अमृतसर ट्रेन हादसे पर PM मोदी और CM रमन सिंह ने शोक व्यक्त किया, - गोंडवाना एक्सप्रेस
gondwana express logo

अमृतसर ट्रेन हादसे पर PM मोदी और CM रमन सिंह ने शोक व्यक्त किया,

अमृतसर (एजेंसी) | पंजाब के अमृतसर शहर के जोड़ा बाजार में रावण दहन देख रहे लोग शुक्रवार को दो ट्रेनों की चपेट में आ गए। जोड़ा रेलवे फाटक के पास हुए हादसे ने दशहरे की खुशी मातम में बदल दी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पटाखों के शोर में किसी को ट्रेन का हॉर्न सुनाई नहीं दिया और दो ट्रेनें पटरियों पर खड़े लोगों को रौंदते हुए गुजर गईं। मंजर ऐसा था कि किसी का पैर कहीं पड़ा था, तो किसी का सिर कहीं पड़ा था। चश्मदीदों ने कहा कि हादसे के बाद रेल पटरियों के 150 मीटर के दायरे में लाशें बिखरी नजर आ रही थीं। इसे देखकर 1947 के बंटवारे का मंजर याद आ गया।

लोगों ने कहा- मदद को नहीं आया प्रशासन

चश्मदीदों ने कहा कि मृतक संख्या 200 तक भी जा सकती है। हादसे के बाद प्रशासन तुरंत मदद को नहीं अाया। जिन मांओं ने अपने बच्चे खोए हैं, उनका क्या होगा? एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि हादसे में कई बच्चे और महिलाएं मारे गए।


वीडियो देखे

अस्पताल पहुंचे सांसद परिजनों के गुस्से की वजह से लौटे

गुरु नानक देव अस्पताल में दाखिल घायलों का हालचाल जानने सांसद गुरजीत सिंह औजला पहुंचे। घायल परिजनों ने आक्रोश की वजह से उन्हें बैरंग वापस लौटना पड़ा।

प्रधानमंत्री-गृहमंत्री ने हादसे पर दुख जताया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- अमृतसर हादसे से गहरा दुख पहुंचा। ये दिल दहला देने वाला हादसा है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हादसे में जिन लोगों ने अपनों को खोया है, उनका दुख शब्दों में नहीं बयां किया जा सकता है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मैं ईश्वर से सभी दिवंगत जनों की आत्मा को शांति व शोक संतप्त परिजनों को इस कठिन घड़ी में धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना करता हूँ। परमात्मा सभी घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।

गौरतलब है कि कल विजयादशमी के दिन पंजाब के शहर अमृतसर के जोड़ा बाजार में पटरियों से महज 200 फीट की दूरी पर पुतला जलाया जा रहा था। रावण दहन का कार्यक्रम शाम 6 बजे था। जिसमे मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू जो कि चीफ गेस्ट थी देरी से पहुंचीं। इस कारण से कार्यक्रम 7 बजे के बाद शुरू हुआ, तब तक अंधेरा हो चुका था। तक़रीबन 7:12 PM बजे के आसपास जालंधर एक्सप्रेस करीब 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से वहाँ मौजूद लोगों को रौंदते हुए गुजर गई। जिसके बाद रेल पटरियों के 150 मीटर के दायरे में लाशें बिखरी नजर आ रही थीं।



Leave a Reply