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पद्म विभूषण तीजन बाई को यूपी में मिला लोक निर्मला सम्मान

लखनऊ | लखनऊ स्थित संत गाडगे कैंपस में सोनचिरैया संस्था की ओर से पंडवानी गायिका पद्म विभूषण तीजन बाई को लोक निर्मला सम्मान से नवाजा गया। सम्मान के तौर पर उन्हें उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक लाख रुपए और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया।

संस्था की ओर से लोक संस्कृति के उत्थान में बेहतर काम करने के लिए यह सम्मान दिया गया है। लोक निर्मला सम्मान हर साल दिया जाएगा। पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित तीजन बाई ने समारोह में पंडवानी की प्रस्तुति भी दी।

संयोजिका वरिष्ठ लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि लोक संस्कृति के उत्थान के लिए असाधारण सेवाओं के लिए 2020 से नियमित रूप से लोक निर्मला सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि महान पंडवानी गायिका तीजनबाई का जन्म 24 अप्रैल 1956 को छत्तीसगढ़, भिलाई के गाँव गनियारी में हुआ था। वह पंडवानी लोक गीत-नाट्य की पहली महिला कलाकार हैं। देश-विदेश में अपनी कला का प्रदर्शन करने वाली तीजनबाई को बिलासपुर विश्वविद्यालय ने डी-लिट की मानद उपाधि से अलंकृत किया है।

उन्हें साल 1988 में भारत सरकार की ओर से पद्म श्री, साल 2003 में पद्म भूषण और साल 2019 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। 1995 में उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। अपने नाना ब्रजलाल से बचपन में सुनी महाभारत की कहानियों से वह इतना अधिक प्रेरित हुई कि महाभारत की कथा, गायकी अंदाज में कहने का निर्णय उन्होंने कर लिया। उन्होंने महज 13 साल की उम्र में पहली प्रस्तुति दी थी। उस समय में महिलाएं केवल बैठकर ही गायन करती थीं जिसे वेदमती शैली कहा जाता है। तीजनबाई ने पहली बार पुरुषों की तरह खड़े होकर कापालिक शैली में गायन कर सबको हैरत में डाल दिया। ऐसे महान योगदान को देखते हुए सोनचिरैया संस्था की ओर से पहला लोकनिर्मला सम्मान तीजन बाई को दिया जा रहा है।

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