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11 साल की बच्चे की डेंगू से हुई मौत, संख्या बढ़कर 43 हुई

11 साल की बच्चे की डेंगू से हुई मौत, संख्या बढ़कर 43 हुई

छत्तीसगढ़
भिलाई (एजेंसी) | दुर्ग के रहने वाले गगन रघुवंशी (11) की रायपुर में डेंगू से मौत हो गई। उसका इलाज रायपुर के  रामकृष्ण केयर सेंटर में चल रहा था। पिछले शनिवार ही उसे बुखार आया था। डेंगू से दुर्ग जिले में यह 43वीं मौत है। गगन के परिजनों ने बताया उसे 10 सितंबर को बुखार आया था। परिजन उसे डॉक्टर के पास ले गए। 5 दिन दवा खाने के बाद भी जब बुखार नहीं उतरा, तो 15 सितंबर को गगन को रायपुर के बाल गोपाल अस्पताल ले जाया गया। यहां जांच कराने पर उसे डेंगू होने की पुष्टि हुई और उसे भर्ती कर लिया गया। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); गगन के शरीर में डेंगू वायरस 10 दिन पुराना था और उसकी हालत भी अच्छी नहीं थी। इसलिए बाल गोपाल अस्पताल के प्रबंधन ने उसे बेहतर उपचार के लिए रामकृष्ण केयर सेंटर भेजा। वहां इलाज के दौरान गगन की हालत सुधरने के बजाय बिगड़ती चली गई। शुक्रवार रात उसने अस्
डेंगू के साथ अब मलेरिया का खतरा मंडराने लगा, सितम्बर के अंत में पनपते है वायरस

डेंगू के साथ अब मलेरिया का खतरा मंडराने लगा, सितम्बर के अंत में पनपते है वायरस

छत्तीसगढ़
रायपुर (एजेंसी) | राजधानी रायपुर में डेंगू से मरने वालो का आकड़ा 37 के पार हो चूका है, वही मरीजों की संख्या बढ़कर 150 तक पहुंच गई है। जिनका इलाज आंबेडकर अस्पताल में चल रहा है। यह आंकड़ा पिछले दो महीने का है। विशेषज्ञों के अनुसार 15 सितंबर के बाद बारिश खत्म होने लगेगी। उस वक्त डेंगू के मच्छर भी कम होने लगेंगे, लेकिन इसके तुरंत बाद मलेरिया के मच्छर पनपेंगे और सितम्बर के अंत से प्रदेश में मलेरिया का खतरा बढ़ने लगेगा। इसलिए अब स्वास्थ्य विभाग की बेचैनी बढ़ने लगी है। सूत्रों के अनुसार डेंगू को जल्दी खत्म करने के लिए ब अब स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय एजेंसियां मिलकर मुहिम शुरू करने वाली हैं, ताकि इसके बाद मलेरिया से मुकाबले में ज्यादा दिक्कत न आए। जुलाई महीने से दुर्ग-भिलाई समेत राजधानी में डेंगू फैला हुआ है। दुर्ग में तो इस बीमारी को महामारी घोषित किया जा चुका है। वर्तमान में अंबेडकर व निजी
अंबेडकर में भर्ती डेंगू के 43 मरीजों में दुर्ग-भिलाई के 25 मरीज, बेड फुल होने से लौटे मरीज़

अंबेडकर में भर्ती डेंगू के 43 मरीजों में दुर्ग-भिलाई के 25 मरीज, बेड फुल होने से लौटे मरीज़

छत्तीसगढ़
रायपुर (एजेंसी) | भिलाई-दुर्ग में डेंगू के कहर का नतीजा है कि प्रदेश के सबसे बड़े अंबेडकर अस्पताल के आइसोलेटेड वार्ड में बेड फुल हो गए हैं। इससे मरीजों को बिना इलाज कराए लौटना पड़ रहा है। बुधवार को डेंगू वार्ड में 43 मरीज भर्ती थे। इनमें 25 मरीज दुर्ग-भिलाई के रहने वाले हैं। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि कई मरीज इलाज कराने के बजाय निजी अस्पताल चले जाते हैं। ऐसे मरीजों की सूचना पुलिस को भेजी जा रही है।कालीनगर रायपुर की 15 वर्षीय स्प्रिहा सिन्हा को बुखार के साथ जोड़ों में दर्द हो रहा था। वह डेंगू का इलाज कराने के लिए अंबेडकर अस्पताल पहुंची थी। उसे ट्रामा सेंटर भेजा गया। वहां से जब आइसोलेटेड वार्ड भेजा गया तो भर्ती होने के लिए बेड नहीं था। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); स्टाफ से इस पर बहस भी हुई। जब बेड नहीं मिला तो परिजन स्प्रिहा को निजी अस्पताल लेकर चल