Chhattisgarh

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षाएं रद्द, औसत मूल्यांकन के आधार पर होगा जनरल प्रमोशन

रायपुर | इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने अप्रैल-मई में होने वाली सेमेस्टर परीक्षाओं को आखिरकार कैंसिल कर दिया है। प्रदेश में यह पहला मामला है, जब किसी विश्वविद्यालय ने अपनी परीक्षाएं ही रद्द की हैं। इसके बदले में छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन और पूर्व परीक्षाओं में मिले नंबरों के औसत के आधार पर अंक दिए जाएंगे। विश्वविद्यालय ने इसके लिए तैयारी कर ली है।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) व आईसीएआर की  गाइडलाइन के आधार पर ये फार्मूला बना है। एकेडमिक काउंसिल से अनुमति भी मिलने की सूचना है।

इससे पहले, गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी बिलासपुर ने परीक्षा कैंसिल की थी, लेकिन यह राज्य के बजाय केंद्र से संचालित विवि है और वह फैसला राष्ट्रीय स्तर पर लिया गया था। बिना परीक्षा आयोजित किए रिजल्ट जारी करने का कृषि विश्वविद्यालय के अलावा राज्य में कोई और उदाहरण नहीं है। कृषि विश्वविद्यालय से जुड़े सरकारी व प्राइवेट कॉलेजों की संख्या 40 है।

यहां कृषि, उद्यानिकी व कृषि अभियांत्रिकी से संबंधित स्नातक स्तरीय व स्नातकोत्तर के पाठ्यक्रम संचालित हैं। इनकी सेमेस्टर परीक्षा अप्रैल-मई में होने वाली थी। विश्वविद्यालय से इसके लिए तैयारी की गई थी। लेकिन कोरोना वायरस व लॉकडाउन की वजह से परीक्षा नहीं हुई। अगले कुछ महीने तक परीक्षा के आयोजन की संभावना भी नहीं है। इसे देखते हुए विश्वविद्यालय ने परीक्षा आयोजित नहीं करने की तैयारी की है।

हर सेमेस्टर के रिजल्ट के आधार पर निकलेगा औसत

विवि प्रबंधन के अनुसार रिजल्ट तैयार करने का फार्मूला ऐसा है कि टॉपर छात्रों को भी दिक्कत नहीं होगी। जैसे, थर्ड ईयर में कोई छात्र है तो उसका रिजल्ट तैयार करने में प्रथम, द्वितीय व तृतीय ईयर के प्रथम सेमेस्टर के रिजल्ट को देखा जाएगा। उसके अनुसार औसत नंबर दिए जाएंगे। इसके अलावा आंतरिक मूल्यांकन भी होगा। इसी तरह प्रथम सेमेस्टर के तहत दो महीने की कक्षाएं हो चुकी है। इसके अनुसार आंतरिक मूल्यांकन होगा।

जनरल प्रमोशन जैसा ही

लॉकडाउन की वजह से स्कूलों में प्राइमरी, मिडिल, 9वीं-11वीं की कक्षाओं मे जनरल प्रमोशन दिया गया। कृषि, उद्यानिकी व कृषि अभियांत्रिकी से जुड़े कॉलेजों में भी सेमेस्टर परीक्षा कैंसिल करना कुछ ऐसा ही है। हाल में रविवि, बिलासपुर विवि, बस्तर विवि समेत अन्य राजकीय विश्वविद्यालयों में भी जनरल प्रमोशन की मांग छात्रों ने उठाई थी, लेकिन अब तक कोई फैसला नहीं हुआ है। माना जा रहा है कि कृषि विवि के कदम के बाद यह मामला छात्र जगत में दोबारा गर्मा सकता है।

परीक्षा लेना संभव नहीं

विवि से जुड़े कॉलेजों में छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य राज्यों के छात्र भी हैं। अभी उनका आना संभव नहीं है। सेशन भी समय पर शुरू करना है, इसलिए तय किया है कि अप्रैल-मई में होने वाली सेमेस्टर परीक्षा अब नहीं लेंगे।

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