2 साल में सैकड़ों पेड़ काटे, शहर की पहचान से जुड़े बरसों पुराने वृक्ष भी नहीं छोड़े, अब लगाए जाएंगे फलदार पौधे

रायपुर (एजेंसी) | राजधानी और आउटर में पिछले दो साल में सैकड़ों पौधे काट दिए गए, लेकिन उसके बदले एक नया पौधा नहीं लगाया गया। यहां तक कि कोतवाली और टिकरापारा के सौ-दो सौ साल पुराने उन पौधों को नहीं छोड़ा गया, जो एक तरह से उस इलाके की पहचान थे। पेड़ों की लगातार कटाई से शहर की कई सड़कें पूरी तरह से खुली हो गईं।

अब इस साल वन विभाग ने आउटर से ज्यादा शहर के बीचोबीच पौधा रोपण करने की प्लानिंग की है। इस बार केवल आम, जामुन जैसे फलदार पौधे ही रोपे जाएंगे। घने होने के कारण ये ज्यादा छायादार रहेंगे। शहर में पौधारोपण करने के लिए जगह की तलाश शुरू कर दी गई है। वन विभाग की टीम नगर निगम की मदद लेकर ऐसी सड़क का चयन कर रही है, जहां पौधे रोपनेे से ट्रैफिक या रोड चौड़ीकरण में किसी तरह की दिक्कत नहीं आए। इसके अलावा स्कूल और खाली मैदान व कालोनियों का भी सर्वे किया जा रहा है, जहां पेड़-पौधे नहीं है।

अफसरों ने फील्ड की टीम को निर्देश दिया है कि वे ऐसी जगह जाकर लोगों को पौधारोपण करने के लिए प्रेरित करें। खासतौर पर ऐसी कालोनी और मैदान जहां बिलकुल भी हरियाली नहीं है। अफसरों का कहना है कि ऐसे लोगों को आइडियल के तौर पर पेश किया जाएगा जिन्होंने अपने प्रयासों से पौधारोपण किया है। ऐसे लोगों को पेश कर उनके माध्यम से प्रेरित भी किया जाएगा। इसके लिए अफसरों को निर्देश दिया गया है। वे निगम अमले के माध्यम से ऐसे लोगों का भी पता लगा रहे हैं।

Leave a Reply