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छात्राओं को राहत: रविवि और दूसरे राजकीय विश्वविद्यालयों में अंतिम वर्ष को छोड़कर सभी परीक्षाएं रद्द

रायपुर | पं.रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय समेत अन्य राजकीय विवि में अंतिम वर्ष को छोड़कर प्रथम, द्वितीय समेत अन्य सभी परीक्षाएं आखिरकार रद्द हाे गई है। इनेक रिजल्ट आंतरिक मूल्यांकन और पूर्व परीक्षाओं में मिले नंबरों के आधार पर तैयार किया जाएगा। अंतिम वर्ष व अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं लॉकडाउन खत्म होने के बाद लीं जाएंगी।

उच्च शिक्षा विभाग की ओर से सोमवार को इस संबंध गाइडलाइन जारी की गई। इससे पहले, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने अप्रैल-मई में होने वाली सेमेस्टर परीक्षाओं को कैंसिल किया और आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर नतीजे जारी करने का निर्णय लिया। सोमवार को यह जानकारी सामने आने के बाद रविवि समेत अन्य विश्वविद्यालयों में भी परीक्षाओं को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई।

शाम को उच्च शिक्षा विभाग से शिक्षा सत्र 2019-20 के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए। इसके मुताबिक वार्षिक परीक्षा पद्धति के अंतर्गत अंतिम वर्ष और सेमेस्टर परीक्षा पद्धति के अंतिम अंतिम सेमेस्टर और सभी कक्षाओं के स्वाध्यायी छात्रों को छोड़कर अन्य सभी परीक्षाएं अब आयोजित नहीं होगी।

इन संस्थानों के लिए यह दिशा-निर्देश

पं.रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर, अटल बिहारी बाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय रायपुर, बस्तर विश्वविद्यालय, संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, अंबिकापुर, इंदरा गांधी कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग, सभी आटोनोमस कॉलेज को समेत अन्य।

बोनस नंबर की मांग करेंगे

एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा व प्रदेश सचिव भावेश शुक्ला का कहना है कि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस समय परीक्षा आयोजित नहीं करने का शासन ने निर्णय लिया है, यह सही है। अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए बोनस नंबर की मांग की जाएगी। गौरतलब है कि रविवि समेत अन्य विश्वविद्यालयों में परीक्षा आयोजित नहीं करने और जनरल प्रमोशन की मांग को लेकर पिछले महीने एनएसयूआई ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल को ज्ञापन सौंपा था।

व्यवस्था – छात्रों को श्रेणी सुधार का विकल्प भी मिलेगा

राज्य के कई विश्वविद्यालय व कॉलेजों में मार्च में परीक्षा शुरू हो चुकी थी। काेरोना वायरस की वजह से इसे स्थगित किया गया था। नए निर्देश के मुताबिक प्रथम वर्ष व द्वितीय वर्ष में जिन विषयों की परीक्षा 14 मार्च तक हो चुकी है उनका मूल्यांकन किया जाएगा। बचे हुए पेपरों के लिए आंतरिक मूल्यांकन, असाइनमेंट कार्य और पूर्व परीक्षाओं में मिले नंबर का इस्तेमाल किया जाएगा।

इन तीनों विकल्पों में एक किसी एक अथवा एक से अधिक विकल्पों का चयन संबंधित विश्वविद्यालय व संस्थान करेंगे। फिर इसके अनुसार रिजल्ट जारी किए जाएंगे। इसके आधार पर मिले नंबरों से असंतुष्ट होने पर छात्रों के लिए श्रेणी सुधार का विकल्प भी है। इसके लिए आगामी वर्ष या सेमेस्टर में परीक्षा की व्यवस्था की जाएगी।

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