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राज्य सरकार ने लिया बड़ा फैसला, अब आरटीई के तहत 12वीं तक शिक्षा मुफ्त में दी जाएगी

रायपुर (एजेंसी) | प्रदेश में शिक्षा के अधिकार कानून के तहत 8वीं से आगे की पढ़ाई के इच्छुक कमजोर आर्थिक स्थिति वाले बच्चों को अब प्रदेश सरकार 12वीं तक फीस और किताबें मुफ्त देगी। ऐसे बच्चों की संख्या करीब 7600 है। ये फैसला प्रदेश सरकार ने बुधवार को कैबिनेट बैठक में लिया। अब तक प्रदेश में ये लाभ 8वीं तक के बच्चों को मिलता था।

फीस नियामक आयोग बनेगा

हर साल होने वाली फीस वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए सरकार फीस नियामक आयोग बनाएगी। ये मांग बीते 15 साल से की जा रही थी। पिछलीा सरकार ने इसकी घोषणा तो की, लेकिन इस पर कोई ठोस काम नहीं किया था।

हर बच्चे की निगरानी होगी

स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह ने कहा- पिछली योजनाओं से सबक लेते हुए हम एसएलए लागू कर रहे हैं। इससे प्रायमरी से मिडिल के हर बच्चे की निगरानी होगी। नए सत्र इसे लागू करेंगे।

10 साल में आधा दर्जन योजनाएं फेल, अब शिक्षा में गुणवत्ता के लिए एसएलए का सहारा

प्रदेश में स्कूली शिक्षा प्रयोगशाला से कम नहीं रही। बीते 10 साल में शिक्षा गुणवत्ता के लिए आधा दर्जन योजनाएं लागू हुईं, लेकिन सब फेल। कई रिपोर्ट्स में सामने आया पहली से 8वीं तक के बच्चों का स्तर कमजोर है। इसे लेकर फिर नई योजना लाई गई है। इसे स्टेट लेवल एसेसमेंट (एसएलए) नाम दिया गया है। योजना की अवधि 3 साल है। इस साल हुई पहली से 8वीं की वार्षिक परीक्षा के आधार पर रिपोर्ट बनेगी। परीक्षा में बच्चों द्वारा सवालों के दिए गए हर जवाब की ऑनलाइन एंट्री हो रही है। इसके अनुसार समीक्षा होगी कि बच्चों का ज्ञान किस विषय में कमजोर है। इसके आधार पर नए सत्र में पढ़ाई होगी। इसके लिए शिक्षकों का प्रशिक्षण हो चुका, अगले साल फिर समीक्षा होगी।

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