शीत सत्र: रमन बाेले-ऑटोमोबाइल ठेकेदार को गुड़ का ठेका, क्या डीजल डालकर बेचेगा, मंत्री का जवाब- केंद्र की एजेंसी से ले रहे; हंगामा - गोंडवाना एक्सप्रेस
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शीत सत्र: रमन बाेले-ऑटोमोबाइल ठेकेदार को गुड़ का ठेका, क्या डीजल डालकर बेचेगा, मंत्री का जवाब- केंद्र की एजेंसी से ले रहे; हंगामा

रायपुर (एजेंसी) | पीडीएस के तहत गुड़ खरीदी पर बुधवार को विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। बस्तर के आदिवासियों को बांटे जाने वाले गुड़ी की सप्लाई एक ऑटोमोबाइल कंपनी के संचालक को दिए जाने को लेकर भाजपा विधायकों ने आपत्ति जताते हुए ठेका निरस्त करने की मांग की। खाद्य मंत्री ने ठेका प्रक्रिया नाफेड से कराने की बात कही।

मंत्री ने कहा कि पहले भी केन्द्र की एजेंसी से खरीदी होती रही है। हम ठेका कैसे रद्द कर सकते हैं। इस पर जमकर हंगामा करने के बाद भाजपा विधायकों ने सदन से वाकआउट कर दिया। डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक और अजय चंद्राकर ने ध्यानाकर्षण के जरिए कहा कि मधुर योजना के  तहत प्रदेश के बाहर से गुड़ मंगाए जाने पर राज्य के उत्पादकाें को नुकसान उठाना पड़ेगा।

नाफेड से गुड़ खरीदे जाने पर राज्य सरकार को 106 करोड़ का नुकसान होगा। उन्होंने इस टेंडर को रद्द कर राज्य के उत्पादकों से गुड़ खरीदे जाने की मांग की। खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि, नाफेड से गुड़ की खरीदी की जा रही है। 14 अक्टूबर 2019 को खरीदी की अनुमति दी गई है। पांच नवंबर को खरीदी के लिए अनुबंध की तिथि निर्धारित की है। इसमें अनिवार्य शर्त रखी गई है कि छत्तीसगढ़ के उत्पादकों से ही गुड़ की खरीदी की जाएगी।

23 नवंबर को नान ने नाफेड को प्रतिस्पर्द्धी दर पर खरीदी करने के लिए कहा गया है। गुड़ खरीदी की निविदा प्रक्रिया के लिए कोई राशि का भुगतान नहीं किया गया है। इस पर डॉ.रमन ने कहा कि स्थानीय उत्पादकों से गुड़ लिया जाएगा, लेकिन इसमें कौन क्वालीफाई कर सकेगा इसके लिए क्या शर्त रखी गई है? कवर्धा में ही 4 सौ से ज्यादा उत्पादक हैं। सबसे बेस्ट क्वालिटी का गुड़ कवर्धा में है। आज वहां खुले में गुड़ मिल रहा है। क्या जिस व्यक्ति को सप्लाई का काम दिया गया है वह आटोमोबाइल का काम करता है? मंत्री ने अपने जवाब में कहा है कि हमने नाफेड के जरिये ही खरीदी का निर्णय लिया है।

पीडब्ल्यूडी मंत्री ने कहा 15 से भरे जाएंगे सड़कों के गड्‌ढे

पीडब्ल्यूडी मंत्री ताम्रध्वज साहू ने घोषणा की कि प्रदेश की सभी सड़कों के गड्‌ढे 15 दिसंबर से भरना शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि एक साल के भीतर सभी गड्‌ढे भर लिए जाएंगे। साहू ने कहा कि सड़कों का हाल जानने वो खुद सड़क मार्ग से 17 जिलों का दौरा कर चुके हैं। प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक रंजना साहू ने धमतरी विधानसभा क्षेत्र की सड़कों की दुर्दशा का मामला सदन में उठाया था।

उन्होंने पूछा कि कुछ सड़कें तो ऐसी है जहां सड़कों का पता ही नहीं सिर्फ गड्‌ढे ही दिखाई देते हैं। इस पर भाजपा सदस्य ने पूछा कि अब तक कितने सदस्य कितने गड्ढे भरे हैं, इस पर पीडब्ल्यूडी मंत्री ने कहा कि वे इसकी संख्या नहीं बता सकते। कांग्रेस विधायकों ने कहा कि 15 साल का गड्‌ढा है इतनी जल्दी कैसे भरेगा थोड़ा टाइम तो लगेगा ना। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने चुटकी ली कि 15 साल का गड्ढा एक साल में नहीं भर सकता।

दो नए प्राधिकरणों में उपाध्यक्ष बनाए जा सकेंगे विधायक

सरकार ने खेल विकास और मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण बनाने का निर्णय लिया है। सीएम भूपेश बघेल इसके अध्यक्ष होंगे, जबकि किसी विधायक को उपाध्यक्ष बनाया जा सकता है। इसके लिए सरकार छत्तीसगढ़ विधानमंडल सदस्य निरर्हता निवारण संशोधन विधेयक लेकर आई है। कानून में संशोधन के बाद दोनों पद लाभ के पद के दायरे से बाहर हो जाएंगे। राज्य में करीब 128 निगम, मंडल, आयोग व प्राधिकरणों में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के पद हैं, जो लाभ के पद नहीं हैं।

बीजेपी शासन में इन पदों की संख्या 90 थी। कांग्रेस सरकार बनने के बाद 38 और पदों को लाभ के पद से बाहर किया गया। बजट सत्र में यह संशोधन किया गया था। अब दो और पदों को लाभ के दायरे से बाहर रखने के लिए सरकार कानून ला रही है। बता दें कि राज्य में कांग्रेस विधायकों की संख्या 69 हो चुकी है। मंत्रिमंडल में सीएम मिलाकर सदस्यों की संख्या 13 है। ऐसी स्थिति में विधायकों को निगम-मंडलों में पद दिए जाएंगे। कानून में संशोधन को इसका हिस्सा माना जा रहा है। बता दें कि निकाय चुनाव के बाद सरकार कुछ निगम-मंडलों में नियुक्तियां करेगी।

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