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Chhattisgarh

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को महाशिवरात्रि की बधाई दी, भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने मंदिरों में उमड़ी भीड़

रायपुर | महाशिवरात्रि का पावन पर्व आज है। इस पर्व के मौके पर मंदिरों को सजाया गया है। मंदिरों में लोग भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। माना जाता है कि जो भी शिवभक्त सच्चे मन से प्रार्थना करता है भगवान शिव उसकी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। लोग शिव की पूजा अर्चना करने के लिए लंबी-लंबी कतारों में मंदिर के बाहर खड़े हैं।

प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को महाशिवरात्रि की बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में महाशिवरात्रि का त्यौहार पूरे भक्तिभाव और उत्साह से मनाया जाता है। त्यौहार सामाजिक बंधुत्व और सौहार्द की भावना को मजबूत करते हैं। सीएम बघेल ने इस पावन अवसर पर प्रदेश की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना की है।


राजधानी रायपुर सहित प्रदेशभर में धार्मिक परंपरा के अनुसार महाशिवरात्रि का त्यौहार मनाया जा रहा है। सुबह से ही शिवालयों में भक्तों की भीड़ देखी जा रही है। श्रद्धालु पूरे भक्तिभाव के साथ भगवान शिव की पूजा अर्चना कर रहे हैं। मंदिर भगवान शिव के जयकारों से गुंजायमान हो गए हैं। शहर के महादेव घाट के हटकेश्वर नाथ में दर्शन के लिए लंबी लाईन लगी हुई है।

महाशिवरात्रि का पर्व शिव भक्तों के लिए बेहद ही खास होता है। क्योंकि इस दिन को शिव भगवान के जन्म के रूप में मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि एक बार भगवान विष्णु और ब्रह्मा जी के बीच श्रेष्ठता को लेकर विवाद चल रहा था। तब उनके विवाद को सुलझाने के लिए भगवान शिव लिंग रूप में प्रकट हुए। एक दूसरी मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इसलिए भी ये दिन खास है।

महाशिवरात्रि का महत्व ईशान संहिता के अनुसार ‘फाल्गुनकृष्णचर्तुदश्याम् आदि देवो महानिशि। शिवलिंगतयोद्भुत: कोटिसूर्यसमप्रभ:। तत्कालव्यापिनी ग्राह्या शिवरात्रिव्रते तिथि:।’ अर्थात् फाल्गुन चतुर्दशी की मध्यरात्रि में आदिदेव भगवान शिव लिंगरूप में अमिट प्रभा के साथ उद्भूत हुए। इस रात को कालरात्रि और सिद्धि की रात भी कहते हैं। यही वजह है कि महाशिवरात्रि के पर्व को शिव साधक बड़ी धूम-धाम से मनाते हैं और पूजा और कीर्तन करते हैं।

यहां चल रहा विशेष पूजन

राजिम पुन्नी मेला

शहर के 45 किमी दूर में स्थित राजिम में शुक्रवार को कुलेश्वर महादेव में विशेष पूजा-अर्चना चल रही है। बता दें कि आज राजिम पुन्नी मेला का समापन होगा। इस दौरान तीर्थ नगरी राजिम में हजारों श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में डुबकी लगा रहे हैं। इस अवसर पर यहां प्रशासन भी विशेष तैयारी की गई है। मालूम हो कि प्रदेश के सबसे बड़े मेले में हजारों की संख्या में लोग शामिल होंगे।

हटकेश्वर महादेव

महादेव घाट स्थित हटकेश्वर महादेव मंदिर शुक्रवार को सुबह चार बजे महाआरती की गई। सुबह से दोपहर तक शिवलिंग पर जलाभिषेक की व्यवस्था की गई है। शाम को भांग, धतूरे, चंदन का लेप करके मनमोहक श्रृंगार किया जाएगा।

बूढ़ेश्वर मंदिर

बूढ़ा तालाब के समीप स्थित बूढ़ेश्वर मंदिर में सुबह पांच बजे से दुग्धाभिषेक पूजा के बाद भक्तों के दर्शनार्थ मंदिर के पट खुले। दोपहर 12 बजे भोलेनाथ को भोग लगेगा। शाम पांच बजे तक श्रृंगार के लिए पट बंद कर दिया जाएगा। रात्रि आठ बजे आरती एवं 11.30 बजे से महानिशा पूजा शुरू होगी जो सुबह 5.30 बजे तक चलेगी।

सुरेश्वर महादेव

कचना रोड स्थित श्री सुरेश्वर महादेव पीठ में सुबह पांच बजे से बाबा भोलेनाथ का पंचामृत, गन्ना रस, सरसों तेल, फलों का रस से अभिषेक किया गया। दोपहर को महाभंडारा, श्रृंगार के पश्चात शाम को महाआरती और भजन संध्या का आयोजन किया गया है।

अघोर पीठ श्रीधाम

प्रोफेसर कॉलोनी अघोर पीठ श्रीधाम सुमेरु मठ औघड़नाथ दरबार में गुरुवार को सुबह से रात तक विविध पूजा अनुष्ठान का आयोजन किया गया है। वहीं आज भी सुबह से पूजन चल रहा है।

महाशिवरात्रि मेला

छत्तीसगढ़ हरदिहा साहू समाज द्वारा निर्मित मां दुर्गा, शिवपार्वती, राम-सीता, राधा-कृष्णा, हनुमान मंदिर अमलीडीह में महाशिवरात्रि मेला का आयोजन शुक्रवार को रखा गया। धनुष साहू ने बताया कि रात्रि में मनोरंजन के लिए छत्तीसगढ़ी लोक कलामंच रंग झरोबा कलाकार दुष्यंत देशमुख बालोद वाले रखा गया है।

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