पाकिस्तान में कट्टरपंथियों की रैली, पीएम इमरान के सामने आई बड़ी चुनौती

न्यूज़ एजेंसी | पाकिस्तान के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री इमरान खान के लिए बुधवार की रैली पहला इम्तिहान साबित होगी कि वह 25 जुलाई को हुए चुनावों में उनका समर्थन करने वाली पार्टी तहरीक-ए-लबैक से कैसे निपटते हैं। दरअसल इस्लामी समूह के सदस्य बुधवार को डच सांसद गीर्ट विल्डर्स के खिलाफ रैली के लिए इस्लामाबाद पहुंच रहे हैं। विल्डर्स नवंबर में पैगंबर मोहम्मद के कार्टून की एक प्रतियोगिता कराने की योजना बना रहे हैं। इस्लामी संगठन उनके इस कदम का विरोध कर रहे हैं।




समूचे पाकिस्तान में मुसलमान इस प्रतियोगिता की आलोचना कर रहे हैं और इसे इस्लाम को बदनाम करने की साजिश बता रहे हैं, क्योंकि अल्लाह या पैगंबर मोहम्मद का भौतिक चित्रण, भले ही सकारात्मक रूप में क्यों न किया गया हो, उनके मज़हब में वर्जित है।

खान ने इस कार्टून प्रतियोगिता के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समर्थन मांगा था और उनकी सरकार ने डच राजदूत के समक्ष विरोध भी दर्ज कराया था, लेकिन उनके निष्कासन की मांग पर अभी इनकार किया है। तहरीक-ए-लबैक ने 2017 में एक संवैधानिक विधेयक में पैगंबर मोहम्मद का संदर्भ दिए जाने पर इस्लामाबाद में रैली के जरिए आम जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया था।



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