#moviereview ‘YPD3 – फिर से’ नहीं चली, बोर करती है कॉमेडी

देओल फैमिली एक बार फिर से अपनी सुपरहिट फ्रेंचाइजी “यमला पगला दीवाना” का तीसरा पार्ट “यमला पगला दीवाना: फिर से(YPD3)” लेकर आई है। लंबे समय बाद आई इस फिल्म में सिर्फ सनी देओल और धर्मेंद्र एंटरटेनिंग लगते हैं। पहली फिल्म हिट थी, दूसरी फिल्म चली नहीं और तीसरी फिल्म ने भी बोर किया।

इस तीसरे पार्ट में पूरी कहानी देओल फैमिली ने आयुर्वेद के इर्द-गिर्द रची है। इसमें जिस बॉलीवुड मसाले की उम्मीद थी, वह नजर नहीं आया। पुराण (सनी देओल) जो कि पंजाब से है एक ईमानदार आयुर्वेद डॉक्टर हैं। वे नब्ज छूकर ही लोगों की बीमारी बता देते हैं। पुराण के पास सभी बीमारियों के इलाज की एक दवाई है जिसका नाम वज्र कवच है। इस दवाई का फॉर्मूला पुराण को पूर्वजों से मिला है। पुराण नहीं चाहता कि इसे कोई दूसरा यूज करे। वह जानता है कि अगर यह फाॅर्मूला दवाई कंपनियों के पास चला जाएगा तो ये गरीब जनता की पहुंच से बाहर हो जाएगा। पुराण एक शांत और धैर्यवान इंसान है। लेकिन गुस्सा आने पर अपनी डिफरेंट स्टाइल में घूंसे भी मार सकता है।




पुराण का एक लोफर भाई है (बॉबी देओल) जिसका नाम काला है। उसकी उम्र 40 साल है। जिसकी ना तो शादी हुई है और ना ही उसके पास कोई रोजगार है। इसके साथ ही वह शराब पीने का आदी है। काला अक्सर पुराण की परेशानियों को बढ़ाने का काम करता है। इनका किराएदार तेनंत परमार (धर्मेंद्र) जो सिर्फ 110 रुपए किराया देता है। इसके बाद गुजरात से चीकू (कीर्ति खरबंदा) इनकी लाइफ में आती हैं और सबकी लाइफ में कुछ बदलाव होने लगते हैं। आखिर में तीनों देओल अन्याय के खिलाफ लड़ने के लिए एकजुट हो जाते हैं।

आज भी सनी को पंच मारते हुए देखने में मजा आता है। जैसे सनी पंच मारते हैं वैसा कोई दूसरा नहीं कर सकता। फिल्म में धर्मेंद का चार्म देखने को मिला है। बॉबी देओल को काफी लंबा रोल मिला है लेकिन उनके डायलॉग रिपीट होते हैं जिनको सुनकर बोरियत ज्यादा महसूस होती है। फिल्म में वे एंटरटेनिंग नहीं लगते हैं। स्टोरी और स्क्रीनप्ले दोनों धीरज रतन ने लिखा है। कुछ सीन्स को छोड़कर कहानी बोरिंग, प्रेडिक्टेबल और ढ़ीली है।

डायरेक्टर नवानियत सिंह, देओल फैमिली के चार्म को भुनाने में असफल हुए हैं। हालांकि धर्मेंद्र और रेखा के ओल्ड सुपरहिट सॉन्ग रफ्ता-रफ्ता का रीक्रिएशन एक बार फिर शानदार रहा है। फिल्म का फर्स्ट पार्ट अच्छा था लेकिन इसकी तीसरी पार्ट बहुत बोरिंग और थकाऊ लगती है। एेसे में आप सिनेमा हॉल में बैठकर बस फिल्म के खत्म होने का इंतजार ही करते हैं।

मूवी:  वाईपीडी 3 (जेनर – (एक्शन-कॉमेडी-ड्रामा) )
रेटिंग:  (🌟) 1/5
स्टार कास्ट: सनी देओल, बॉबी देओल, धर्मेन्द्र देओल, कृति खरबंदा, गिप्पी ग्रेवाल
डायरेक्टर:  नवानियत सिंह
प्रोड्यूसर: गिन्नी खनूजा, अारुषी मल्होत्रा, अक्षय, धवल
म्यूजिक:  संजीव-दर्शन
ड्यूरेशन:  148 मिनट

इस फिल्म वैसे तो कुछ भी नया देखने को नहीं है, फिरभी अगर आप धरम पाजी और सनी पाजी के फैन है तो फिल्म देख सकते है।

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