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#temple ढोलकल के गणेश, जहाँ गिरा था भगवान गणेश का दाँत

#temple ढोलकल के गणेश, जहाँ गिरा था भगवान गणेश का दाँत

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हमारा छत्तीसगढ़ अनेक विविधताओं और रहस्यों से भरा है। जहां धर्म, आस्था और रोमांच का संगम कई स्थानों में एक साथ देखने को मिलता है। ऐसी ही एक जगह है ढोलकल जहां धरती के प्रथम पूज्य देव भगवान गणेश की अद्भुत प्रतिमा स्थित है। प्रदेश की राजधानी रायपुर से लगभग 395 किमी दूर प्राकृतिक छटा के बीच दक्षिण बस्तर के जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा से 30 किलोमीटर दूर बैलाडीला की 3000 फीट ऊंची बहुत ही दुर्गम फरसपाल पहाड़ी पर सैकड़ों साल पुरानी, नागवंशीय राजाओं द्वारा स्थापित है भगवान ढोलकल गणेश जी की प्रतिमा। भगवान गणेश जी की यह भव्य प्रतिमा वास्तुकला की दृष्टि से भी अत्यन्त कलात्मक है जो 6 फीट ऊंची ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित है। ऊपरी दाएं हाथ में फरसा, ऊपरी बाएं हाथ में टूटा हुआ एक दंत, नीचे दाएं हाथ में अभय मुद्रा में अक्षमाला धारण किए हुए तथा नीचे बाएं हाथ में मोदक धारण किए हुए आयुध के रूप में विराजित है यह अ
अनंत चतुर्दशी के साथ आज होगा गणपति विसर्जन

अनंत चतुर्दशी के साथ आज होगा गणपति विसर्जन

छत्तीसगढ़
आज रविवार यानी 23 सितम्बर को गणेश चतुर्थी खत्म होने के बाद पितृपक्ष कल सोमवार (24 सितम्बर) को से शुरू होकर 8 अक्टूबर तक रहेगा। इस दौरान लोग अपने मृत परिजनों का पिंड दान करेंगे। 8 अक्टूबर तक चलने वाले पितृ पक्ष इस बार 16 दिनों तक रहेगा। पितृपक्ष में पितर पृथ्वी पर आ जाते हैं, पितृ के निमित्त श्रद्धा पूर्व किए गए तर्पण और दान को ही श्राद्ध कहा जाता है। इस दौरान शुभ कार्यों को वर्जित माना गया है। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); शनिवार को पंचक होने के बाद भी देर रात तक गणेश विसर्जन किया गया। रविवार को अनंत चतुर्दशी में भगवान गणेश का विसर्जन होगा। शनिवार से पंचक लगने के बाद भी रविवार को भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। जिसपर पंचक कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। शनिवार को देर रात तक लोग मूर्ति विसर्जन करते रहे। रायपुर में गणेश विसर्जन के स्थान पर विशेष इंत
Ganesh Chaturthi 2018: जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त और प्रतिष्ठापना विधि

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आज पुरे देश में गणेश चतुर्थी बहुत ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। तीज के दूसरे दिन यानि कि भाद्रपद मास की चतुर्थी से चतुर्दर्शी तक यह उत्सव मनाया जाता है। मान्यता है कि इन 10 दिनों में गणपति बप्पा अपने भक्तों के घर आते हैं और उनके दुख हरकर ले जाते हैं। यही वजह है कि लोग उन्हें अपने घर में विराजमान करते हैं। 10 दिन बाद उनका विसर्जन किया जाता है। श्रीगणेश स्थापना मुहूर्त श्रीगणेश प्रतिमा स्थापना अभिजीत मुहूर्त में सुबह 10.40 से दोपहर 12.40 के बीच कर सकते हैं। अन्य मुहूर्त सुबह 6.16 से 7.46 शुभ 10.46 से दोपहर 12.16 चंचल दोपहर 12.16 से 1.46 लाभ दोपहर 1.46 से 3.16 अमृत प्रतिमा स्थापना सूर्यास्त के बाद नहीं की जानी चाहिए। 13 सितंबर मध्याह्न गणेश पूजा का समय - 11:03 से 13:30 बजे तक 13 सितंबर को चन्द्रमा को नहीं देखने का समय - 09:31 से 21:12 बजे तक चतुर्थी तिथि समाप्त - 13 सितम्बर