वाटरशार्क ड्रोन: उड़ता नहीं, तैरता है; पानी से कचरा और केमिकल हटाने के साथ-साथ हवा की भी गुणवत्ता जाँचेगा

दुबई (एजेंसी) | दुबई मरीना बीच पर हाल ही में फ्लोटिंग ड्रोन वाटरशार्क उतारा गया है। इसकी खासियत यह है कि पानी पर तैरते हुए कचरे को अपने अंदर जमा करते रहता है। बाद में इसे किनारे पर लगे बिन में डाल देता है। नीदरलैंड्स की कंपनी रेनमरीन ने यह वाटर ड्रोन बनाया है। फिलहाल इसका ट्रायल चल रहा था, जो सफल रहा है। इस माह से यह पूरी तरह काम करना शुरू कर देगा।




वीडियो देखे 

इसका मुंह शार्क मछली की तरह डिजाइन किया गया है। यानी यह मछली की तरह कचरे को खाते हुए तैरता रहता है। स्थानीय कंपनी इकोकोस्ट की साझेदारी के साथ यह पहल हुई है। रेनमरीन के मुताबिक यह ऑटोनोमस और रिमोट द्वारा कंट्रोल होने वाले वर्जन में तैयार किया गया है। एक बार में यह 160 किलो तक कचरा समेट लेता है। बैटरी पूरी तरह चार्ज होने पर यह 16 घंटे तक काम कर सकता है। कचरा समेटने के अलावा वाटरशार्क हवा और पानी की गुणवत्ता जांचता है। ऑयल, आर्सेनिक और भारी धातुओं को भी पैड की सहायता से पानी से हटा देता है।



Leave a Reply