिया सदैव तरोताजा रहती है, और इसी के आधार पर व्यक्ति के जीवन की भावी इमारत खड़ी की जाती है। मंत्री डा. टेकाम बालोद जिले के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अर्जुन्दा में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव समारोह में अपना उद्गार व्यक्त कर रहे थे।

डा. टेकाम कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर उन्होंने कक्षा पहली, छठवीं एवं नवमीं के नवप्रवेशित विद्यार्थियों को गुलाल से अभिषेक कर एवं मिठाई खिलाकर स्वागत अभिनंदन भी किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संसदीय सचिव व क्षेत्रीय विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद ने किया।

इस अवसर पर मंत्री डा. टेकाम ने विद्यार्थियों को कहा कि विद्यार्थी जीवन के महत्वपूर्ण कालखण्ड का सदुपयोग करते हुए जीवन में

उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर अपने माता-पिता, विद्यालय, देश एवं समाज का नाम रौशन करें। कार्यक्रम में मंत्री डा. टेकाम ने राज्य शासन के द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के संबंध में भी जानकारी दी। कार्यक्रम में मंत्री डा. टेकाम ने शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अर्जुन्दा में 20 लाख रूपए की लागत की सभाकक्ष, 08 लाख 34 हजार रूपए लागत की पुस्तकालय भवन, 06 लाख 83 हजार रूपए लागत की प्रयोगशाला भवन तथा 06 लाख 34 हजार रूपए लागत की कला एवं सांस्कृतिक भवन सहित कुल 41 लाख 51 हजार रूपए लागत की  नवनिर्मित 04 कार्यों का लोकार्पण भी किया।

इस अवसर पर मंत्री डाॅ. टेकाम ने स्कूली छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किए गए सुमधुर एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने स्कूल में सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए 25 हजार रूपए स्वेच्छानुदान राशि स्वीकृत करने की घोषणा भी की। तथा आदर्श भारती विद्यालय अर्जुन्दा में शेड निर्माण सहित सभी क्षतिग्रस्त शाला भवनों का मरम्मत एवं जर्जर शाला भवनों के स्थान पर नए भवन निर्माण करने की भी जानकारी दी। मंत्री डा. टेकाम ने शासकीय उच्चतर

माध्यमिक विद्यालय गुण्डरदेही में संचालित ओपन स्कूल के प्रभारी व्याख्याता श्री कोमल सिंह कुल्हारे द्वारा शिक्षण शुल्क की निर्धारित राशि से अधिक की राशि लेने की शिकायत पर तत्काल ओपन स्कूल के प्रभारी व्याख्याता श्री कोमल सिंह कुल्हारे को प्रभाव से निलंबित करने की घोषणा की। इसके अलावा उन्होंने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुण्डरदेही के प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संसदीय सचिव व गुण्डरदेही विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद ने सभी नवप्रवेशी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाए दी। उन्होंने कहा कि अर्जुन्दा नगर शिक्षा के साथ-साथ कला और संस्कृति के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय स्थान रखने के कारण इसे संस्कारधानी नगरी के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को कठिन परिश्रम एवं अनुशासन में रहकर जीवन में निरंतर उपलब्धि हासिल करने के लिए प्रयासरत रहने को कहा।

श्री निषाद ने शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा किए जा रहे महत्वपूर्ण कार्यों के संबंध में भी जानकारी दी। इस अवसर पर उन्होंने मंत्री डा. टेकाम से उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अंचल के हायर सेकेण्डरी स्कूलों में कृषि संकाय प्रारंभ करने तथा क्षेत्र के स्कूलों में अधोसंरचना से जुड़े चीजों को पूरा करने की माग की। कार्यक्रम को विशेष अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सोनादेवी देशलहरा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर अतिथियों के द्वारा स्कूल परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री मिथिलेश निरोटी, नगर पंचायत अध्यक्ष श्री चन्द्रहास देवांगन, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती चन्द्रप्रभा सुधाकर, पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र कुमार यादव सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

Author Profile

Priyanka (Media Desk)
Priyanka (Media Desk)प्रियंका (Media Desk)
"जय जोहार" आशा करती हूँ हमारा प्रयास "गोंडवाना एक्सप्रेस" आदिवासी समाज के विकास और विश्व प्रचार-प्रसार में क्रांति लाएगा, इंटरनेट के माध्यम से अमेरिका, यूरोप आदि देशो के लोग और हमारे भारत की नवनीतम खबरे, हमारे खान-पान, लोक नृत्य-गीत, कला और संस्कृति आदि के बारे में जानेगे और भारत की विभन्न जगहों के साथ साथ आदिवासी अंचलो का भी प्रवास करने अवश्य आएंगे।