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कांग्रेस को छोड़ कर गोंगपा ने किया सपा से गठबंधन, गोंगपा अध्यक्ष मरकाम होंगे CM का चेहरा, सभी 90 सीटों में लड़ेंगे चुनाव

कांग्रेस को छोड़ कर गोंगपा ने किया सपा से गठबंधन, गोंगपा अध्यक्ष मरकाम होंगे CM का चेहरा, सभी 90 सीटों में लड़ेंगे चुनाव

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रायपुर (एजेंसी) | छत्तीसगढ़ की गोंडवाना गणतंत्र पाटी (गोंगपा) ने विधानसभा चुनावों के पहले आखिरी समय में कांग्रेस का हाथ छोड़कर समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन कर लिया है। इसकी घोषणा शुक्रवार को बिलासपुर में प्रेस कांफ्रेंस करके की गई है। गठबंधन के बाद पार्टियों ने तय किया कि  छत्तीसगढ़ की सभी 90 सीटों में से 20 में समाजवादी पार्टी और 70 में गोंगपा चुनाव लड़ेगी। साथ ही दोनों पार्टियों ने यह भी निर्णय लिया है कि इस गठबंधन के सीएम पद का चेहरा गोंगपा के अध्यक्ष हीरा सिंह मरकाम होंगे। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); आपको बता दे इससे पहले गोंगपा के जनता कांग्रेस के साथ जाने की चर्चा चल रही थी। इससे पहले गोंगपा के कांग्रेस के साथ गठबंधन की भी चर्चा थी। एक कार्यक्रम के दौरान हीरा सिंह मरकाम ने राहुल गांधी के साथ मंच भी साझा किया था और ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि
तो इसलिए नहीं हो पाया कांग्रेस-गोंगपा गठबंधन, अब गोंगपा होंगी साइकिल पर सवार

तो इसलिए नहीं हो पाया कांग्रेस-गोंगपा गठबंधन, अब गोंगपा होंगी साइकिल पर सवार

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रायपुर (एजेंसी) | छत्तीसगढ़ में कांग्रेस गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के साथ गठबंधन इसलिए करना चाहती है, क्योंकि पिछले चुनाव में गोंगपा के प्रत्याशियों को मिले वाेटों के कारण कांग्रेस को 10 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था। यही वजह है कि इस बार कांग्रेस आलाकमान इनसे हर हाल में गठबंधन चाह रही है, लेकिन गोंगपा ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से बात करने के बाद ही छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के साथ गठबंधन की दिशा में आगे बढ़ने कही है। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); 2013 के चुनाव में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने लगभग 45 सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े किए थे। गोंगपा ने 45 में से 10 सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशी को हराने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी क्योंकि जितने वाेटों से कांग्रेस प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा था उससे अधिक वोट गोंगपा के प्रत्याशी को मिले थे। यही वजह है क
बसपा के बाद गोंगपा ने भी छोड़ा कांग्रेस के हाथ का साथ

बसपा के बाद गोंगपा ने भी छोड़ा कांग्रेस के हाथ का साथ

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रायपुर (एजेंसी)। गठबंधन को लेकर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पहले बसपा ने हाथ छोड़ा उसके बाद अब गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने भी कांग्रेस का हाथ छोड़ दिया है। उईके के कांग्रेस छोड़ने के बाद कांग्रेस हाइकमान ने गोंगपा अध्यक्ष मरकाम को दिल्ली बुलाया था। मरकाम रविवार को दिल्ली पहुंच गए थे। उन्हें कांग्रेस का ऑफर मिला कि गठबंधन के लिए पांच सीट ही मिल सकती है। जबकि गोंगपा सुप्रीमो हीरासिंह मरकाम की मानें तो वे छत्तीसगढ़ में 11 सीटें मांग रहे थे। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); उस पर मंथन करने के बाद राहुल गांधी से मुलाकात कर सकते हैं। गोंगपा के महासचिव लाल बहादुर कोर्राम ने बताया कि मरकाम ने दिल्ली में ही दूसरे आदिवासी संगठनों से चर्चा की। उसके बाद यह तय किया कि कांग्रेस सम्मानजनक सीटें नहीं दे रही है। इस कारण राहुल से मिलने का औचित्य ही नहीं समझा। ग
उइके के जाने के बाद कांग्रेस-गोंगपा गठबंधन का रास्ता साफ, बदल सकती है तानाखार सीट की रणनीति

उइके के जाने के बाद कांग्रेस-गोंगपा गठबंधन का रास्ता साफ, बदल सकती है तानाखार सीट की रणनीति

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बिलासपुर (एजेंसी) | 18 साल बाद ठीक उसी अंदाज में विधायक रामदयाल उइके का भाजपा प्रवेश हुआ, जैसे 2000 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी की मौजूदगी में कोटमी में वे कांग्रेस में आए थे। इस बार उइके की वापसी के लिए अमित शाह, डाॅ. रमन सिंह समेत 10 दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में बिलासपुर के होटल में देर रात तक मंथन चला। बृजमोहन अग्रवाल को रायपुर से बुलाया गया। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); बता दें उइके ने 18 साल पहले जोगी के लिए मरवाही सीट छोड़ी थी। अब कहा जा रहा है कि उन्होंने पाली-तानाखार सीट बचाने के लिए भाजपा ज्वाइन की है। इधर उइके के जाने से कांग्रेस-गोंगपा के बीच गठबंधन की राह आसान हो गई है। गोंगपा से गठबंधन होने पर कांग्रेस को सोनहत, मनेंद्रगढ़, बैकुंठपुर, प्रेमनगर, प्रतापपुर, बिंद्रानवागढ़, कांकेर, सिहावा आदि सीटों पर फायदा हो सकता है। गोंगपा प्रमुख हीरासि