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अन्नपूर्णा दाल भात योजना हो सकती है बंद, केंद्र सरकार ने चावल देने से किया इनकार

अन्नपूर्णा दाल भात योजना हो सकती है बंद, केंद्र सरकार ने चावल देने से किया इनकार

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रायपुर (एजेंसी) | राज्य में चलायी जा रही मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा दाल भात योजना 1 अप्रैल से बंद हो सकती है। इसकी वजह केंद्र से आने वाला चावल अब नहीं मिलेगा इसीलिए सरकार ने इन सेंटरों को चावल देने से मना कर दिया है। राजधानी समेत प्रदेशभर के दाल-भात केंद्रों को केंद्र सरकार के कोटे के चावल का ही आवंटन रियायती दर पर किया जाता था, जिसकी वजह से इन सेंटरों में लोगों को 10 रुपए में दाल-भात परोसा जाता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। खाद्य संचालनालय के डायरेक्टर अन्बलगन पी ने 27 मार्च को सभी जिलों के कलेक्टर और खाद्य नियंत्रकों को चिट्‌ठी लिखकर इस फैसले की जानकारी दी है। उन्होंने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि 1 अप्रैल से किसी भी दाल-भात सेंटर को चावल का आवंटन नहीं किया जाएगा। सेंटरों चावल नहीं मिलने पर उनका खर्चा तीन गुना बढ़ जाएगा। इस वजह से सेंटर संचालकों ने इनके संचालन को लेकर अपने हाथ खड़े कर दिए ह
रमन सरकार की एक और योजना बंद, वन मंत्री बोले-इस साल से चरण पादुका नहीं बांटेंगे

रमन सरकार की एक और योजना बंद, वन मंत्री बोले-इस साल से चरण पादुका नहीं बांटेंगे

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रायपुर (एजेंसी) | राज्य सरकार ने पिछली रमन सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'चरण पादुका' को आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया है। सोमवार को विधानसभा में भाजपा विधायक अजय चंद्राकर को दिए एक लिखित जवाब में वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने यह जानकारी दी। चंद्राकर ने वन मंत्री से पूछा था कि, क्या राज्य सरकार ने चरण पादुका वितरण योजना निरस्त कर दिया है। नकद राशि के भुगतान पर अभी कोई फैसला नहीं  सोमवार को विधानसभा में भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने पूछा था कि यदि चरण पादुका योजना बंद हो गई है, तो क्या इसके बदले राज्य सरकार अब हितग्राहियो को नकद राशि देगी। और अगर यदि नकद राशि देने का प्रावधान है, तो दर का निर्धारण प्रति जोड़ा कितना किया गया है। इस पर वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया है कि राज्य शासन द्वारा वर्ष 2019 से तेंदुपत्ता संग्राहकों को चरण पादुका वितरण नहीं करने और अभी नकद राशि के भुगतान का कोई
60 साल पार कर चुके किसानों को 1500 रुपए तक पेंशन की घोषणा आज संभव 

60 साल पार कर चुके किसानों को 1500 रुपए तक पेंशन की घोषणा आज संभव 

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रायपुर (एजेंसी) | 60 और 75 साल की उम्र पूरी कर चुके किसानों को क्रमश: 1000 और 1500 रुपए तक बतौर पेंशन मिल सकते हैं। कृषि और जलसंसाधन विभागों की बजट चर्चा में मंत्री रविंद्र चौबे इसकी घोषणा कर सकते हैं। इसके लिए कृषि और राजस्व विभाग जल्द ही किसानों का सर्वे शुरु करने जा रहे हैं। इसमें आयु सीमा के आधार पर ऐसे किसानों सूची बनाई जाएगी जो खेती नहीं कर पा रहे या असहाय हैं। सर्वे 3 माह चलेगा, जुलाई से पेंशन योजना शुरु हो सकती है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ कि यह केंद्र के 6000 रुपए वाली कृषक पेंशन योजना के अतिरिक्त होगी या समायोजित। केंद्र ने 2 एकड़ वाले किसानों को पेशन देने की घोषणा की है। इसके दायरे में प्रदेश के करीब 29 लाख किसान हैं। इनमें से कई ऐसे हैं जो या तो वृद्ध हो गए हैं या जमीन बेचकर भूमिहीन किसान हो गए हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार अपनी योजना में कुछ बदलाव कर सकती है। सूत्
तेंदूपत्ता बोनस वितरण में गड़बड़ी की होगी जांच, मंत्री लखमा ने दिए निर्देश

तेंदूपत्ता बोनस वितरण में गड़बड़ी की होगी जांच, मंत्री लखमा ने दिए निर्देश

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सुकमा (एजेंसी) | कलेक्‍टोरेट सभा कक्ष में सोमवार दोपहर को आयोजित समीक्षा बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य कर (आबकारी) मंत्री कवासी लखमा ने आदिवासी विकास विभाग द्वारा संचालित आश्रम-छात्रावास में की गई मरम्मत की जांच के निर्देश दिए। लखमा ने कहा कि आश्रम-छात्रावास की मरम्मत के लिए राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई राशि का दुरुपयोग किया है। उन्होंने इसकी जांच के लिए कलेक्‍टर से समिति गठित करने को कहा। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); तेंदूपत्ता बोनस वितरण में हुई अनियमितता की लगातार मिल रही शिकायतों पर कवासी लखमा ने नाराजगी जाहिर करते हुए जांच के निर्देश दिए। गौरतलब है कि कोंटा ब्लॉक की तेंदूपत्ता समितियों में प्रबंधकों और रोकड़पाल द्वारा संग्राहकों को कम बोनस राशि वितरण किए जाने की खबरें आई थी। नलजल योजनाओं का कियान्वयन  मंत्री लखमा ने सुकमा, कोंटा और दोरनापा
स्मार्ट कार्ड योजना होगी बंद, थाईलैंड की तर्ज पर बनेगे आईडी कार्ड, सिर्फ सरकारी अस्पतालों में होगा इलाज़

स्मार्ट कार्ड योजना होगी बंद, थाईलैंड की तर्ज पर बनेगे आईडी कार्ड, सिर्फ सरकारी अस्पतालों में होगा इलाज़

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रायपुर (एजेंसी) | भूपेश सरकार स्मार्ट कार्ड से फ्री इलाज वाली मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना बंद करने जा रही है। लोगों के लिए सरकार अब आईडी कार्ड से फ्री इलाज वाली योजना लाने जा रही है, जो सिर्फ सरकारी अस्पतालों में होगा। इसकी घोषणा आने वाले बजट में होगी। प्रदेश में अब यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम लागू होगी, कांग्रेस घोषणा पत्र में भी इसका उल्लेख है। थाईलैंड में इस तरह की योजना 2002 से सफलता पूर्वक संचालित हो रही है। इसके अध्ययन के लिए हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव थाईलैंड गए भी थे। इससे पहले राज्य सरकार ने आयुष्मान योजना बंद करने की घोषणा की थी। बतौर सिंहदेव जितने दिन यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम लागू होने में लगेंगे, उतने ही दिन आयुष्मान योजना चलेगी। स्वास्थ्य विभाग को कार्ययोजना बनाने के निर्देश दे दिए गए हैं। 7 जनवरी को नई स्कीम की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक रखी गई है।
मनरेगा घोटाला: फर्जीवाड़ा के मामले में निलंबित हुए अफसरों से लाखों की होगी रिकवरी

मनरेगा घोटाला: फर्जीवाड़ा के मामले में निलंबित हुए अफसरों से लाखों की होगी रिकवरी

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राजनाँदगाँव (एजेंसी) | महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत स्वीकृत हुए स्टॉपडैम, रपटा व डब्ल्यूबीएम सड़क निर्माण में फर्जीवाड़ा करने वाले आरईएस के निलंबित अफसरों से शासन की ओर फर्जी तरीके से किए गए भुगतान की राशि वसूल की जाएगी। निलंबन के बाद इन अफसरों को आरोप पत्र जारी किया जाएगा। इन्हें निर्धारित तिथि के भीतर जवाब देना होगा। मामले में निलंबन के बाद मनरेगा लोकपाल की ओर से जांच प्रतिवेदन का इंतजार किया जा रहा है। प्रतिवेदन के आधार पर मनरेगा शाखा की ओर से भी कार्रवाई तय की जाएगी। फर्जीवाड़ा के मामले में निलंबित किए गए एसडीओ एम घोरमारे, सब इंजीनियर अनूपचंद्राकर, सब इंजीनियर निखिलेश गैरारे, सब इंजीनियर गरिमा चौहान सहित संभागीय लेखाधिकारी विजय कुमार कौशल, वरिष्ठ लेखा लिपिक राजेन्द्र प्रसाद श्रीवास्तव व सहायक ग्रेड दीपक लाल हरिहारनो की सीधे तौर पर मटेरियल सप्लायरों से सांठगांठ
कांग्रेस ने पूर्व भाजपा सरकार की एक और योजना बंद की, मीसाबंदियों को मिल रही पेंशन फ़रवरी से होगी बंद

कांग्रेस ने पूर्व भाजपा सरकार की एक और योजना बंद की, मीसाबंदियों को मिल रही पेंशन फ़रवरी से होगी बंद

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रायपुर (एजेंसी) | मध्यप्रदेश के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने भी मीसाबंदियों की पेंशन फरवरी से बंद करने का फैसला किया है। राज्य में करीब सवा तीन सौ मीसाबंदी हैं। इन्हें हर महीने 25,15 और 10 हजार रुपए पेंशन मिल रहा था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कहना है कि मीसाबंदी कोई स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नहीं है कि पेंशन दिया जाए। जीएडी सचिव डॉ. रीता शांडिल्य की ओर से सभी कलेक्टरों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि मीसाबंदियों का भौतिक सत्यापन कराया जाना आवश्यक है। इसके लिए अलग से दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। इसके बाद ही बतौर पेंशन सम्मान निधि की राशि दी जाएगी। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); राज्य में करीब 325 मीसाबंदी हैं। लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सच्चिदानंद उपासने ने सरकार के इस फैसले पर कहा कि वास्तव में सत्यापन की मंशा है तो पेंशन बंद किए बिना के
स्काई मोबाइल योजना: 6 लाख मोबाइल का क्या होगा, 3 दिन में बताएंगे सीएस

स्काई मोबाइल योजना: 6 लाख मोबाइल का क्या होगा, 3 दिन में बताएंगे सीएस

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रायपुर (एजेंसी) | स्काय मोबाइल योजना के छह लाख मोबाइल फोन का क्या होगा, तीन दिन के भीतर मुख्य सचिव सुनील कुजुर को इसकी समीक्षा कर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि इन मोबाइलों का क्या उपयोग किया जा सकता है इसकी उपयोगिता क्या हो सकती है इस पर चर्चा की गई। इसके अलावा बघेल ने कहा कि आईटी से लोगों का जनजीवन सरल बनाने की दिशा में प्रयास करना चाहिए। व्यापक पारदर्शिता के लिए सभी निर्माण कार्यों की जानकारी ऑनलाइन किए जाएं। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); 50 लाख मोबाइल बांटने की योजना में खर्च होने थे लगभग 14 सौ करोड़ स्काई योजना के अंतर्गत महिलाओं और स्टूडेंट्स को 50 लाख मोबाइल बांटने थे। यह योजना पहले से ही कांग्रेस के निशाने पर थी। कांग्रेस ने मोबाइल चार्ज करते समय गर्म होने औ
कंपनी को लौटाए जाएंगे स्काई योजना के 6 लाख शेष मोबाइल, मजदूरों को मिलने वाले 1 लाख टिफिन हैं डंप

कंपनी को लौटाए जाएंगे स्काई योजना के 6 लाख शेष मोबाइल, मजदूरों को मिलने वाले 1 लाख टिफिन हैं डंप

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रायपुर (एजेंसी) | भूपेश सरकार ने स्काई योजना बंद करने के बाद अब कंपनी से खरीदे गए मोबाइल उसे लौटाने की तैयारी कर ली है। मोबाइल करीब 6 लाख हैं। इसलिए सरकार ने कंपनी का करीब 1300 करोड़ रुपए का भुगतान रोक दिया है। स्काई पिछली भाजपा सरकार की महत्वाकांक्षी योजना थी। कनेक्टिविटी बढ़ाने और 10 हजार लोगों को रोजगार मिलने के दावे के साथ इसे शुरू किया गया था। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); विधानसभा चुनाव से पहले 29 लाख से अधिक हैंडसेट बांटे गए, 6 लाख माइक्रोमैक्स कंपनी के गोदाम में रखे हैं। साथ ही मनरेगा मजदूरों को मुफ्त में टिफिन देने की पंचायत विभाग की योजना भी अधर में है। इसके तहत ऐसे मजदूर जिन्होंने वर्ष 2016 में कम से कम 30 दिन काम किया हो चार डिब्बे वाला टिफिन मिलना था। इनकी संख्या करीब 10.85 लाख है। खर्च करीब 1500 करोड़ रुपए होना था, प्रदेश की 50.15 लाख म
पिछली सरकार की एक और योजना बंद, गांवों के बजाय शहरों में खर्च किए 2400 करोड़, डीएमएफ कमेटियां भंग, जांच बिठाई

पिछली सरकार की एक और योजना बंद, गांवों के बजाय शहरों में खर्च किए 2400 करोड़, डीएमएफ कमेटियां भंग, जांच बिठाई

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रायपुर (एजेंसी) | भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली नई सरकार ने भाजपा की पिछली सरकार की एक और योजना बंद कर दी। यह योजना है डीएमएफ, यानी जिला खनिज विकास निधि की। सभी जिलों में डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड कमेटियां बनाकर तमाम खदानों को इनके जिम्मे दिया गया था। इस योजना का उद्देश्य था कि खनिज पट्टे से मिलने वाले फंड से ये कमेटियां खदानों के आसपास के गांवों का विकास करें। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खनिज विभाग की समीक्षा में पाया कि गांवों के बजाय इस राशि से शहरों में फिजूल के निर्माण कार्य हो रहे हैं। पिछले तीन सालों में इस फंड में राज्यभर से करीब 3000 करोड़ रुपए आए। इसमें से 2400 करोड़ रुपए निर्माण कार्यों में लगा दिए गए।राजधानी में नालंदा परिसर, मरीन ड्राइव समेत ऐसे दर्जनों काम इसी राशि से कराए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कमेटियों को भंग कर नए सिरे से जांच के निर्देश दिए हैं। (adsbygoogle = wind