नई राज्यपाल अनुसुईया उइके ने आज लिया शपथ, शहीद वीर नारायण सिंह को दी श्रद्धांजलि - गोंडवाना एक्सप्रेस
gondwana express logo

नई राज्यपाल अनुसुईया उइके ने आज लिया शपथ, शहीद वीर नारायण सिंह को दी श्रद्धांजलि

रायपुर (एजेंसी) | छत्तीसगढ़ की नवनियुक्त राज्यपाल अनुसुईया उइके सोमवार शाम को पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण लिया। शपथ ग्रहण समारोह शाम 4 बजे राजभपन के दरबार हॉल में संपन्न हुआ। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस राधाकृष्णन उन्हें राज्यपाल पद की शपथ दिलाई। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित शासन प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे।

इससे पहले सुबह राज्यपाल उइके जय स्तंभ चौक पहुंची और शहीद वीर नारायण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। तत्कालीन राज्यपाल बलराम दास टंडर के निधन के बाद से ही प्रदेश में राज्यपाल की नई नियुक्ति का इंतजार किया जा रहा था। अभी तक मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ही प्रदेश के राज्यपाल पद की जिम्मेदारी को संभाल रही थीं।

छत्तीसगढ़ के लोगों को न्याय दिला सकूं, यही उद्देश्य होगा

प्रदेश की राज्यपाल मनोनीत होने के बाद अनुसुईया उइके 27 जुलाई की शाम ही रायपुर पहुंच गई थीं। सोमवार शाम को शपथ ग्रहण कार्यक्रम से पहले उइके ने सुबह राजधानी के विभिन्न स्थानों का दौरा किया। इसके तहत जय स्तंभ चौक, ऊर्जा पार्क सहित अन्य स्थानों पर गईं और यहां के महत्व की जानकारी भी ली।

जय स्तंभ चौक पर श्रद्धांजलि देने के बाद राज्यपाल उइके ने कहा, जनजाति समाज के वीर नारायण सिंह ने आजादी और समाज के लिए अपनी कुर्बानी दी है। राज्यपाल उइके ने कहा कि ऐसे महापुरुषों की प्रेरणा और मार्गदर्शन से हम समाज और राष्ट्र की सेवा कर रहे हैं। उनका जो समर्पण रहा है उससे प्रेरणा लेकर मैं छत्तीसगढ़ के विकास में पूरी तरह से यहां के लोगों को न्याय दिला सकूं, यही मेरा उद्देश्य रहेगा। अनुसुइया उइके छत्तीसगढ़ की पहली पूर्णकालीन महिला राज्यपाल हैं। शपथ ग्रहण कार्यक्रम में राज्यपाल के परिजन भी शामिल थे।

भाजपा की वरिष्ठ नेता है अनुसुइया उइके 

अनुसूईया उईके मध्यप्रदेश की पुरानी भाजपा नेता है। वो राज्यसभा सांसद भी रह चुकी हैं। छिंदवाड़ा में 10 अप्रैल 1957 को जन्मी अनुसूईया राष्ट्रीय जनजाति आयोग की उपाध्यक्ष भी रही हैं। उन्होंने अर्थशास्त्र से एमए करने के साथ ही लॉ की भी डिग्री ले रखी है। अनुसूईया उईको दलित समाज के उत्थान के लिए काम करने पर डॉ. भीमराव अंबेडकर फेलोशिप से भी सम्मानित किया जा चुका है।

अर्थशास्त्र की शिक्षिका रहीं उईके ने इस्तीफा देने के बाद राजनीति में कदम रखा और 1985 में विधायक बनीं। इस दौरान 1988-89 में मध्यप्रदेश में महिला बाल विकास मंत्री का पद भी संभाला। अनुसुइया उइके छत्तीसगढ़ की पहली पूर्णकालीन महिला राज्यपाल हैं। शपथ ग्रहण कार्यक्रम में राज्यपाल के परिजन भी शामिल थे।

Leave a Reply