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स्कूली बच्चो को मध्यान्ह भोजन में अंडा परोसने का आदेश, कबीरपंथी विरोध में

रायपुर (एजेंसी) | कबीरपंथियों ने सरकारी स्कूलों के मध्यान्ह भोजन में अंडा नहीं परोसने की मांग की है। कबीर प्रगट उत्सव समिति ने इस संबंध में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखा है। समिति के अध्यक्ष डॉ. केआर साहू ने कहा कि इस आदेश से हमारी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। प्रदेश में कबीरपंथ समाज की बहुलता है। पंथ को मानने वालों के अलावा और भी कई वर्ग हैं, जो अंडा सेवन नहीं करते।

स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चे इस बात से अनजान होते हैं कि कौन सा खाना शाकाहार की श्रेणी में आता है और कौन सा मांसाहार की श्रेणी में। ऐसे में शासन द्वारा मध्यान्ह भोजन में अंडा देना उचित नहीं है। मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की गई है कि वे हमारी धार्मिक भावना का ख्याल रखते हुए मध्यान्ह भोजन में शुद्ध शाकाहारी भोजन परोसने का आदेश जारी करें।

सोशल मीडिया में भी तरह तरह के प्रतिक्रिया दे रहे है 

मध्यान्ह भोजन में अंडा परोसने को लेकर सोशल मीडिया में भी लोग अलग अलग प्रतिक्रिया दे रहे है। कुछ लोगो का कहना है कि छत्तीसगढ़ में ज्यादातर लोग मांसाहारी है। वही कुछ कह रहे है कि अंडा शाकाहारी आहार है। वही कुछ कह रहे है कि खाने की आदतें सभी में अलग अलग होती है। जिसको नहीं खाना है वो ना खाये पर जिनको खाना है उन्हें खाने दे।

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