डीजीपी का फरमान: अफसरों ने अगर सरकार की आलोचना की तो होगी कार्रवाई - गोंडवाना एक्सप्रेस
gondwana express logo

डीजीपी का फरमान: अफसरों ने अगर सरकार की आलोचना की तो होगी कार्रवाई

रायपुर (एजेंसी) | सुकमा जिला के पूर्व एसपी जितेंद्र शुक्ला के ट्रांसफर विवाद के बाद डीजीपी ने आईपीएस अफसरों को सरकार की नीतियों की आलोचना न करने का कड़े निर्देश जारी किए है। साथ ही इसका उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। पिछले छह दिनों से हो रहे अफसरों की तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए डीजीपी ने यह फरमान सुनाया है।

सुकमा के एसपी जितेंद्र शुक्ला को ट्रांसफर करने के बाद से सरकार और अफसरों के बीच तनातनी

इस मामले में सरकार पहले ही कड़ा रुख अपना चुकी है। ट्रांसफर को मंत्री कवासी लखमा के साथ जवाबी पत्राचार करने वाले सुकमा के एसपी जितेंद्र शुक्ला का ट्रांसफर कर दिया गया था। इसके बाद शुक्ला ने सोशल मीडिया में अपने ट्रांसफर को लेकर हैरानी जताई थी।

इस मामले को भी राज्य सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दो टूक कहा था कि मंत्री को पत्र लिखने का अधिकार किसी एसपी को नहीं है। एसपी ने पत्र लिखा, इसलिए उनका तबादला किया गया है। इस मामले को लेकर विपक्ष के नेता धरमलाल कौशिक ने बदलापुर की राजनीति बताया है।

आईपीएस एसोसिएशन ने भी एसपी जितेंद्र शुक्ला का छोड़ा साथ

हालांकि आईपीएस एसोसिएशन ने भी अपने युवा अफसर का साथ छोड़ दिया है। बता दें कि पिछले साल जब आईएएस शिव अनंत तायल ने भी भाजपा के संस्थापक दीनदयाल उपाध्याय पर टिप्पणी की थी तो राज्य सरकार ने सभी अफसरों के लिए सोशल मीडिया पर सार्वजनिक टिप्पणी के लिए एक आचार संहिता जारी की थी।

सोशल मीडिया गाइडलाइन का कड़ाई से पालन करने का निर्देश

डीजीपी ने अखिल भारतीय सेवा आचरण नियम 1968(7) का हवाला देते हुए कहा कि यह अखिल भारतीय सेवा के सदस्यों को किसी भी प्रकार का जन सामान्य के संचार माध्यमों और अन्य साधनों में किसी भी दस्तावेजों के प्रस्तुतीकरण या कथन को प्रतिबंधित करता है, जो केंद्र या राज्य शासन के सामयिक या वर्तमान नीति या कार्य की आलोचना करता हो। शासकीय अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा सोशल मीडिया के उपयोग संबंधी गाइडलाइन का भी कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है।

Leave a Reply