Chhattisgarh Politics

प्रदेश के केंद्रों से 36 लाख 3 हजार मीट्रिक टन धान अभी तक नहीं उठा, बारिश से हो सकता है खराब, 195 लाख क्विंटल धान 15 तारीख तक खरीदने की चुनौती

रायपुर | इस साल प्रदेश सरकार 19 लाख 52 हजार किसानों से 85 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने वाली है। इसके लिए 15 फरवरी तक की तारीख निर्धारित है। खाद्य सचिव कमलप्रीत सिंह के मुताबिक इस 85 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य में से अभी तक सरकार ने 68 लाख 63 हजार मीट्रिक टन धान खरीद लिया है।

इसमें से 32 लाख 60 हजार टन धान खरीदी केंद्र से उठा भी लिया गया है। मतलब खरीदी केंद्रों, संग्रहण केंद्रों में अभी भी 36 लाख 3 हजार मीट्रिक टन धान रखा हुआ है। इसी धान की स्थिति की पड़ताल भास्कर टीम ने 10 जिलों में की। हालात बदतर हैं। पिछले दिनों से प्रदेश में हो रही बारिश ने इन जिलों में खुले मैदान में रखे 93 लाख क्विंटल धान को बरबादी की कगार पर पहुंचा दिया है।

अभी ऐसी है 10 जिलों में स्थिति

कृषि मंत्री से पूछिए कि मंडियों में चबूतरे और शेड क्यों नहीं बने

खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि चबूतरे-शेड बनाने की जिम्मेदारी मंडियों की है। पूरे प्रदेश में समितियों ने एक हजार करोड़ रुपए से अधिक मंडी शुल्क के रूप में जमा किए हैं। मंडी का अधिकार क्षेत्र कृषि विभाग के अधीन है। यह कृषि मंत्री से पूछना चाहिए कि चबूतरे शेड क्यों नहीं बने। मैं कई बार इस बारे में ध्यान भी दिला चुका हूं।

फंड का पूरा उपयोग किया जाता है

कृषि मंत्री रवींद्र चौबे ने कहा कि मंडी को मिलने वाले फंड का विभाग पूरा उपयोग करता है। कई खरीदी केंद्रों में शेड और चबूतरे बने हुए हैं। जहां कमियां थीं, सरकार उन्हें चिह्नित करके दूर करवा रही है। आगे भी जहां जरूरत होगी काम करवाया जाएगा।

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