अधिकारियो की कैसी जाँच; लाठीचार्ज हुआ कांग्रेस भवन में और अधिकारी जांच कर रहे मंत्री के बंगले में हुई घटना का

बिलासपुर (एजेंसी) | कांग्रेस भवन में पुलिस के लाठीचार्ज को जांच अधिकारी मंत्री के बंगले के घेराव के दौरान की घटना बता रहे हैं। इसी आशय का पत्र उन्होंने एसपी को लिखकर यह कहा है कि पुलिस के बल प्रयोग से कुछ कांग्रेसी घायल हुए थे। उस घटना के संबंध में बिंदुवार जानकारी दें। इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यहीं है कि जब पुलिस ने कांग्रेस भवन में लाठियां बरसाई थी तो जांच अधिकारी उसे मंत्री के घर के पास का होना क्यों बता रहे हैं। जांच अधिकारी उइके ने कहा था कि घटनास्थल लिखा होना पर्याप्त है। घटना के संबंध में नियमानुसार जांच होगी। अब पत्र में घटना स्थल कांग्रेस भवन की बजाय मंत्री के बंगले को बताया जा रहा है।

दरअसल 16 सितंबर को मंत्री अमर अग्रवाल ने कचरे से खाद बनाने वाले प्लांट के उद्घाटन पर भाषण दिया। आक्रोशित कांग्रेसियों ने 18 सितंबर को उनके बंगले पर कचरा फेंका। एएसपी नीरज चंद्राकर ने पुलिस कर्मियों के कांग्रेसियों पर ताबड़तोड़ लाठियां बरसाईं। प्रदेश महामंत्री अटल श्रीवास्तव सहित 15 कांग्रेसी घायल हुए।

सबसे बड़ा सवाल: जांच के पहले अधिकारी ने क्यों बदल दी घटना की जगह 

18 सितंबर को कांग्रेसियों ने मंत्री के राजेंद्र नगर स्थित बंगले पर कचरा फेंक दिया और कांग्रेस भवन चले गए। आधे घंटे बाद एएसपी नीरज चंद्राकर ने पुलिस कर्मियों के साथ कांग्रेस भवन में कांग्रेसियों पर ताबड़तोड़ लाठियां बरसाईं। उससे प्रदेश महामंत्री अटल श्रीवास्तव सहित कई कांग्रेसी जिसमें महिलाएं भी शामिल थीं घायल हुए।

इस दौरान मीडियाकर्मी भी मौजूद थे और वहां से होकर गुजरते लोगों ने भी यह घटना देखी। 19 सितंबर को सिविल लाइन थाने के घेराव, प्रदेश अध्यक्ष के दिल्ली दौरे, 20 सितंबर को पूरी पीसीसी के आंदोलन करने और राज्य सरकार की किरकिरी के बाद एएसपी चंद्राकर को मुख्यालय अटैच किया गया।




मुख्यमंत्री ने सात बिंदुओं में दंडाधिकारी जांच के आदेश दिए। कांग्रेस ने शाम को धरना खत्म कर दिया। जांच अधिकारी अपर कलेक्टर बीएस उइके ने 6 अक्टूबर तक शपथ पत्र मांगा। चार व पांच अक्टूबर को 37 कांग्रेसियों ने शपथपत्र दिया। उइके ने एसपी को लिखे पत्र में घटना मंत्री अमर अग्रवाल के सिविल लाइन स्थित निजी निवास में होना बताया है।

पत्र में उन्होंने लिखा है कि मंत्री के बंगले में 18 सितंबर को घेराव कार्यक्रम था। उस दौरान पुलिस बल द्वारा बल प्रयोग किया गया। जिससे शहर, जिला कांग्रेस कमेटी के कुछ कार्यकर्ता घायल हो गए थे। उक्त संबंध में बिंदुवार जानकारी प्रस्तुत करें।

आदेश में गायब था घटना स्थल

दंडाधिकारी जांच के आदेश में भी घटनास्थल का जिक्र नहीं किया गया था। इस पर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी ने आपत्ति करते हुए ऐसा जानबूझकर करना बताया था जबकि जांच अधिकारी उइके ने कहा था कि घटनास्थल लिखा होना पर्याप्त है। घटना के संबंध में नियमानुसार जांच होगी। अब पत्र में घटना स्थल कांग्रेस भवन की बजाय मंत्री के बंगले को बताया जा रहा है।

अधिकारी को नतीजे का इंतजार

इस मामले की पहली पेशी 19 दिसंबर को रखी गई है। एसपी को लिखे पत्र में कहा गया है कि वे इससे पहले लिखित में जवाब प्रस्तुत करें। सिम्स और जिला अस्पताल से भी जानकारी मांगी गई है लेकिन एसपी का जवाब सबसे महत्वपूर्ण रहेगा। वह इसलिए क्योंकि लाठीचार्ज की घटना को पुलिस ने अंजाम दिया है। वहीं यह भी माना जा रहा है कि जांच अधिकारी को चुनाव नतीजे का भी इंतजार है, तभी तो पेशी 19 दिसंबर को रखी गई है।

सिम्स ने बताया पांच हुए थे भर्ती 

सिम्स के संयुक्त संचालक को पत्र लिखकर जांच अधिकारी उइके ने घायल और इलाज करने वाले डॉक्टर- नर्स की सूची मांगी थी। सिम्स प्रबंधन ने केजुअल्टी प्रभारी सीएमओ डॉ. रिजवान सिद्दीकी, डॉ.अजबर सिंह, डॉ.सुनील पेंद्रो, डॉ.एन वरूण, नर्स निर्मला राव, हेमलता नेताम, संदीप कौर, अनिता धीवर का ड्यूटी पर होना तो अटल श्रीवास्तव, आशा पांडेय, विशाल यादव, अकबर अली, दिनेश सिरिया को भर्ती होना बताया है।



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