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केंद्र और राज्य सरकार की लड़ाई में तब्दील हो रही इनकम टैक्स की रेड, जानिए- 4 दिन से चल रही रेड में अब तक क्या-क्या हुआ…

रायपुर | आयकर विभाग की रविवार को चौथे दिन भी प्रदेश में कार्रवाई जारी है। अफसरों के छापों का दायरा बढ़ता जा रहा है। लिस्ट में अभी 32 नाम और हैं। इनमें राजनेता से लेकर कारोबारी तक शामिल हैं। इधर, छापे की भनक लगने के बाद प्रदेश के 3 कारोबारी फरार हो गए हैं। इनमें से एक के घर से आयकर विभाग की टीम ने करोड़ों की संपत्ति बरामद की है। चर्चा है कि अफसरों की एक टीम जल्द धमतरी का भी रुख कर सकती है।

इससे पहले अफसरों की टीम ने रायपुर, भिलाई, बिलासपुर में अब तक 10 से ज्यादा लोगों के ठिकानों पर छापे मारे हैं। जो 7 लोग जांच के घेरे में हैं, उनमें रायपुर के महापौर एजाज ढेबर, राज्य प्रशासनिक सेवा की अफसर और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपसचिव सौम्या चौरसिया, आईएएस अनिल टुटेजा और विवेक ढांड का नाम शामिल है।

दरअसल, रायपुर से शुरू हुई इनकम टैक्स की कार्रवाई भिलाई तक पहुंची तो इसमें कई बड़े नाम और जुड़ते चले गए। इसके साथ ही आयकर के छापों की लिस्ट भी लंबी होने लगी। अब इसमें धमतरी के भी एक कारोबारी का नाम सामने आ रहा है। शुरू से यह बात पुष्ट हो गई थी कि यह कार्रवाई राजनीतिक फंडिंग से जुड़ी हुई है।

जांच के दौरान पता चला है कि रायपुर के कुछ बड़े प्रॉपर्टी कारोबारियों ने 30 से 35 लाख रुपए तक की फंडिंग की है। रायपुर में एक प्रॉपर्टी कारोबारी ने तो छापे शुरू होते ही अपने ऑफिस में लगे 4 कंप्यूटर का डाटा अपडेट किया, वहीं 3 कंप्यूटर के साथ कारोबारी खुद गायब है।

एक कारोबारी की लोकेशन इंदौर में मिली

आयकर सूत्रों की मानें तो 3 कारोबारी मंजीत सिंह, राजेश अग्रवाल और विकास अग्रवाल फरार हैं। शराब कारोबारी विकास अग्रवाल के शंकर नगर के गोलछा अपार्टमेंट में आयकर विभाग ने छापा मारा था। वहां पर 3 फ्लैट सील किए गए हैं। कार्रवाई के दौरान लाखों के जेवर भी बरामद हुए हैं। कार्रवाई के बाद से विकास अग्रवाल फरार हो गया है। विकास ने बड़ी कॉलोनी डेवलप की है और बड़े नौकरशाह के साथ तस्वीर वायरल है। जबकि एक अन्य कारोबारी मंजीत सिंह की लोकेशन आयकर विभाग को इंदौर में मिली है।

मेयर के भाई के घर से देर रात 12 बैग लेकर निकली टीम

आयकर विभाग ने शनिवार देर रात रायपुर मेयर एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर के घर कार्रवाई पूरी कर ली। वहां से 12 से ज्यादा बैग में दस्तावेज लेकर टीम निकली। इसी तरह आईएएस अनिल टुटेजा की पत्नी मीनाक्षी टुटेजा के पॉर्लर से भी 20 से ज्यादा बैग लेकर टीम रवाना हुई। फायनेंस ब्रोकर कमलेश जैन और पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड के घर भी कार्रवाई पूरी हो गई है।

कारोबारी गुरुचरण सिंह होरा के बंगले से भी अब आयकर अधिकारी कार्रवाई पूरी कर निकल रहे हैं। कुछ लोगों के बंगलों से दीवारें तोड़कर विदेशी मुद्राएं बड़ी मात्रा में निकाली गई हैं। इसके बाद कुछ अफसर 40 से ज्यादा बैग, कार्टन और दस्तावेज लेकर अलग-अलग फ्लाइट से दिल्ली रवाना हुए हैं। बरामद दस्तावेजों से पता चल रहा है कि दुबई और सिंगापुर में भी प्रॉपर्टी बनाई गई है।

जानिए इन 4 दिनों में कब क्या-क्या हुआ…
27 फरवरी 

  • सुबह 7.30 बजे : दिल्ली से विशेष विमान के जरिए आयकर के 105 अफसर रायपुर पहुंचे। इनके साथ सीआरपीएफ के 200 जवान भी थे।
  • सुबह 8 बजे : आयकर की 8 टीमों ने रायपुर मेयर एजाज ढेबर, पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड, आईएएस अनिल टुटेजा, सीए अजय सिंघवानी, होटल कारोबारी गुरुचरण सिंह होरा, मेयर के भाई अनवर ढेबर, डॉ. ए फरिश्ता, सीए संजय संचेती और सीए कमलेश जैन के 32 ठिकाने पर एक साथ छापे मारे।
  • सुबह 11 बजे : एक टीम भिलाई पहुंची और सेक्टर 9 स्थित आबकारी विभाग के ओएसडी अरुणपति त्रिपाठी के बंगले पर छापा मारा।
  • शाम 6 बजे : पीसीसी चीफ मोहन मरकाम ने कार्रवाई को सही बताया। कहा- पूर्व सरकार में जो मलाईदार पदों पर थे उनके यहां छापे पड़े हैं।
  • रात 8 बजे : छत्तीसगढ़ पुलिस ने राज टॉकीज के पास खड़ी आयकर अफसरों की गाड़ियों काे जैक लगाकर लॉक किया।
  • रात 12 बजे : पुलिस उन सभी गाड़ियों को अवैध पार्किंग में खड़ा बताकर पुलिस लाइन ले गई।

28 फरवरी

  • दोपहर 1.30 बजे : भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा ने विधानसभा में आयकर विभाग की गाड़ियों को जब्त करने का मामला उठाया।
  • आयकर विभाग की टीम मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपसचिव सौम्या चौरसिया के भिलाई के सूर्या रेसिडेंसी स्थित बंगले पर पहुंची। वहीं कारोबारी अनूप बंसल के बंगले पर छापा मारा।
  • दोपहर 3 बजे : विधानसभा में आयकर विभाग की गाड़ियों का मामला उठने के बाद आनन-फानन में उनका चालान कर पुलिस ने छोड़ा।
  • शाम 4 बजे : आयकर विभाग की टीम ने जगदलपुर में डॉक्टर समेत 3 कारोबारियों के यहां छापा मारा।
  • शाम 5 बजे : बंद बंगले का दरवाजा नहीं खुलने पर चाबी बनाने वाले को बुलाया गया। फिर भी दरवाजा नहीं खुला।
  • शाम 6.30 बजे : आयकर छापों को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आपात बैठक बुलाई।
  • शाम 7.30 बजे : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत पूरा मंत्रिमंडल राजभवन पहुंचा। वहां राज्यपाल को ज्ञापन सौंप आयकर छापों पर विरोध जताया। इन छापों को असंवैधानिक बताते हुए लीगल कार्रवाई की बात कही।
  • रात 9 बजे : भिलाई में उपसचिव सौम्या चौरसिया के बंगले का दरवाजा नहीं खुलने पर गद्दे मंगाकर टीम ने वहीं रात बिताई।
  • रात 10 बजे : बिलासपुर में शराब कारोबारी अमलोक सिंह भाटिया के दयालबंद स्थित घर और फैक्ट्री में तीन टीमों ने छापा मारा।
  • रात 11 बजे : रायपुर मेयर एजाज ढेबर और उनके भाई अनवर ढेबर के यहां छापे की कार्रवाई पूरी हुई।

29 फरवरी

  • सुबह 10 बजे : मध्य प्रदेश और दिल्ली से सीबीआई की टीम रायपुर और भिलाई पहुंची।
  • दोपहर 12 बजे : छापों के विरोध में कांग्रेस ने रायपुर के गांधी मैदान में प्रदर्शन शुरू किया।
  • दोपहर 1 बजे : कांग्रेसी रैली निकालकर सिविल लाइंस स्थित आयकर भवन पहुंचे। पुलिस के लगाए बैरिकेट तोड़कर आगे बढ़े।
  • दोपहर 2 बजे : रायपुर मेयर एजाज ढेबर के करीबी और पूर्व पार्षद अफरोज अंजुम के बैजनाथ पारा स्थित घर पर छापा मारा।
  • दोपहर 2.30 बजे : शनिवार होने के कारण आयकर भवन बंद था। ऐसे में राष्ट्रपति के नाम एडीएम को सौंपा ज्ञापन।
  • दोपहर 3 बजे : मुख्यमंत्री कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के लिए दिल्ली रवाना हुए।
  • शाम 4.55 बजे : आयकर विभाग की टीम ने उपसचिव सौम्या चौरसिया के भिलाई स्थित बंगले को सील किया। 24 घंटे से भी ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद कोई नहीं पहुंचा और दरवाजा नहीं खुला।

महाराष्ट्र के सबसे बड़े रेंज मुंबई से 50 अफसर बुलाए, होटल में बनाया कंट्रोल रूम

  • महापौर ढेबर के लैपटॉप, कैरेटो मीटर और नोट गिनने की मशीन सहित अन्य चीजों की जांच हुई। कार्रवाई समेट ली गई है।
  • भिलाई में एपी त्रिपाठी के बंगले से सामान और दस्तावेज मिले हैं, जांच टीम साथ ले गई है।
  • गुरुवार को मिले तथ्यों के आधार पर शुक्रवार की कार्रवाई के लिए रायपुर आईटी कमिश्नरेट के अफसरों की भी मदद ली गई।
  • दो दिन से जारी पड़ताल में मिली जानकारी और दस्तावेज सहेजने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके लिए टीम ने रायपुर के इनकम टैक्स कमिश्नर से 22 कंप्यूटर, प्रिंटर और फोटोकापी मशीनें मांगी। इनकी मदद से पूर्व सीएस ढांड, अनवर ढेबर और सीए कमलेश जैन के यहां मिले दस्तावेज और अन्य चीजों की एंट्री की जा रही है। कंट्रोल रूम एक होटल में है।
  • जांच के बढ़ते दायरे को देख आयकर ने मुंबई से 50 अफसरों को बुला लिया। शनिवार से ये काम संभाल लेंगे तब लोकल अफसर हटा लिए जाएंगे। ईडी की भी मदद ली जा रही है। वजह- ईडी के पास पहले ही अनिल टुटेजा का केस है। साथ ही आईटीएस अफसर एपी त्रिपाठी केंद्रीय अधिकारी हैं। उन्हें भी जांच के दायरे में लिया जाएगा। त्रिपाठी के विदेशी निवेश के सबूत मिले हैं।

ये प्रमुख लोग आयकर विभाग के निशाने पर

  1. एजाज ढेबर : रायपुर के नवनिर्चाचित मेयर एजाज ढेबर पर 2010 में मारपीट और बलवा का केस दर्ज हुआ था। इसके अलावा शहर के अलग-अलग थानों में 8 केस दर्ज हैं। इनके वेलिंगटन होटल के साथ ही कई रेस्टोरेंट हैं, जो अलग-अलग शहरों में संचालित हैं। इसके अलावा रियल स्टेट, स्टील का भी कारोबार है।
  2. सौम्या चौरसिया : राज्य प्रशासनिक सेवा 2008 बैंच की अफसर हैं। पेंड्रा,  बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई और पाटन एसडीएम पद रह चुकी हैं। पहली बार भिलाई चरौदा नगर निगम की आयुक्त की जिम्मेदारी निभाई, फिर 2016 में रायपुर नगर निगम में अपर आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद दिसंबर 2018 में मुख्यमंत्री का उपसचिव नियुक्त किया गया।
  3. अनवर ढेबर : मेयर एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी के काफी करीबी रहे हैं। इसके बाद कांग्रेस के समर्थक हो गए। अनवर का ढेबर स्टील, ढेबर सिटी (रियल स्टेट) में बड़ा दखल है। संयुक्त परिवार के साथ रहते हैं।
  4. विवेक ढांड : पारिवारिक रूप से काफी सम्पन्न आईएएस विवेक ढांड रेरा के चेयरमैन हैं। वे रमन सिंह सरकार के दौरान 4 सालों तक 2014-18 तक राज्य के प्रमुख सचिव रहे चुके हैं। पूरा परिवार संघ के काफी करीब है। आईएएस विवेक ढांड मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कॉलेज में पढ़ा चुके हैं। सरकार बदलने के बाद सीएम के करीब आए। रायपुर के ही रहने वाले हैं और सिविल लाइंस में बंगला है। वहीं पर आयकर की जांच चल रही है।
  5. अनिल टुटेजा : बिलासपुर के मूल निवासी आईएएस अनिल टुटेजा वर्तमान में उद्योग विभाग के संयुक्त सचिव हैं। प्रदेश के बहुचर्चित नान घोटाले में भी आरोपी हैं। इनकी पत्नी मीनाक्षी टुटेजा की पार्लर चैन है, जो रायपुर, दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर सहित अन्य जिलों में संचालित है। बताया जाता है कि रायपुर के देवेंद्र नगर स्थित पार्लर में ही एक महीने का कारोबार 50 लाख का है। इनके बंगले सहित रायपुर और भिलाई स्थित पॉलर में कार्रवाई चल रही है।
  6. एपी त्रिपाठी : अरुण पति त्रिपाठी, इंडियन टेलीकॉम सर्विस के अधिकारी हैं। वर्तमान में इनके पास ओएसडी आबकारी विभाग की जिम्मेदारी है। ये केंद्र से प्रतिनियुक्ति पर आए हैं।
  7. गुरुचरण सिंह होरा : रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) में इंजीनियर रहे गुरुचरण सिंह होरा 2013 के आसपास नौकरी छोड़कर होटल के कारोबार में आए। इसके बाद जमीन के कारोबार में बड़ा काम किया। फिलहाल एक होटल और सिटी केबल न्यूज चैनल के मालिक हैं। इनके ऊपर हत्या का भी आरोप है। होरा का खेल संगठनों और प्रशासन में काफी दखल है। इनके बंगले पर कार्रवाई की जा रही है।

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