Chhattisgarh

रायपुर एम्स ने बताया- यहां कोरोना पॉजिटिव के ज्यादातर मामले युवाओं में, वायरस भी कमजोर इसलिए जल्दी ठीक हो रहे लोग

रायपुर | प्रदेश में ज्यादातर कोरोना पॉजिटिव एक सप्ताह के भीतर ही ठीक होकर घर चले गए। सबसे पहली कोरोना पॉजिटिव युवती का इलाज दो सप्ताह तक चला। लोगों के जल्दी ठीक होने की वजह क्या है इसकी जानकारी रायपुर एम्स के डायरेक्टर डॉ. नितिन नागरकर ने दी। उन्होंने कहा कि जो लोग जल्दी ठीक हुए वो युवा हैं, उनमें वायरस कमजोर था। जहां तक जल्दी ठीक होने वालों के फिर से संक्रमित होने की बात है, तो यह आशंका सही नहीं है क्योंकि देश के ज्यादा प्रभावित इलाकों में भी ऐसा केस कोई केस अब तक नहीं आया है

फेफड़ों में इंफेक्शन नहीं

डॉ. नागरकर ने कहा कि यहां मरीजों में लक्षण कम थे, क्योंकि वायरल लोड कम था। ज्यादातर युवा थे। उन्हें कोई मल्टीपल बीमारी भी नहीं थी। अब तक प्रदेश में कोई भी मरीज गंभीर नहीं है। फेफड़े में इंफेक्शन नहीं मिल रहा है, जैसा यूरोपीय या अन्य देशों में हुआ, इस वजह से लोग जल्दी ठीक हो रहे। देश-विदेश में केवल 15 फीसदी मरीजों की मौत हो रही है। प्रदेश में यह जीरो है।

होम क्वारैंटाइन सावधानी ज्यादा

अंबेडकर अस्पताल में छाती रोग विभाग के एचओडी डॉ. आरके पंडा ने बताया कि चीन के अलावा किसी भी देश में कोरोना मरीजों के स्वस्थ होने के बाद दोबारा बीमार होने का केस नहीं आया है। इसलिए इससे घबराने या डरने की जरूरत नहीं है। डॉक्टर के बताए अनुसार नियमित दवा लें। होम क्वारैंटाइन है तो सावधानी जरूर बरतें। परिजन से दूरी बनाएं रखें। अलग हवादार कमरे में रहें। खाने-पीने का बर्तन अलग रखें, दवा में कोई कोताही न हो।

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