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मौसम: केरल पहुंचा मानसून, छत्तीसगढ़ में 12 जून तक पहुंच सकता है मानसून, इस साल 102% बारिश की संभावना

नई दिल्ली | नौतपा 6 दिन खूब तपने के बाद सातवें दिन रविवार से हर दिन प्रदेश में बारिश होगी। जेठ में पहली बार 24 घंटे में अधिकतम तापमान 4 डिग्री तक लुढ़क गया। शनिवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री था यह रविवार को 35 डिग्री तक आ गया। मौसम विभाग की मानें तो अगले कुछ दिनों तक रोजाना इसी तरह बारिश की संभावना है। मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि एक चक्रीय चक्रवाती घेरा मध्य छत्तीसगढ़ के ऊपर 2.1 किमी ऊंचाई पर स्थित है। इसके साथ ही एक द्राेणिका दक्षिण पूर्व राजस्थान से मध्य छत्तीसगढ़ तक 0.9 किमी ऊंचाई पर और एक द्रोणिका मध्य छत्तीसगढ़ से लक्ष्य दीप तक 0.9 किमी की ऊंचाई पर स्थित है।

इसी के असर से राज्यभर में बारिश हो रही है। 1 जून को भी राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने या गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के सभी संभागों में अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। अगले कुछ दिनों तक अंधड़ चलने के साथ बारिश हो सकती है। वही, मानसून पूर्व हुई इस बारिश में शहर की सड़कों पर पानी दो फीट तक पानी भर गया।

साथ भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को बताया कि मानसून ने केरल में दस्तक दे दी है। इसे देखते हुए केरल के 9 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इनमें अलपुझा, कोल्लम, पथनमथिट्टा, तिरुवनंतपुरम, कोट्टयम, एर्नाकुलम, इडुक्की, मलप्पुरम और कन्नूर शामिल हैं। अरब सागर में बना कम दबाव का क्षेत्र चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। छत्तीसगढ़ में मानसून 12 जून तक पहुंच सकता है।

मानसून अच्छा रहेगा

भू विज्ञान मंत्रालय के सचिव डॉ. माधवन नायर राजीवन ने कहा कि अच्छे मानसून के लिए स्थितियां अनूकूल हैं। जून से सितंबर के बीच देश में 102% बारिश होगी। लंबे समय के औसत में इसे 88 सेमी बारिश कहा जा सकता है। भारतीय मौसम विभाग ने भी दक्षिण-पश्चिम मानसून को लेकर अपडेट पूर्वानुमान जारी किया है। इसके लिहाज से मानसून सामान्य यानी 96% से 104% के बीच रहेगा। पिछले साल मानसून आठ दिन की देरी से 8 जून को केरल के समुद्र तट से टकराया था। भारत में जून से सितंबर के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून से बारिश होती है।

अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र बना

वहीं, एक चक्रवाती तूफान 3 जून तक गुजरात और महाराष्ट्र के तट से टकरा सकता है। आईएमडी ने सोमवार को कहा कि अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र बना है। अगले दो दिनों में यह चक्रवात में बदल सकता है। इसके केरल, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के तटों से सोमवार और मंगलवार के बीच 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से टकराने की संभावना है।

हरिहरेश्वर और दमन के बीच तट से टकराएगा चक्रवात

आईएमडी के मुताबिक, यह कम दबाव वाला क्षेत्र अरब सागर और लक्षद्वीप के दक्षिण पूर्व और पूर्व मध्य इलाके में बना है। फिलहाल यह गोवा से 400 किमी दक्षिण पश्चिम, मुंबई से 700 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम और गुजरात के सूरत से 930 किमी दक्षिण पश्चिम की दूरी पर है। चक्रवाती तूफान में बदलने के बाद 2 जून की सुबह तक इसके उत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है। तूफान हरिहरेश्वर (रायगढ़, महाराष्ट्र) और दमन के बीच उत्तर महराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के तट से 3 जून की शाम या रात को टकरा सकता है।

महाराष्ट्र और गुजरात में भारी बारिश हो सकती है

निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक, कम दबाव वाला क्षेत्र बनने की वजह से 3 और 4 जून को मध्य महाराष्ट्र और उत्तर कोंकण क्षेत्र में भारी बारिश हो सकती है। 2 जून और 5 जून के बीच महाराष्ट्र और गुजरात के तट पर समु्द्र में तेज लहरें उठ सकती हैं। इनकी ऊंचाई से 12 से 16 फिट तक पहुंच सकती है। वहीं, 60 से 90 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने की भी संभावना है। इसके बाद यह कम दबाव वाला क्षेत्र ‘निसर्ग’ चक्रवात में बदल जाएगा।

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