आदिवासियों की जमीन लौटाने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का ब्रिटिश संसद करेगी सम्मानित

रायपुर (एजेंसी) | बस्तर में टाटा संयंत्र लगाने के लिए अधिग्रहित की गई जमीन इस्तेमाल नहीं होने पर स्थानीय आदिवासियों को लौटा दी गई थी। इस मामले में यूरोप की मीडिया की सराहना मिलने के बाद ब्रिटिश संसद हाउस ऑफ कॉमंस एवं हाउस ऑफ लॉर्ड्स ने सीएम भूपेश को सम्मनित करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री बघेल दोनों सदनों को संबोधित भी करेंगे। ऐसा करने वाले वे छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री होंगे।

दरअसल बस्तर में टाटा संयंत्र के लिए अधिग्रहित की गई जमीन इस्तेमाल नहीं होने पर भूपेश बघेल की सरकार बनने के बाद आदिवासियों को लौटा दी गई। ब्रिटिश संसद ने बघेल को बस्तर के लोहंडीगुड़ा में टाटा सयंत्र न लगाने पर आदिवासियों की जमीन वापस करने के परिपेक्ष्य में आमंत्रित किया है।

मुख्यमंत्री बघेल संसद के दोनों सदन- हाउस ऑफ कॉमंस एवं हाउस ऑफ लॉर्ड्स को भी करेंगे संबोधित

ब्रिटिश संसद की ओर से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आमंत्रित करने के साथ ही प्रशस्ति पत्र भी भेजा गया है। इसे जमीन फैसले के साथ ही नरवा, गुरवा, घुरवा और बारी के कांसेप्ट को अमलीजामा पहनाने के लिए दिया गया है। मुख्यमंत्री ने इसे स्वीकार कर लिया है और 19 मई को ब्रिटिश संसद को संबोधित करेंगे।

मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि ट्राईबल वेलफेयर मामले को और आगे बढ़ाने क्या किया जा सकता है इस विषय पर भी संबोधित करें। बस्तर में उद्योग के लिए अधिग्रहित जमीन करीब दशक भर बाद फिर आदिवासियों को लौटाई गई है। इस फैसले का स्वागत करते हुए यूनाइटेड किंगडम के दोनों संसद ने सीएम को संसद को संबोधित करने का आग्रह किया है।

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