Chhattisgarh

जहां लॉकडाउन वहां 7 दिन तक शराब दुकाने रहेगी बंद, आज उमड़ी भीड़, शौकीनों ने गटकी 5 करोड़ की शराब

बिलासपुर/रायपुर | ये तस्वीर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर की है। लॉकडाउन से पहले ग्राम सकरी में देसी शराब दुकान पर सोमवार शाम भीड़ उमड़ पड़ी। हालात इतने बेकाबू हो गए कि मारपीट शुरू हो गई। सूचना मिलने पर सकरी थाना पुलिस मौके पर पहुंचे और असामाजिक तत्वों को भगाकर फिर से लाइन लगवाई।

नगरीय निकाय क्षेत्र में लॉकडाउन के चलते तमाम जगहों पर कारोबार की तालाबंदी के फरमान के बाद शराब काउंटरों पर अचानक से अच्छी खासी भीड़ उमड़ पड़ी है। लॉकडाउन होने के दो दिन पहले शहर के भीतर मौजूद शराब दुकानों पर शौकीन टूट पड़े। दुकानों के कभी भी बंद हो जाने की संभावना के बीच शौकीनों ने जमकर शराब खरीदी की। रविवार को अकेले रायपुर जिले में ही शराब कारोबार सवा चार करोड़ रुपए के पार रहा।

अगले दिन सोमवार को भी भीड़ ऐसी रही कि देर रात के हिसाब में जिले में 5 करोड़ रुपए से ज्यादा शराब बिक्री होने का अनुमान लगाया गया। शहरी क्षेत्र के अलावा इस बार देहात की दुकानों में भी दो दिन अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली। कलेक्टर द्वारा नगरीय निकाय क्षेत्र रायपुर और बीरगांव में लॉकडाउन की घोषणा करने के बाद शहर में शराब कारोबार को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है, लेकिन पहले की तरह संभावना है कि प्रभावित क्षेत्रों में दुकानें बंद रखी जाएंगी।

फाफाडीह, पंडरी, बस स्टैंड, कटोरा तालाब, तेलीबांधा, स्टेशन रोड, आजाद चौक, लाखेनगर और पुलिस लाइन की दुकानों में अच्छी खासी भीड़ लग रही है। सुबह आठ बजे की पाली में सबसे ज्यादा भीड़ रहने के बाद दोबारा शाम छह से आठ बजे के बीच दुकानों में कतारें लगी रहीं।

आमतौर पर हर साल सावन में शराब बिक्री में गिरावट रहती है, लेकिन इस बार लॉकडाउन के फरमान के बाद जिस तरह से कारोबार देखने को मिला है, शराब बिक्री में नया रिकार्ड बना है। सामान्य दिनों में ढाई करोड़ रुपए शराब बिक्री की जगह रायपुर जिले में कारोबार पांच करोड़ रुपए के पार पहुंच गया। ऐसे प्रदेशभर से लॉकडाउन के पहले प्रभावित क्षेत्रों में 15 करोड़ रुपए से ज्यादा की शराब बिक्री का आकलन किया जा रहा है।

ट्रांसपोर्ट नगर स्टाफ बदला शराब बिक्री के दौरान गड़बड़ी करने वाले स्टाफ पर एक बार फिर आबकारी विभाग द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई है। खबर के मुताबिक ट्रांसपोर्ट नगर शराब दुकान से पुराने स्टाफ को तत्काल हटा दिया गया है। एक करीबी सूत्र ने बताया, यहां पर ओवररेट कारोबार की शिकायतें मिल रही थीं। सर्किल अफसर की जांच के बाद मामला उजागर हुआ। वरिष्ठ अफसरों को सूचना मिलने के बाद तत्काल प्रभाव से स्टाफ को बदल दिया गया।

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