Chhattisgarh Politics

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2020: दूसरे चरण के मतदान में दिखाई दिए नक्सलवाद के दो चेहरे; दंतेवाड़ा में 12 नक्सलियाें ने मतदान किया, वहीं दो धमाके भी हुए

रायपुर | प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में शुक्रवार को 2 हजार 505 ग्राम पंचायतों में दूसरे चरण की वोटिंग समाप्त हो गई है। इस दौरान दंतेवाड़ा के सूरनार में नक्सलियों ने सरेंडर करने से पहले मतदान कर नई मिसाल पेश की, वहीं दूसरी ओर नक्सलियों ने 6 घंटे के दौरान दो ब्लास्ट भी किए। इन ब्लास्ट की चपेट में आकर दो जवान चोटिल हुए हैं।

जानकारी के मुताबिक, पहला ब्लास्ट सुरनार-धनिकरका मार्ग के बीच नक्सलियों ने किया है। बताया जा रहा है कि पंचायत चुनाव के मद्देनजर कलेक्टर, एसपी, एसडीएम इसी मार्ग पर बाइक पर सवार होकर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करने निकले थे। प्रशासनिक अधिकारियों के इस मार्ग पर पहुंचने से पहले ही वहां ब्लास्ट हो गया। इसके बाद दूसरा ब्लास्ट भी कटेकल्याण में ही हुआ। इस बार नक्सलियों ने अपराह्न करीब 3 बजे टेलम में ब्लास्ट किया। जिसकी चपेट में आकर डीआरजी का जवान घायल हो गया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पाटन ब्लॉक के कुरूदडीह ग्राम में मतदान किया


गांव में प्राथमिक शाला में मतदान केंद्र बनाया गया है। मुख्यमंत्री के साथ उनकी धर्मपत्नी मुक्तेश्वरी बघेल के साथ ही पुत्रियों स्मिता बघेल, दिव्या बघेल और दीप्ति बघेल व पुत्र चैतन्य बघेल ने भी मतदान किया। बीजापुर में मतदान कर्मी की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि ब्लड प्रेशर बढ़ने से अचानक सुरेन्द्र पुनेम (30) को हार्ट अटैक हो गया। सुरेंद्र वन विभाग का कर्मचारी था और उनकी ड्यूटी कांकेर के पूजारी मतदान केंद्र क्रमाक 3 में लगी थी।

वहीं मतदान से पहले बलरामपुर की सागरपुर ग्राम पंचायत में गुरुवार देर रात लगभग आधा दर्जन आरोपियों ने मतदान कर्मियों से बदसलूकी और मतपत्र लूट लिए। इस घटना के बाद ग्रामीण और मतदान दल दहशत में हैं। घटना की सूचना मिलते ही एसपी और और कलेक्टर वरिष्ठ अफसरों के साथ मौके पर पहुंचकर गांव वालों से पूछताछ कर रहे हैं। आरोपियों के बारे में पता नहीं चल पाया है। बस्तर विकासखण्ड के सोनार पाल में अभी तक मतदान शुरू नहीं हो सका है। पोलिंग बूथ बदल जाने के कारण नारज ग्रामीणों ने वोट डालने से मना कर दिया है।  विवाद की स्थिति मौके पर एसडीएम और तहसीलदार पहुंचे हैं। इस दौरान प्रशासन और ग्रामीणों के बीच काफी नोंकझोंक भी हुई है। बताया जा रहा है कि वोट डालने सुबह से मतदान केंद्र पहुंच गए थे, लेकिन वहां उन्हें मतदान केंद्र बदले जाने के बारे में बताया गया। इसके चलते  मतदान केंद्र क्रमांक 91 में अब तक वोटिंग शुरू नहीं हो पाई है। पोलिंग बूथ में वार्ड 11 और 12 के मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करना था, लेकिन वोटर लिस्ट की पर्ची में अंग्रेजी में अंक लिखा गया था और मतदान केंद्र गलत लिखा था। दूसरे चरण के मतदान के दौरान पहले दो घंटे में औसत 10 फीसदी वोटिंग का अनुमान है। मतदान सभी जगहों पर शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो रहा है। दंतेवाड़ा में नक्सल प्रभावित क्षेत्र एटेपाल मतदान केंद्र को बड़े गुडरा गांव में शिफ्ट किया गया है। वहीं कुछ जगहों पर मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से गायब होने पर हंगामे मचने की ख़बर भी है।

एक नजर

कुल पंचायतें 2,505
विकासखंड 36
कुल मतदान केंद्र 6,353
कुल मतदाता 30.56 लाख
महिला 15.21 लाख
पुरुष 15.34 लाख
थर्ड जेंडर 33
कुल उम्मीदवार 62,723

मतदान के ठीक बाद मतगणना होगी

36 विकासखंड के 6353 मतदान केंद्रों में साढ़े 30 लाख से ज्यादा मतदाता मताधिकार का प्रयोग कर 62 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। 19870 पंच पदों के लिए 48952 प्रत्याशी, 2300 सरपंच पदों के लिए 10496 प्रत्याशी, 658 जनपद सदस्यों के लिए 2,870 प्रत्याशी और जिला पंचायत के 89 पदों के लिए 405 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इस चरण के लिए 15 हजार से ज्यादा पंच, 101 सरपंच, 19 जनपद सदस्य और एक जिला पंचायत सदस्य निर्विरोध चुना जा चुकी है। मतदान के बाद विजयी उम्मीदवारों की घोषणा और परिणामों का सारणीकरण 2 फरवरी को किया जाएगा। नक्सल पीड़ित इलाकों में वोटिंग सुबह पौने 7 बजे से शुरू हाे गई है, जो कि दोपहर 2 बजे तक और शेष जगह सुबह 7 से 3 बजे तक होगी।

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