ओडिशा के बांध खोलने से बस्तर की नदियां उफान पर बाढ़ की आशंका

जगदलपुर में इंद्रावती का पानी खतरे के निशान तक पहुंच गया है। बीजापुर जिले में भोपालपट्टनम और मद्देड़ के बीच नेशनल हाइवे पर डेढ़ सौ मीटर सड़क बह गई है। सुकमा में शबरी का जलस्तर 24 घंटे में 9.89 मीटर बढ़ गया है। इससे आसपास के इलाके में बाढ़ का पानी भरने लगा है।

बस्तर | छत्तीसगढ़ के दक्षिणी हिस्से में कुछ दिनोें से हो रही बारिश के चलते कई नदी-नाले उफान पर हैं। ओडिशा ने खातीगुड़ा बांध के दो दरवाजे खोल दिए हैं। इसके कारण बस्तर, बीजापुर और सुकमा जिलों में कई कस्बे बाढ़ से घिरने लगे हैं।




सुकमा में शबरी नदी उफान पर है। इसमें 24 घंटे में पानी चार मीटर बढ़ा है। जगदलपुर में इंद्रावती खतरे के निशान पर पहुंच चुकी है। बीजापुर में बाढ़ में करीब 700 मवेशी बह चुके हैं। 65 मकान ढह गए हैं जबकि 268 मकानों को नुकसान हुआ है। करीब डेढ़ हजार एकड़ की फसल भी बर्बाद हुई है।

कांकेर जिले में सोमवार दुधावा तालाब का पानी ओवरफ्लो होकर कलेक्टोरेट परिसर में भर गया। इससे कलेक्टोरेट के जनदर्शन में आए हुए ग्रामीण देर तक भीतर ही फंसे रहे। सुकमा में शबरी का जलस्तर 24 घंटे में 9.89 मीटर बढ़ गया है। इससे आसपास के इलाके में बाढ़ का पानी भरने लगा है। मलकानगिरी मार्ग पर झापरा गांव के पास पानी पुल के ऊपर से बहने के कारण आना-जाना बंद है।

जगदलपुर में इंद्रावती का पानी खतरे के निशान तक पहुंच गया है। बीजापुर जिले में भोपालपट्टनम और मद्देड़ के बीच नेशनल हाइवे पर डेढ़ सौ मीटर सड़क बह गई है। रविवार को बाढ़ के पानी में बहे दो लोगों की लाश सोमवार को बरामद की गई। बाढ़ के चलते पेगड़ापल्ली पोटाकेबिन के 273 बच्चों को सेंडापल्ली शिफ्ट किया गया है।



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