आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने बताया नक्सली सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही तोड़फोड़ करते है, संगठन में होता है भेदभाव - गोंडवाना एक्सप्रेस
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आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने बताया नक्सली सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही तोड़फोड़ करते है, संगठन में होता है भेदभाव

कोंडगांव (एजेंसी) | जवानों की ओर से लगातार चल रहे अभियान और दबाव के चलते मंगलवार को सात नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। सीआरपीएफ 188 बटालियान के सामने सरेंडर करने वाले नक्सलियों में एक महिला नक्सली भी शामिल  है। ये सभी नक्सली जनताना सरकार अौर मिलिशिया सदस्य हैं। सरेंडर के बाद नक्सलियों ने कहा कि वाे सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर यह कदम उठा रहे हैं।




सरेंडर करने वाले नक्सलियें में गुड्डू, धारू, मालती, रतीराम, धनेश्वर, मंगरू, श्रमेश शामिल हैं। इनका काम मीटिंग के लिए आदमी एकत्रित करना, राशन सामग्री जमा करना, फोर्स के मूवमेंट की सूचना देना, घटना को अंजाम देने वक्त सहयोग करना, हथियार सहित संत्री ड्यूटी करना, गांव के लोगों को संगठन में शामिल करने के लिए प्रेरित करना, संगठन का प्रचार-प्रसार करना था।

नक्सलियों ने बताया कि संगठन से जुडे़ रहने के बावजूद वह माओवादियो की विचारधार से त्रस्त थे। छत्तीसगढ के स्थानीय नक्सलियों के साथ आंध्रप्रदेश के नक्सली बुरा व्यवहार करते हैं। यहां की महिलाओं व युवतियों का शारीरिक शोषण करते अौर इस क्षेत्र से होने वाली अवैध वसूली को अपने व्यक्तिगत फायदों के लिए इस्तेमाल किया करते हैं। संगठन में छत्तीसगढ़ के नक्सलियों को वरिष्ठ पद नहीं दिए जाते हैं। बडे़ पदों पर आंध्र प्रदेश के नक्सली नेता ही रहते हैं। उनका सख्त आदेश है कि आंध्र प्रदेश में किसी तरह की तोड़फोड़ नहीं करनी है। वो छत्तीसगढ़ में भेद-भाव पूर्ण तरीके से स्कूल भवन और सड़कें नहीं बनाने देते हैं, जिसके चलते क्षेत्र में विकास नहीं हो पाया।

संगठन में रहते हुए अपने परिवार से भी मिलने नहीं दिया जाता है। इन सारी बातों का विरोध करने पर आंध्रप्रदेश के बडे़ नक्सली मारपीट और शोषण करते थे। सरेंडर करने वाले नक्सली जिला नारायणपुर के थाना छोटे डोंगर अौर जिला कोंडागांव के थाना पालकी के अंतर्गत रह कर कार्य कर रहे थे।



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