Chhattisgarh

हाथियों की मौत का मामला: रिटायर्ड आईएफएस ने दायर की जनहित याचिका; हाईकोर्ट ने सरकार और बिजली विभाग से 4 सप्ताह में जवाब मांगा

बिलासपुर | छत्तीसगढ़ में लगातार हुई हाथियों की मौत का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। एक रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी अनूप भल्ला ने जनहित याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि प्रदेश में हाथियों की सबसे ज्यादा मौत करंट लगने से हुई है। वहीं हाथियों ने भी लोगों काे मारा है। याचिका में समस्या के साथ समाधान भी पेश किया है। इसके बाद कोर्ट ने सरकार और बिजली विभाग को 4 सप्ताह में जवाब पेश करने के लिए कहा है।

हाल ही में प्रदेश में हुई 6 हाथियों की मौत का मामला उठाते हुए याचिका में मानव-हाथी द्वंद की समस्या और उसके समाधान की बात कही गई है। अधिवक्ता शिशिर दीक्षित के जरिए याचिका चीफ जस्टिस पीआर रामचंद्र मेनन व जस्टिस पीपी साहू की बेंच में प्रस्तुत की गई है। याचिका में बताया गया है कि पिछले 10 सालों में 100 से अधिक हाथियों की मौत हुई है। वहीं 300 से अधिक लोगों को हाथियों ने मार दिया है।

सोलर फेंसिंग, रेडियो कॉलर की व्यवस्था की जाए

याचिकाकर्ता के तरफ से यह भी बताया गया कि ज्यादातर हाथियों की मौत बिजली तारों की वजह से हुई है। इसलिए सोलर फेंसिंग, रेडियो कॉलर, एलीफेंट क्वार्टर का क्रियान्वयन करने की मांग भी रखी गई। जिससे हो रही घटनाओं पर रोक लगाया जा सके। वहीं मामले की सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ने राज्य शासन का पक्ष रखा। उनकी ओर से बताया गया कि सरकार मानव-हाथी संघर्ष को रोकने के लिए योजनाएं चला रही है। कई योजनाएं लाई भी जा रही हैं।

9 से 18 जून के बीच 6 हाथियों की मौत हुई

  • छत्तीसगढ़ में 9 जून से लेकर गुरुवार तक 6 हाथियों की मौत हो चुकी है। इसमें कई लापरवाही के शिकार हुए हैं। इसमें वन विभाग के
  • साथ-साथ विद्युत विभाग और अराजकतत्वों की भी मिलीभगत सामने आई है।
  • सूरजपुर के प्रतापपुर में 9 और 10 जून को एक गर्भवती हथिनी सहित 2 मादा हाथियों की मौत हुई।
  • बलरामपुर में अतौरी के जंगल में 11 जून को 1 हाथिनी की मौत।
  • धमतरी में माडमसिल्ली के जंगल में कीचड़ में फंसने से 15 जून को एक हाथी के बच्चे की मौत।
  • रायगढ़ के धरमजयगढ़ में 16 और 18 जून को 2 हाथियों की मौत।

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