राजधानी के भाठागांव, कुशालपुर चौक पर सालभर में 145 हादसे, पुल बनने से मिलेगी एक लाख लोगों को राहत - गोंडवाना एक्सप्रेस
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राजधानी के भाठागांव, कुशालपुर चौक पर सालभर में 145 हादसे, पुल बनने से मिलेगी एक लाख लोगों को राहत

रायपुर (एजेंसी) | राजधानी में रिंग रोड-1 पर जानलेवा हादसों के लिए कुख्यात हो चले कुशालपुर चौक और भाठागांव चौक पर पिछले एक साल में ही 145 हादसे हुए, जिनमें 5 लोगों की जान चली गई। तकरीबन छह वार्डों के लगभग एक लाख लोगों के लिए रिंग रोड को क्रॉस करने का एकमात्र जरिया यही दो चौराहे हैं और सारे हादसे ऐसे हुए कि तेजरफ्तार भारी वाहन इन चौराहों को क्रास कर रहे लोगों को रौंदते हुए आगे बढ़ गए।

लेकिन इन दोनों ही चौराहों पर रविवार की शाम दो फ्लाईओवर का मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महापौर प्रमोद दुबे की मौजूदगी में लोकार्पण किया है। इस तरह, रिंग रोड के भारी वाहन इन फ्लाईओवरों से होते हुए निकलेंगे, इसलिए चौराहा क्रास करने वाले रोजाना लगभग ढाई लाख शहरी लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

करीब दो दशक पहले आउटर में बनाई गई रिंग रोड-1 अब घनी आबादी के बीच आ गई है। तेलीबांधा चौक से लेकर टाटीबंध चौक तक 9 किमी में पिछले दो दशक में उस पार 36 कॉलोनियां मंझोली और बड़ी कॉलोनियां बस गई हैं। इन कालोनियों के लोगों को उस पार जाना ही है।

इसके अलावा सरोना, रायपुरा, भाठागांव, संतोषीनगर, पचपेड़ीनाका और पूरा राजेंद्रनगर इसी सड़क के दूसरी ओर है। फोरलेन रिंग रोड होने की वजह से यहां भारी वाहन रफ्तार से चलते हैं और इन्हीं के बीच से उस तरह के लगभग डेढ़ लाख लोग दिन में कई बार इसी सड़क को क्रास कर रहे हैं।

दोनों पुल तैयार एक महीने से

कुशालपुर और भाठागांव चौक पर फ्लाईओवर करीब महीनेभर से बनकर तैयार है। इन्हें लोकार्पण के लिए रोका गया था। दक्षिण विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने पिछले शासनकाल में मंत्री रहते हुए दोनों चौराहों पर इन फ्लाईओवरों का निर्माण शुरू करवाया था। इसीलिए शासन-प्रशासन में असमंजस था कि लोकार्पण कैसे करें। तीन दिन पहले ही तय हुआ इसे औपचारिक रूप से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से लोकार्पित करवाया जाए, ताकि लोगों को जल्द सुविधा मिलने लगे। सादे आयोजन में रविवार की शाम इनका लोकार्पण कर दिया गया।

भाठागांव फ्लाईओवर 

करीब 25 मीटर चौड़ा और 700 मीटर लंबा यह फ्लाईओवर 33 करोड़ रुपए में बना है। ओवरब्रिज के नीचे लोकल रोड क्रासिंग है। इसकी चौड़ाई 20 मीटर और ऊंचाई साढ़े 6 मीटर है, ताकि बड़े ट्रक भी पार हो सकें। अंतरराज्यीय बस अड्डा पास ही बन रहा है, इसलिए यह पुल बड़ा बनाया गया है। इस फ्लाईओवर से 24 घंटे में चौराहा क्रास करने वाले करीब 60 हजार लोगों को राहत मिलेगी।

कुशालपुर फ्लाईओवर 

यह फ्लाईओवर भी 25 मीटर चौड़ा तथा 640 मीटर लंबा है और 25 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया है। यहां बने अंडरपास से कुशालपुर से चंगोराभाठा जाने और आने वालों को राहत मिलेगी। पुल के नीचे वाली यह रोड भी 20 मीटर चौड़ी है। इस चौराहे से रोजाना सुबह से रात तक 50 हजार से ज्यादा लोग क्रास होते हैं। इनमें भी दोपहिया वाले लोग ज्यादा हैं, जिनका खतरा कम होगा।

फ्लाईओवरों से कनेक्ट हैं ये वार्ड 

कुशालपुर : सुंदरनगर वार्ड, वामनराव लाखे वार्ड और खूबचंद बघेल वार्ड।

भाठागांव : डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी वार्ड, डीडीनगर वार्ड, शहीद पंकज विक्रम वार्ड।

5 साल में वाहन दोगुने से ज्यादा

रिंग रोड-1 पर वाहनों का जबरदस्त दबाव है। तेलीबांधा चौक से टाटीबंध चौक तक रोजाना 1 लाख 62 हजार वाहन गुजरते हैं। इसमें 40 हजार बड़े व भारी वाहन हैं। पीडब्ल्यूडी के सर्वे के मुताबिक वाहनों की संख्या साल दर साल बढ़ रही है। पांच साल पहले करीब 70 हजार गाड़ियाें का दबाव रिंग रोेड पर था। लेकिन यह तेजी से बढ़ रहा है। वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ही रिंग रोड पर मात्र पांच किमी कि दायरे में पांच फ्लाईओवर बना दिए गए हैं। इसके बाद अब टाटीबंध चौक पर भी इंटरचेंज फ्लाईओवर बनाने की तैयारी है।

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