Chhattisgarh

ओमिक्रॉन से निपटने की स्वास्थ्य विभाग की तैयारी शुरू:छत्तीसगढ़ में RTPCR जांच 80% बढ़ेगी, 5 नई लैब,10 लाख से ज्यादा टेस्ट किट खरीदेंगे

कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के बढ़ते संकट से निपटने के लिए छत्तीसगढ़ में भी आरटीपीसीआर टेस्ट बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी गई। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग 10 लाख से अधिक आरटीपीसीआर टेस्ट किट खरीदने जा रहा है। यही नहीं, जशपुर, जांजगीर-चांपा, बालोद और दंतेवाड़ा को मिलाकर 5 जिलों में नई वायरोलॉजी लैब शुरू की जाएंगी।

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया कि यह तैयारी भी की जा रही है कि रोजाना जितनी भी जांच हो रही है, उसमें 80% आरटीसीपीआर टेस्ट रहें। यही नहीं, रायपुर में डॉ. अंबेडकर अस्पताल में एडवांस जीनोम सीक्वेंसिंग लैब की तैयारी पूरी है, इसलिए यहां और एम्स में लैब शुरू करने का आग्रह भी केंद्र सरकार से किया गया है। प्रदेश में सिंगल डोज का 95 प्रतिशत से अधिक टारगेट पूरा हो चुका है। दूसरा डोज भी टारगेट का 60 प्रतिशत लग चुका है।

दूसरे डोज के लिए कोवीशील्ड की स्थिति में 84 दिन और कोवैक्सीन के लिए 28 दिन का अंतराल है। इस लिहाज से देखा जाए तो देश और प्रदेश, दोनों ही स्तरों पर टीके काफी अधिक मात्रा में बचत में है। मंत्री सिंहदेव के मुताबिक बचत के इन्हीं टीकों से अब बूस्टर डोज और बच्चों का वैक्सीनेशन शुरू किया जा सकता है। दुनिया के बहुत से देशों में बूस्टर डोज और बच्चों का कोरोना टीकाकरण शुरू हो चुका है, इसलिए अब इस मामले में हमें देरी नहीं करनी चाहिए। केंद्र सरकार को इसके लिए हर बैठक में सुझाव दिए जा रहे हैं।

Leave a Reply