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आ गए प्रभु श्री राम: अयोध्या में 492 साल बाद पूरा हुआ राम काज, PM मोदी ने 9 पवित्र शिलाओं से रखी राम मंदिर की नींव

अयोध्या | मुगल शासक बाबर ने 1528 में जिस राम मंदिर को गिरवा दिया था, 492 वर्ष बाद उसे पुर्नस्थापित करने का कार्य आज आरंभ हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर की आधारशिला रख दी। इसके साथ ही भारत के इतिहास में 5 अगस्त एक ऐतिहासिक तारीख बन गई है। पिछले वर्ष 5 अगस्त को ही जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 का समापन हुआ था।

पीएम मोदी बुधवार सुबह 11:30 बजे अयोध्या पहुंचे। वह हेलीपैड से सीधे हनुमान गढ़ी पहुंचे और बजरंगी बली के दर्शन किए। इसके बार रामलला की आरती की। नरेंद्र मोदी हनुमानगढ़ी और राम जन्मभूमि आने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री हैं। पीएम मोदी से पहले इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी अयोध्या तो आए, लेकिन किसी ने हनुमानगढ़ी और राम जन्मभूमि का दौरा नहीं किया। पीएम मोदी भी 29 वर्षों के बाद अयोध्या आए। इससे पहले वह 1991 में अयोध्या आए थे।

हनुमान गढ़ी में पूजा के बाद मोदी जब राम जन्मभूमि पहुंचे तो उन्होंने रामलला को साष्टांग दंडवत होकर प्रणाम किया। इसके बाद वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ राम मंदिर भूमि पूजन स्थल पहुंचे। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और अन्य अतिथि पहले से ही भूमि पूजन वाले स्थान पर मौजूद थे।

पीएम मोदी के पहुंचते ही भूमि पूजन का कार्यक्रम शुरू हुआ. राम मंदिर के गर्भगृह वाले स्थान पर एक गड्ढा खोदा गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस गड्ढे में देश भर के 2000 तीर्थ स्थानों से लाई गई मिट्टी, 100 से ज्यादा नदियों और कुंडो से लाए गए जल को डाला। इसके बाद पीएम मोदी ने 32 सेकंड के मुहूर्त में 9 पूजित शिलाओं को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गड्ढे में स्थापित किया। बकुल की लकड़ी से बने पात्र में सोना-चांदी समेत नौ रत्न रखकर गड्ढे में डाला गया। राम मंदिर भूमि पूजन का अनुष्ठान 40 मिनट चला।

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