Chhattisgarh Gondwana Special

योजना: कुपोषण के खिलाफ अभियान, प्रत्येक सुपरवाइजर को देंगे महीने में 5% बच्चों का टारगेट,स्वास्थ्य में सुधार कर सामान्य श्रेणी में लाएंगे

रायपुर (एजेंसी) | कुपोषण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग के अफसरों द्वारा मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इस प्लान के तहत मॉनिटरिंग करने वाले प्रत्येक सुपरवाइजर को मंथली पांच प्रतिशत बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने का टारगेट दिया जाएगा। सुपरवाइजर बच्चों के खानपान, रहन-सहन के बारे में जानकारी ली जाएगी। बच्चे को जल्द से जल्द सामान्य श्रेणी में कैसे लाया जा सकता है। इसके बारे में ध्यान दिया जाएगा।

सुपोषण योजना के तहत तैयार किए मास्टर प्लान में बराबर संख्या में मध्यम और गंभीर कुपोषित बच्चों की जवाबदारी दी जाएगी। प्रत्येक बच्चे का सोशल प्रोफाइल तैयार किया जाएगा। जिसमें परिवार की जानकारी जैसे परिवार क्या काम करता है, बच्चे की देखभाल कैसे की जाती है, खान पान का स्तर कैसा है आदि जानकारी प्रोफाइल में अपलोड की जाएगी। जो बच्चे अत्यधिक कुपोषित है जिनके स्वास्थ्य में सुधार कर पाना कठिन है। ऐसे बच्चों को एनआरसी भेजा जाएगा। सघन स्तर पर परिवार सम्मेलन किया जाएगा। जिसमें अभिभावकों को बच्चे की देखभाल कैसे करनी चाहिए, भोजन किस तरह और किस प्रकार का देना चाहिए इसके बारे में बताया जाएगा।

जिले में 20.14 प्रतिशत है कुपोषण दर

जिले में 3 हजार आंगनबाड़ियों का संचालन किया जा रहा है। इन आंगनबाड़ियों में 1,22,444 बच्चें पढ़ रहे हैं। इसमें से 20819 बच्चें मध्यम कुपोषण की श्रेणी में है। जबकि 4152 बच्चें गंभीर कुपोषण का शिकार है। जिले में कुपोषण दर 20.14 प्रतिशत है। इस दर को हर हाल में कम करने के उद्देश्य से मास्टर प्लान बनाया है।

मास्टर प्लान के अंतर्गत अब आंगनबाड़ी में मिलने वाले भोजन में हरी सब्जी शामिल करने के दिए गए निर्देश

मास्टर प्लान के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भोजन में ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जी इस्तेमाल करने के संबंध में निर्देश दिए गए है। भोजन मेनू में सुधार के लिए एक महीने का समय दिया जाएगा। इसके बाद भी सुधार नहीं आने पर संबंधित समूह को हटा दिया जाएगा। सरपंच को हरी सब्जी की व्यवस्था करने के कहा जाएगा। क्योंकि सरपंच इलाके से परिचित होते है, हरी सब्जी कहा और कैसे उपलब्ध हो सकती है, इस बारे में उन्हें अधिक जानकारी रहती है।

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