दिनांक : 06-Dec-2022 01:13 AM   रायपुर, छत्तीसगढ़ से प्रकाशन   संस्थापक : पूज्य श्री स्व. भरत दुदानी जी
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मेरा जीवन मेरा संघर्ष : संस्थापक पूज्य स्व. श्री भरत दुदानी जी की 65वी जयंती पर विशेष लेख : बिशेष दुदानी(पुत्र) की कलम से

मेरा जीवन मेरा संघर्ष : संस्थापक पूज्य स्व. श्री भरत दुदानी जी की 65वी जयंती पर विशेष लेख : बिशेष दुदानी(पुत्र) की कलम से

Vishesh Lekh
जन्म एवं किशोर अवस्था  - पश्चिम बंगाल (वर्ष 1958-वर्ष 1992) वर्ष 1958 स्वर्गीय श्री भरत दुदानी (उर्फ़ भरतिया उर्फ़ मामाजी) सुपुत्र स्व. भगवानदास दुदानी का जन्म बराकर जिला बर्धमान पश्चिम बंगाल  के दुदानी परिवार में हुआ। वे बराकर के जाने माने अग्रवाल मारवाड़ी घराने से संबंध रखते थे। 4 भाई और 7 बहनो में सबसे छोटे संतान थे। इनके पिता स्व. भगवानदास दुदानी जी जब भरत दुदानी जी 5 वर्ष के थे तब एक सड़क हादसे में गुजर गए थे। फिर इनका भरण पोषण लालन पालन इनके भाइ-बहनो ने, बाद में भाभियों ने किया। वे स्वभाव से एक दम चंचल और कर्म से निष्ठावान थे। इनके मित्र इन्हे प्यार से भरतिया बुलाया करते थे। स्कूल-कॉलेज की शिक्षा इनकी बंगाल में ही संपन्न हुई। 22 वर्ष की किशोर अवस्था में आते आते इन्होने व्यापार के दावपेंच भी अपने आप ही सीख लिए थे। वर्ष 1985 में वे बराकर बस स्टैंड पर स्तिथ अपने बड़े भाई के द्वारा स्थापि...