Chhattisgarh

IT Raid का पांचवां दिन: सीएम की उपसचिव के घर फिर पहुंचे अधिकारी, जांच के लिए बंगले की सील तोड़ी

भिलाई | मुख्यमंत्री की उप सचिव सौम्या चौरसिया के भिलाई स्थित बंगले पर सोमवार दोपहर करीब 12 बजे आयकर की टीम फिर पहुंची। बंगले को सील करने के 42 घंटे बाद आई टीम ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इससे पहले आयकर की टीम यहां 28 फरवरी को छापा मारा था, लेकिन 24 घंटे डेरा जमाए रहने के बाद भी किसी के सामने नहीं आने पर अगले दिन यानी 29 फरवरी की शाम 5 बजे बंगले को सील कर दिया गया था।

रविवार रात करीब 8.30 बजे सौम्या चौरसिया अपने बंगले पर पहुंची और टीम को सहयोग देने की बात कही। इससे पहले उनके पति सौरभ मोदी ने दोपहर में मीडिया से बात की थी। इस बीच सूचना है कि आयकर विभाग के अफसरों ने आबकारी ओएसडी एपी त्रिपाठी के बंगले से अवैध शराब के खेल को लेकर तमाम दस्तावेज जब्त किए हैं।

सौम्या बोलीं- वह ऑफिस में थीं, पति ने कहा- 2 दिन से तलाश कर रहा था

रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में इनकम टैक्स की कार्रवाई सोमवार को पांचवें दिन भी जारी है। वहीं, भिलाई के सूर्या रेसीडेंसी स्थित अपने बंगले पर रविवार रात को पहुंची सौम्या चौरसिया ने कहा था कि कार्रवाई करने आई आयकर की टीम ने उनसे संपर्क नहीं किया। उन्हें मीडिया के जरिए इसका पता चला। वह 27 और 28 फरवरी को अपने ऑफिस में थी। उन्होंने कहा कि रविवार को पति और सीए ने आईटी के अधिकारियों से संपर्क किया था। उन्होंने कहा- वह आईटी की कार्रवाई में सहयोग करेंगी। वह एक जिम्मेदार पद पर पदस्थ हैं। सभी तरह की जांच के लिए तैयार हैं।

पति सौरभ मोदी ने कहा- सौम्या की तलाश में रायपुर गया था

आयकर के बंगला सील करने के बाद सौम्या चौरसिया के पति सौरभ मोदी ने कहा कि शनिवार सुबह उन्हें कार्रवाई का पता चला था। इसके बाद वह पत्नी की तलाश में रायपुर गए थे। जब पत्नी का पता नहीं चला तो वह रायपुर स्थित गेस्ट हाउस में रुक गए। शनिवार देर रात घर लौटे तो पता चला कि टीम ने घर को सील कर दिया। 2 दिनों तक पत्नी से भी संपर्क नहीं हो पा रहा था। शनिवार शाम को बातचीत से पता चला कि पत्नी सुरक्षित हैं। वह लीगल एडवाइज लेने के बाद घर लौटेंगी।

ओएसडी त्रिपाठी के अवैध शराब के खेल में प्लेसमेंट एजेंसी से लेकर ट्रांसपोर्टर तक की भूमिका

आयकर विभाग के छापों में अवैध शराब का खेल का भी पता चला है। बताया जा रहा है कि सबने मिलकर प्राइवेट कनसाइनमेंट के नाम पर अवैध शराब (बिना टैक्स भुगतान) मार्केट में खपाकर शासन को राजस्व की बड़ी क्षति पहुंचाई। इस खेल का मास्टर माइंड आबकारी विभाग के ओएसडी एपी त्रिपाठी को बताया जा रहा है। रायपुर स्थित प्लेसमेंट से जुड़ी सुमित एजेंसी, विकास अग्रवाल और सिद्धार्थ सिंघानियां के यहां छापा मारने के बाद आयकर के निशाने पर डिस्टलरी कंपनियों के साथ ट्रांसपोटर्स पर आ गए हैं।

अवैध शराब की बिक्री से बड़े राजस्व का नुकसान: आईटी सूत्र

बताया जा रहा है कि अधिक शराब का उत्पादन कर कम होना दर्शाया। बाकी शराब बिना टैक्स का भुगतान किए पीसीएम के तहत मार्केट में सप्लाई की। वहीं, ट्रांसपोटर्स ने ऐसी शराब का भी परिवहन किया जो टैक्स भुगतान नहीं होने की वजह से अवैध रही है। आईटी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि अब तक छापे में मिले दस्तावेजों का अवलोकन करने पर यह तो साफ हो गया है कि अवैध शराब की बिक्री के कारण प्रदेश को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। दस्तावेजों की जांच से आगे की कार्रवाई तय होगी।

समुद्र सिंह की अनुशंसा पर हुई थी एंट्री

खुलासा हुआ है कि भाजपा सरकार में 5 हजार करोड़ के एक्साइज घोटाले का आरोपी और ईओडब्ल्यू की ओर से 10 हजार का इनामी और भगोड़ा घोषित तत्कालीन आबकारी आयुक्त समुंदर सिंह की अनुशंसा पर बीएसएनएल के अफसर एपी त्रिपाठी की एंट्री छत्तीसगढ़ के आबकारी विभाग में हुई थी। विधानसभा चुनाव के ठीक पहले ओएसडी त्रिपाठी को स्वास्थ विभाग में अटैच कर दिया गया, इसे लेकर प्रशासनिक हलकों में हैरानी भी जताई गई थी। चुनाव के बाद कांग्रेस की सरकार बनने पर भी त्रिपाठी का प्रभाव कम नहीं हुआ।

5 साल में छोटे से मकान में रहने वाला कर्मचारी बंगले में पहुंचा

अब तक की जांच में सामने आया है कि आबकारी विभाग में शूटर के नाम से मशहूर भिलाई स्टील प्लांट का कर्मी 5 साल पहले शराब के अवैध कारोबार से जुड़ा। इस अवैध धंधे में उतरने के पहले वह खुर्सीपार में सीमेंट की सीट के छत वाले मकान में रहता था। वर्तमान में वह शहर के उसी पॉश कॉलोनी सूर्या रेसिडेंसी में रह रहा है, जहां मुख्यमंत्री की उप सचिव सौम्या चौरसिया निवास करती है। बताया जा रहा है कि डायरी में शूटर का नाम जिक्र किया गया है। वह भी रडार पर आ सकता है। इसके बाद जो खुलासे होंगे वह कई रसूखदारों की पोल खोल सकते हैं। बताया जा रहा है कि वह गायब हो गया है।

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