Chhattisgarh Gondwana Special

छत्तीसगढ़ की दो बहादुर बच्चियों को गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति कोविंद द्वारा राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा

रायपुर | अपनी जान की परवाह किए बगैर दूसरों की जान बचने वाली छत्तीसगढ़ की दो बहादुर बच्चियों को २५ जनवरी २०२० को नई दिल्ली में राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार 2019 से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा नवाजा जाएगा। छत्तीसगढ़ राज्य बल कल्याण परिषद ने अदम्य सहस का परिचय देने के लिए धमतरी जिले की भामेश्वरी निर्मलकर और सरगुजा जिले की कांति सिंह को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित करने की सिफारिश की थी।

भामेश्वरी ने गहरे पानी से बच्चियों को निकाला ही नहीं होश में भी ले आई

धमतरी जिले के कानीडबरी गांव में 12 साल की भामेश्वरी (पिता श्री जगदीश नेमलकर) ने गांव की दो बच्चियों को तालाब में डूबने से बचाया। गौरतलब है कि, कक्षा सातवीं की छात्रा भामेश्वरी को खुद तैरना ही नहीं आता था, फिर भी 17 अगस्त 2019 को गांव की दो बच्ची सोनम और चांदनी तालाब में डूबने से बचाया।

जब दोनों बच्चे डूबने लगे उसी वक्त भामेश्वरी भी वहां पहुंची और दोनों बच्चियों को डूबता देख तालाब में छलांग लगा दी। गहराई में दोनों बच्चियां को भामेश्वरी ने जैसे तैसे पकड़ा और किसी तरह खींचकर उन्हें किनारे तक ले आई। बाद में भामेश्वरी ने एक महिला की मदद से अचेत पड़ी दोनों बच्चियों को होश में सफलता पूर्व लाया। घटना की जानकारी मिलने पर जिले के कलेक्टर ने वीरता पुरस्कार के लिए भामेश्वरी के नाम की अनुशंसा की थी।

कांति मासूम बच्ची को साइन में दबाकर हाथियों के घेर से निकालकर ले आई

हाथियों के आतंक से त्रस्त सरगुजा जिले के मोहनपुर गांव की रहने वाली 9 साल की बच्ची कांति ने बहादुरी का परिचय देते हुए, जंगली हाथियों के दल से अपनी बहन की जान बचाई। चौथी कक्षा की छात्रा ने मात्र 8 साल की उम्र में यह कारनामा कर दिखाया था। 17 जुलाई 2018 को जंगली हाथियों का एक बड़ा दल गांव में घुस गया था। दल को देख ग्रामीण अपने घरों से निकल कर भागने लगे। इस दौरान हाथी खुर्रम कंवर के घर को तोड़ते हुए उनके बाड़े में घुस गए। कांति का परिवार भी घर से भाग गया था।

इसी बीच हड़बड़ी में वे अपनी 3 साल की बच्ची को ले जाना भूल गए। तब तक हाथियों का दल उनके घर को घेर चूका था। ऐसे में कांति ने हाथियों के बगल से एक दम फुर्ती से निकलते हुई घर घुसी और अपनी छोटी बहन को सीने में दबाएं तेजी से निकल आई। साल 2019 में कांति के इस साहसिक कदम को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी प्रशंसा कर चुके है और  26 जनवरी 2019 गणतंत्र दिवस पर रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कांति को राज्य वीरता पुरस्कार से सम्मानित भी किया था।

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