Chhattisgarh India

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल : छत्तीसगढ़ के बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं, जरूरत सिर्फ उन्हें तराशने और अवसर देने की

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ उनकी प्रतिभा को तराशने और उन्हें अच्छे अवसर प्रदान करने की है। मुख्यमंत्री आज महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अमर शहीद वीर नारायण सिंह के शहादत दिवस पर अपने निवास कार्यालय में आयोजित स्वर्गीय राजीव गांधी बाल भविष्य सुरक्षा प्रयास आवासीय विद्यालय के प्रतिभावान विद्यार्थियों के प्रतिभा सम्मान समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के प्रारम्भ में शहीद वीर नारायण सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह में अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास मंत्री डॉ.प्रेमसाय सिंह टेकाम, उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, संसदीय सचिव श्री द्वारिकाधीश यादव, विधायक श्री देवेंद्र यादव, आदिम जाति कल्याण विभाग के सचिव श्री डी.डी.सिंह, आयुक्त श्रीमती शम्मी आबिदी उपस्थित थीं।

उल्लेखनीय है कि वर्ष-2021 में प्रयास आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों में से आईआईटी में 27, एनआईटी एवं समकक्ष शैक्षणिक संस्थानों में 35, सीएस फाऊंडेशन में 5, क्लेट में दो, इंजीनियरिंग कॉलेज में 61 विद्यार्थी सफल हुए हैं। मुख्यमंत्री ने सम्मान समारोह में प्रतीक स्वरूप आईआईटी, एन.आई.टी. और समकक्ष शैक्षणिक संस्थान में प्रवेश प्राप्त करने वाले 10 विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए 50-50 हजार रुपए के चेक प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने स्वर्गीय राजीव गांधी बाल भविष्य सुरक्षा प्रयास आवासीय विद्यालय के वर्ष 2021-22 के प्रगति प्रतिवेदन का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के नक्सल प्रभावित और अनुसूचित क्षेत्रों के छात्रों को राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययन के अच्छे अवसर प्रदान करने के लिए 200 सीटों के साथ वर्ष 2010 में प्रयास आवासीय विद्यालय प्रारंभ किए गए थे। आज प्रदेश में 9 प्रयास आवासीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें सीटों की संख्या बढ़कर 4000 हो गई है। सीटों की संख्या बढ़ने से अब अधिक विद्यार्थियों को अच्छे अवसर मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों में मिले अच्छे अवसर का ही परिणाम है कि अब तक प्रयास आवासीय विद्यालयों से आईआईटी तथा समकक्ष संस्थानों में 97 विद्यार्थियों, एनआईटी तथा ट्रिपल आईटी के समकक्ष संस्थानों में 261, सीए, सीएस, सीएमए में 29, इंजीनियरिंग कॉलेजों में 833, मेडिकल कॉलेज में 39 और क्लेट के माध्यम से 3 विद्यार्थी सफलता प्राप्त कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयास आवासीय विद्यालय के विद्यार्थी आज आईआईटी कानपुर, खड़गपुर, बीएचयू, भुवनेश्वर, आईएसएम धनबाद, मंडी, पटना, आईआईएसटी तिरूवंतपुरम आदि संस्थानों में अध्ययन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस वर्ष सफल हुए सभी विद्यार्थियों बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ये विद्यार्थी जिन क्षेत्र से आए हैं, वहां के बच्चों को भी पढ़ाई के लिए प्रेरित करें और जिस संस्थान में वे अध्ययनरत हैं, उसमें अच्छा स्थान प्राप्त कर प्रदेश और विद्यालय का नाम रौशन करें।

इस अवसर पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि प्रयास आवासीय विद्यालय के विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से देश के प्रतिष्ठित संस्थानों आईआईटी, एनआईटी, सीए, सीएस, सीएमए, नेशनल लॉ कॉलेज और मेडिकल कॉलेज में प्रवेश प्राप्त करने में सफल हुए हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस विद्यालय से सफल होकर निकले विद्यार्थी आने वाले विद्यार्थियों के लिए सफलता का पथ प्रशस्त करने में प्रेरक का कार्य करेंगे।

उन्होंने बताया कि प्रयास विद्यालय में विद्यार्थी नक्सल प्रभावित जिलों और अनुसूचित क्षेत्रों के स्कूलों में पढ़कर चयन द्वारा प्रवेश लेते हैं। ग्रामीण और आदिवासी अंचलों की पृष्ठ भूमि में पले-बढ़े विद्यार्थियों के लिए उत्कृष्ट कैरियर निर्माण के लिए यह विद्यालय एक बड़ा अवसर और मंच प्रदान करता है। मंत्री डॉ. टेकाम  ने कहा कि इन विद्यालयों के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए राष्ट्रीय प्रतिभा खोज, विज्ञान पहेली, गणित एवं विज्ञान ओलम्पियाड जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में भाग लेकर सफलता प्राप्त की है।