Chhattisgarh

पन्ना नंबर-107 से खुलेगा नान घोटाले का राज़, डायरी में दर्ज़ है नाम, अब सभी से होगी पूछताछ

रायपुर (एजेंसी) | नए साल के पहले ही दिन कांग्रेस सरकार ने भाजपा के कई बड़े नेताओं और अफसरों को बड़ा झटका दिया। कैबिनेट ने नान घोटाले की जांच के लिए आईजी के नेतृत्व में एसआईटी बना दी है। इसे फरवरी 2015 में हुई छापेमारी में नान मुख्यालय से मिली डायरी के अनछुए पन्नों की नए सिरे से जांच के आदेश दिए गए हैं।

इसे सरकार का बड़ा राजनीतिक फैसला माना जा रहा है, क्योंकि इस घोटाले में पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के शीर्ष नेतृत्व से जुड़े लोगों के नाम भी हैं। कैबिनेट मीटिंग के बाद मीडिया से चर्चा में कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने बताया, एसीबी के छापे में मिली डायरी में से सिर्फ 6 पेज की ही जांच कराई गई थी।

पेज नंबर 107 में कई महत्वपूर्ण लोगों के नाम सांकेतिक तौर पर लिखे गए हैं।राज्य सरकार इन सभी नामों को लेकर लिखी गई बातों की जांच कराएगी। एसआईटी इन सभी से पूछताछ कर अपनी रिपोर्ट देगी।

एक सवाल पर चौबे ने कहा कि सरकार बदले की नहीं, बल्कि विधिसम्मत कार्रवाई कर रही है। जांच में जो पहलू सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि इससे पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने डीजीपी डीएम अवस्थी से पूरे मामले की जानकारी ले ली है।

इसके बाद ही जांच की गुंजाइश बनते देख कैबिनेट में फैसला लिया गया है कि नान घोटाले की विशेष जांच कराई जाए। 2015 में नान घोटाले के खुलासे के बाद से ही कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। दो आईएएस अनिल टुटेजा और आलोक शुक्ला को भी इसमें आरोपी बनाया गया है। दोनों के खिलाफ चालान पेश हो चुका है।

हाल ही में टुटेजा ने मुख्यमंत्री बघेल को पत्र लिखकर मामले की नए सिरे से जांच की मांग की थी। इस केस में 17 अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। इनमें कुछ जमानत पर हैं तो कुछ अभी भी जेल में हैं। एसआईटी के इंचार्ज आईजी का नाम फिलहाल तय नहीं है।

Advertisement
Rahul Gandhi Ji Birthday 19 June

Leave a Reply