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कोरोना वाइरस: प्रदेश में 31 मार्च तक रहेगा लॉक डाउन, केवल जरूरी सेवाएं ही रहेगी जारी, अन्य मदद के लिए 104 या 112 डायल करें

रायपुर | छत्तीसगढ़ राज्य में रविवार को जनता कर्फ्यू था। देर शाम प्रदेश के मुख्यमंत्री भुपेश बघेल ने प्रशासनिक कफ्यू लगाने की घोषणा कर दी। सोशल मीडिया में लाइव आकर मुख्यमंत्री 31 मार्च तक पूरे प्रदेश को बंद करने की जानकारी दी उन्होंने कहा कि इस अवधि में किराना, दवा, दूध, जनरल स्टोर, पेट्रोल, गैस, जरूरी सामान का ट्रांसपोटेशन को अस्पताल, नगर निगम की साफ-सफाई वगैहर को छोड़ अन्य चीजें बंद रहेंगी। उ

न्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने कल और आज स्वैच्छिक कर्फ्यू का शतप्रतिशत पालन किया है । आज के आपके सहयोग से मेरा यह विश्वास अब प्रबल हो गया है कि अगले कुछ हफ्ते यदि हमने इसी तरह अपने दायित्व का पालन किया और अपने घरों में रहे तो हम छत्तीसगढ़ और देश में कोरोना को हराने में कामयाब हो जायेंगे ।

सीएम ने आगे कहा कि हमने छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए कई आवश्यक फैसले लिये है । विश्वभर में कोरोना वायरस से बचाव के लिए लॉकडाउन या आइसोलेशन को ही एकमात्र कारगर तरीका माना गया है और वो इसका कड़ाई से पालन भी कर रहे है । केंद्र शासन ने 31 मार्च तक यात्री रेल सेवा को बंद कर दिया।

छत्तीसगढ़  में भी  वायरस के फैलाव को रोकने के लिये हमने इसे शहरी क्षेत्रों में  31 मार्च तक कर्फ्यू को बढ़ाने का निर्णय लिया है । इस दौरान सभी कार्यालय, संस्थान, परिवहन सेवाएं और अन्य गतिविधियां बंद रहेगी। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए टोल फ्री नम्बर 104 एवं अन्य किसी भी प्रकार की समस्या के लिए 112 नम्बर डायल कर सम्पर्क करें।

जिनसे खतरा उनके हाथ पर लगेगी सील

स्वास्थ्य विभाग ने कोरोनावायरस संक्रमण पर काबू पाने के लिए होम-क्वारंटाइन की जरूरत वाले लोगों की मार्किंग करने की ठानी है। इसके लिए सील तैयार कर सभी जिलों के कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को भेजा गया है।  स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संचालनालय के मुताबिक होम-क्वारंटाइन की आवश्यकता वाले लोगों के बाएं हाथ की ऊपरी सतह पर सील लगाया जाएगा।

इससे उनकी पहचान हो सकेगी। साथ ही होम-क्वारंटाइन में रह रहे व्यक्तियों की लगातार निगरानी की जाएगी। अगर सील लगा हुई कोई भी इंसान बाहर दिखेगा तो उसे घर जाने को कहा जाएगा। यह सील हाथ पर 10 से 15 दिनों तक रहेगी। महाराष्ट्र में भी यह प्रयोग किया जा रहा है।

गरीबों के लिए राशन जारी

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गरीबों को  दिया जाने वाला राशन एडवांस में जारी कर दिया गया है। अन्त्योदय, प्राथमिकता, निःशक्तजन, एकल निराश्रित, निराश्रित एवं अन्नपूर्णा श्रेणी के राशन कार्डधारी को अपैल और मई महीने का चावल एक साथ दे दिया जाएगा। सरकार ने सभी राशनकार्डधारी उपभोक्ताओं को उचित मुल्य के दुकानों में राशन लेने के दौरान एक मीटर की दूरी बनाए रखने को कहा है। खाद्य विभाग द्वारा जारी आबंटन आदेश के अनुसार जिले के प्रत्येक उचित मूल्य के दुकानों में यह चावल वितरित किया जाएगा। राशन कार्डधारी उपभोक्ता अपनी सुविधानुसार एक ही माह का या जरुरत होने पर दोनों महीनों का चावल एक साथ ले सकता है। सरकार ने एक साथ दो महीने के चावल लेने की बाध्यता नहीं रखी है।

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