Chhattisgarh

वारदात: 5वीं मंजिल के फ्लैट में 50 लाख छिपाए थे, 4 लुटेरे पिस्टल दिखाकर लूट ले गए, 24 घंटे में पुलिस ने आरोपियों को दिल्ली से पकड़ा

रायपुर | देवेन्द्र नगर इलाके में घर में घुसकर कट्टे की नोक पर हुई 50 लाख की लूट मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने लूट के इस मामले को मुस्तैदी दिखाते हुवे 24 घंटे के अंदर ही सुलझा लिया है और पांच आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया है साथ ही लूट की रकम भी बरामद कर ली गई है। घटना को अंजाम देकर दिल्ली के रास्ते राजस्थान भाग रहे 5 आरोपियों को पुलिस ने दिल्ली से 30 किलोमीटर पहले ही चलते ट्रेन में पकड़ लिया और रायपुर ले आई।

मिली जानकारी के मुताबिक राजधानी पुलिस की टीम किसी दूसरे मामले की जांच के सिलसिले में बाहर गई हुई थी, टीम को सूचना दी गई कि रायपुर में लूट की वारदात हुई है। लूट का पता लगाने रायपुर से भी एक टीम रवाना किया गया। बाहर मौजूद टीम ने आरोपियों को दिल्ली में पकड़ लिया। आरोपियों को रायपुर लाया जा रहा है।

शहर के एसएसपी आरिफ शेख ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान की गई थी। पुलिस के पास इस बात का भी इनपुट पहुंचा कि आरोपी पहले नागपुर गए फिर वहां से दिल्ली रवाना हुए। पहले से ही अन्य मामलों की जांच के लिए दिल्ली में मौजूद रायपुर पुलिस की टीम को सूचित किया गया और ट्रेन में आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए।

13 फरवरी की रात आरोपियों ने देवेंद्र में बजरंग शर्मा नाम के व्यक्ति के घर जाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया था। बजरंग प्लाइवुड के पैसों के लेन-देन का काम करता है। इसके पूर्व कर्मचारी मालाराम ने ही आरोपियों जानकारी दी थी। इस मामले में गिरफ्तार युवकों के नाम अशोक जाखड़, प्रेम जाट, जय किशन गोदारा, गणेश जाट और भवर चौधरी है।

बता दें कि रायपुर के देवेंद्रनगर इलाके के टिंबर मार्केट में क्षितिज कांप्लेक्स में शुक्रवार की रात साढ़े नौ बजे प्लायवुड कारोबारी के फ्लैट में 50 लाख की लूट हो गई। चार लुटेरे फ्लैट में घुसे और वहां मौजूद कारोबारी के कलेक्शन एजेंटों को पिस्टल दिखाकर काबू में किया। टेप से उनके हाथ पांव-बांधने के बाद लुटेरे किचन के लॉकर में छिपाकर रखे पचास लाख लूटकर भाग गए।

करीब पौन घंटे बाद दोनों एजेंटों ने किसी तरह अपने मालिक को फोन पर खबर दी। उसके बाद कारोबारी के परिचित आए और उन्होंने दोनों के हाथ पांव खोले। पुलिस को उसके बाद सूचना दी गई। आधी रात पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस को प्रारंभिक जांच में कुछ कांप्लेक्स के आस-पास कुछ संदिग्धों के फुटेज मिले। चारों लुटेरों में किसी ने भी अपना चेहरा छिपाने की कोशिश नहीं की।

लूट की वारदात को इस तरह दिया गया अंजाम

लुटेरे मेन गेट से घुसे। सीधे पांचवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर-505 में घुस गए। ये फ्लैट राजस्थान के प्लायवुड कारोबारी बबलू शर्मा ने किराये पर लिया है। लुटेरों ने फ्लैट की बेल बजायी। फ्लैट में मौजूद बबलू शर्मा के रिकवरी एजेंट बजरंग शर्मा ने दरवाजा खोला। लुटेरे धड़धड़ाते हुए घुस गए। भीतर पहुंचते ही उन्होंने बजरंग को पिस्टल दिखाकर चिल्लाने पर गोली मारने की धमकी दी।

दूसरे कमरे में उसका साथी विजय शर्मा था। वह हॉल में हलचल सुनकर बाहर आया। उसी समय दो लुटेरों ने उसे दबोच लिया और चीखने चिल्लाने पर मार डालने की धमकी दी। उसके बाद लुटेरों ने टेप से दोनों के हाथ पांव बांध दिए। उनके मुंह पर भी टेप चिपका दिया। उसके बाद पचास लाख लूटकर भाग निकले।

कारोबारी बोला- लुटेरों को पहले से पता था पैसे किचन के लॉकर में हैं

लूटकांड की प्रारंभिक जांच में पुलिस को वारदात में करीबियों के हाथ होने का शक है। बजरंग और विजय शर्मा का कहना है लुटेरों को जैसे मालूम था कि पैसे किचन के लॉकर में छिपाकर रखे हैं। वे सीधे किचन में घुसे और बजरंग और विजय को धमकाते हुए कहने लगे- बताओ कहां छिपाकर रखे हो। उसके बाद उन्हें किचन के कैबिनेट का लॉकर खोलने पर पैसे नजर आ गए।

सुरक्षा गार्ड ने रोका पर नहीं की रजिस्टर में एंट्री

कांप्लेक्स के गेट पर शुक्रवार की रात सुरक्षा गार्ड रामरतन की ड्यूटी थी। उसने भास्कर को बताया। वे अपने रजिस्टर में कुछ देख रहे थे, उसी समय चार युवक पैदल कांप्लेक्स के छोटे गेट से घुसे। उन्होंने गेट पर रोका और पूछा कहां जाना है? चारों में किसी ने जवाब नहीं दिया। वे सीधे लिफ्ट की ओर बढ़ने लगे। मैंने उनसे कहा- सर रजिस्टर में एंट्री तो करते जाइए। ये सुनकर एक आदमी पलटा।

उसने कहा ये लिफ्ट से आकर एंट्री करते हैं। फिर वे आगे बढ़ गए। कुछ पल रुकने के बाद मैं पीछे गया, लेकिन तब तक वे ऊपर जा चुके थे। मैंने सोचा लौटकर आएंगे तो एंट्री करवा लूंगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। चारों वापस ही नहीं आए। रात को अचानक पुलिस घुसी तब पता चला वो लोग तो लूटने आए थे। फ्लैट की बेल बजाकर उन्होंने दरवाजा खुलवाया।

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