PL Punia
Politics

कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस: पुनिया बोले- ‘बघेल सरकार को डराने के लिए इनकम टैक्स के छापे मारे जा रहे’

रायपुर | छत्तीसगढ़ के कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया और राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय में रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेस की। इस दौरान छत्तीसगढ़ में पिछले 4 दिनों से जारी आयकर विभाग की कार्रवाई को लेकर पुनिया ने सवाल उठाए। पुनिया ने कहा- राज्य में भाजपा शासन काल में हुए नान घोटाले की जांच अग्रिम स्थिति में है। इससे बचने और राज्य सरकार को डराने के लिए इनकम टैक्स के छापे मारे जा रहे हैं। यह पूरी कार्रवाई विद्वेष पूर्ण है।

पूनिया ने कहा- भारतीय जनता पार्टी यह महसूस कर रही है कि छत्तीसगढ़ में उनका राजनीतिक सफाया हो रहा है। राज्य सरकार ईमानदारी से काम कर रही है, हमें डरने की जरूरत नहीं है। हम लोग इस कार्रवाई को एक प्रेरणा और चुनौती के रूप में देखेंगे।

नागपुर और दिल्ली भाजपा को पहुंचाए गए पैसे

सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा सरकार के वक्त छत्तीसगढ़ में अनुमानित 36 हजार करोड़ का नान घोटाला उजागर हुआ। गलती से पुलिस के पास एक डायरी आ गई थी, जिसके तथ्यों को तब एक पत्रकार गोष्ठी में रखा गया था। मैं आप लोगों को केवल याद दिलवाऊंगा, उसमें एंट्री थी- 36 हजार करोड़ का एक हिस्सा कथित तौर पर नागपुर और दिल्ली भाजपा कार्यालय में भेजा जा रहा। वह कथित पैसा दिल्ली के भाजपा नेताओं तक आता था।

पैसों से खरीदकर तो सरकार गिरा नहीं सकते

रजेवाला ने कहा- छापेमार कार्रवाईयों के संबंध में हर संवैधानिक और कानूनी पहलू पर सलाह लेकर हम आगे कार्रवाई करेंगे। मोदी और शाह को किस बात से डर लग रहा है, नान घोटाले की डायरी में कौन से राज है कि यह सब लोग घबराए हुए हैं, अब सरकार को खरीद के तो गिरा ही सकते, तीन चौथाई बहुमत है। वहां तो सीआरपीएफ का दुरुपयोग कर रहे हैं। प्रांतीय सरकारों को खत्म किया जा रहा है। मोदी और शाह सरकार में सीबीआई, डीआरई, इनकम टैक्स, गठबंधन सहयोगी हैं। अब सीआरपीएफ को भी सहयोगी बनाने का प्रयोग किया गया है।

कुछ मिला है तो आयकर विभाग बताए…

आयकर विभाग की इस कार्रवाई में कई ठिकानों से करोड़ों रुपए मिलने के सवाल पर सुरजेवाला ने कहा कि याद कीजिए प्रधानमंत्री कार्यालय से चलती है वॉट्सअप यूनिवर्सिटी, उसका पूरा आधार ही सूत्र हैं। वो सूत्र कहां से आ रहे हैं प्रधानमंत्री के निवास से या नागपुर से। अगर कुछ मिला है तो आयकर विभाग आकर कहे, हमेशा सूत्र ही क्यों… यह सूत्र नहीं असूत्र है। सच यह है कि नान घोटाले की जो डायरी मिली थी, उसमें तारीख, समय और नाम के साथ जानकारी है कि पैसा नागपुर गया। जांच चल रही है, जब जांच में असली बात सामने आएगी तो दिल्ली का सिंहासन डोलेगा और नागपुर का शासक भी बोलेगा।

Leave a Reply