Chhattisgarh

रायपुर: सप्रे शाला मैदान पर कब्जे को लेकर लोगों ने किया प्रदर्शन, महापौर बोले- इससे प्रोजेक्ट पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा

रायपुर | बूढ़ापारा इलाके में स्थित माधव राव सप्रे स्कूल के मैदान पर जारी नगर निगम के काम का रहवासियों ने विरोध किया। रविवार को हाथों में मैदान मेरी जान है..जैसे स्लोगन लिखे पोस्टर लेकर लोग नजर आए। मैदान के आस-पास के घरों के सामने करीब 30 मिनट तक लोगों ने प्रदर्शन किया।

लॉकडाउन से बाहर आ रहे शहर में इस तरह लोगों का विरोध कई दिनों बाद किसी मुद्दे पर देखने को मिला। सभी की मांग यही थी कि मैदान पर किसी तरह का प्रोजेक्ट ना लाया जाए, खेल के मैदान को उसके मूल स्वरूप में ही रहने दिया जाए। बूढ़ातालाब में जारी सौंदर्यीकरण के इस प्रोजेक्ट में सप्रे मैदान से सटे दानी गर्ल्स स्कूल के मैदान का भी कुछ हिस्सा शामिल है।

इस आंदोलन के समर्थन में  सप्रे स्कूल मुख्य मार्ग, हनुमान मंदिर गली, दानी बाड़ा गली, हलवाई लाइन, सादर बाजार, नया पारा रोड, पुलिस लाइन ,बिजली आफिस के पीछे  स्थित घर के सामने लोगों ने पोस्टर लेकर विरोध किया। इस प्रदर्शन में  वीरेंद्र  पांडे,गौतम बंदोपाध्याय, धर्मराज महापात्रा, शैलेन्द्री परगनिहा , मुरली शर्मा,स्मिता देशपांडे, विजय जयसिंघानी समेत कई लोगों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने कहा कि मैदानकी जमीन को सड़क निर्माण के लिए लिया गया है।  ना ही दावे आपत्ति मांगे गए, ना ही अन्य प्रक्रिया का पालन हुआ। रातों-रात काम शुरू करवा दिया गया। जबकि शाला व मैदान लिए आरक्षित जमीन को अन्य प्रयोजनइ के इस्तेमाल करना सही नहीं।

यह है प्रोजेक्ट

नगर निगम बूढ़ातालाब का सौंदर्यीकरण कर रहा है। स्मार्ट सिटी की टीम इस काम का जिम्मा संभाल रही है। सप्रे और दानी स्कूल के मैदानों के बड़े हिस्से को इसमें उपयोग में लाया जा रहा है। इन मैदानों की जमीन लेकर तालाब किनारे सड़क की चौड़ाई बढ़ाने की योजना है। नगर निगम की तरफ से दावा किया गया है कि इससे आने वाले दिनों में मैदान और सुंदर होंगे, यहां अन्य सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी।

महापौर बोले – फर्क नहीं पड़ता

लोगों के विरोध के सवाल पर महापौर एजाज ढेबर ने कहा कि यह प्रदर्शन सुनियोजित है। मैं यह बात शुरू से कह रहा हूं। विरोध कर रहे लोगों ने कहा कि पेड़ उखाड़े जाएंगे, एक भी पेड़ नहीं उखाड़ा गया, ओपन जिम को शिफ्ट करने का विरोध किया वो भी शिफ्ट नहीं हो रहा, पाथवे खराब करने की बात आई, वो भी नहीं हो रहा। हमने उनको अपनी बात बता दी है। जन भावनाएं उनके साथ नहीं है। सिर्फ 10 -15 लोग हैं उनका काम यही है। प्रोजेक्ट को इससे फर्क नहीं पड़ता। जन भावना का मुद्दा होता तो बात अलग होती, यहां राजनीति हो रही है, यह राजनीति कहां से हो रही है, हमें यह भी पता है।

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